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नवीन शैक्षणिक सत्र: दमोह में शिक्षक नहीं किसान पढ़ाएंगे बच्चों को शिक्षा का पाठ

नवीन शैक्षणिक सत्र: दमोह में शिक्षक नहीं किसान पढ़ाएंगे बच्चों को शिक्षा का पाठ°अधिकारियों के साथ सफल किसान, व्यापारी भी बच्चों को पढ़ाएंगे, बांटेंगे अनुभव – १ हजार से ज्यादा ने कराया रजिस्ट्रेशन, आज से शुरू हो रहा है प्रवेशोत्सव

दमोहJun 17, 2024 / 08:02 pm

Samved Jain

Damoh Education

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दमोह. डेढ़ महीने के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद आज से फिर से स्कूलों में बच्चों की गूंज सुनाई देगी। इसे उत्सव के रूप में मनाने के लिए शिक्षा विभाग ने तीन दिनी ्रप्रवेशोत्सव कार्यक्रम रखा है। जिसके पहले दिन आज स्कूलों में शुभारंभ कार्यक्रम होंगे। दूसरे दिन अभिभावकों के साथ शिक्षकों की बैठक सहित अन्य कार्यक्रम तय है। जबकि तीसरे दिन का उत्सव विशेष रहेगा, क्योंकि इस दिन जिले के मंत्री, विधायक से लेकर सरपंच तक, नेता, वकील, पत्रकार, अधिकारी, शिक्षाविद, साहित्यकार सहित अन्य वह व्यक्ति जो बच्चों को उनके सफल जीवन से रूबरू करा सकें। बच्चों को आत्मा से जोड़कर उनका उत्साहवर्धन कर सकें, ऐसे लोग अलग-अलग स्कूल में जाकर कक्षाएं लेंगे।

खास बात यह है कि इनमें इस बार सफल किसान और व्यापारी भी नजर आएंगे, जो बच्चों को अपनी सफलता के मंत्रों से अवगत कराएंगे। इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों के दिमाग में रचनात्मक विचार तो आएंगे ही, साथ ही उनका मानसिक और बौद्धिक विकास भी इससे संभव है। कुछ बच्चे अतिथियों के विचारों से प्रभावित होकर नया मुकाम भी लिखने तैयार हो सकते हैं।

तीसरा दिन बच्चे करेंगे भविष्य से भेंट


तीसरा दिन एकदम विशेष कार्यक्रम है, जिसका नाम है भविष्य से भेंट। यह कार्यक्रम इस तरीके का होगा कि जिसमें जिले के जो प्रसिद्ध लोग हैं, प्रभावशाली लोग हैं, खिलाड़ी, मीडिया और अलग-अलग क्षेत्र में जो गणमान्य नागरिक है और जिन्होंने अच्छा काम किया है। इसमें सफल किसान और व्यापारी भी शामिल किए गए हैं। एक लिंक के माध्यम से सभी ने अपना रजिस्ट्रेशन कराना है। जो सब्मिट होने के साथ उन शाला के विद्यार्थियों के साथ आप अपने अनुभव बांटेंगे। अपनी सफलता की कहानी बताएंगे। उन विद्यार्थियों को मोटीवेट करेंगे, जैसे भी आप कर सकते हैं। यह कार्यक्रम 20 जून को होगा। अभी तक १ हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन इस लिंक के माध्यम से हो चुके हैं।

ऐसे रहेगा प्रवेशोत्सव का पहला यानि बच्चों का दिन

अभियान के अंतर्गत इस बार राज्य सरकार ने व्यवस्था बनाई है उसके अनुसार यह तीन दिवसीय कार्यक्रम रहेगा। पहले दिन 18 जून को शाला में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम मनाया जाएगा। सीएम राइज दमोह में मुख्य कार्यक्रम होगा, जिसमें मंत्री शामिल होंगे। इसके अलावा प्रत्येक शाला के अंतर्गत कार्यक्रम होगा, इसमें जन प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया गया है, सभी विद्यार्थी उपस्थित होंगे। पूर्व विद्यार्थी भी आएंगे और इसमें खास फोकस इस बात पर रहेगा कि जो अप्रवेशी बच्चे हैं, जो शालात्यागी बच्चे हैं, जो पन्नी बीनने वाले बच्चे हैं, उन बच्चों का स्कूलों में प्रवेश कराएंगे। पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी कराया जाएगा और उसी दिन एक विशेष भोजन बच्चों के लिए कराया जाएगा।

दूसरा दिन अभिभावकों का, ऐसी है नई व्यवस्था

दूसरा दिन 19 जून विद्यार्थियों के अभिभावकों को समर्पित है। इस दिन शिक्षकों और अभिभावकों की चर्चा जिसको अभिभावक-शिक्षक बैठक कहते हैं, मनाई जाएगी। इसमें हम स्कूल की सभी गतिविधियों की जानकारी अभिभावको को देंगे कि साल भर कैसे-कैसे पढ़ाई होगी, जो नई व्यवस्था लागू की गई है उसके बारे में बताया जाएगा। कैसे साप्ताहिक परीक्षा होगी, कैसे मासिक परीक्षा लेंगे, कैसे पीटीएम होगी, कैसे कॉपी जांच होगी, सारी व्यवस्थाओं के बारे में अभिभावक को जानकारी दी जाएगी। इसके लिए एक पत्र सभी अभिभावकों को लिखा गया है यह कार्यक्रम पूरी तरह से अभिभावकों पर केंद्रित है।

क्या कहते है कलेक्टर

कलेक्टर सुधीर कोचर कहते है कि प्रवेशोत्सव से ही हमारा शिक्षा की बेहतरी को लेकर दृश्य देखने मिल जाएगा। जिले के नागरिकों, सफल व्यापािरयों, किसानों, खिलाडयि़ों, पत्रकारों, वैज्ञानिकों और सभी क्षेत्र के लोगों से आग्रह करते हुए कहा स्कूल का चयन करें और जरूर उस स्कूल में पढ़ाने के लिए जाएं। आप में से बहुत सारे लोग ऐसे होंगे जो किसी न किसी स्कूल के पूर्व छात्र रहे होंगे, उस स्कूल से विशेष आकर्षण होता है। स्कूल में जाकर पेड़ अवश्य लगाइए।

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