315 करोड़ की सिंचाई परियोजना पर छाए संकट के बादल

अधर में लटकी सतधरु सिंचाई परियोजना, शासन से नहीं मिली स्वीकृति

By: pushpendra tiwari

Published: 05 Sep 2019, 05:04 AM IST

पुष्पेंद्र तिवारी दमोह. सिंचाई विभाग की महत्तवाकांछी परियोजनाओं में से एक सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना का लोकार्पण होने के बाद निर्माण कार्य भले ही शुरु कर दिया गया। लेकिन अभी संपूर्ण परियोजना को शासन की स्वीकृति नहीं मिली है। जबकि डेम व केनाल निर्माण की टैंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शासन की स्वीकृति नहीं मिलने की वजह से खटाई में पड़ी यह मध्यम परियोजना पूरी होगी या नहीं फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता है। बताया गया है कि 315.65 करोड़ लागत की इस परियोजना के निर्माण कार्यों को अलग अलग बांटा गया है। इसमें 27 करोड़ की लागत से डेम का निर्माण होना है। इसका कार्य 4 जून 2018 से शुरु कर दिया गया था। वहीं 99.62 करोड़ की लागत से बनाए जाने वाले केनाल निर्माण की टैंडर प्रक्रिया 11 सितंबर 2018 को विभाग द्वारा पूरी की जा चुकी है। लेकिन अभी शासन ने इस पर स्वीकृति नहीं दी है।
68 गांव में सिंचाई का लक्ष्य
सतधरू परियोजना के तहत 68 गांवों की 20 हजार हैक्टेयर भूमि में सिंचाई किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा इस योजना के तहत दो फिल्टर प्लांटों का निर्माण व 260 पानी की टंकियों का निर्माण कर 647 गांवों की जलापूर्ति भी की जानी है। लेकिन इस परियोजना के पूरे होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया द्वारा इस परियोजना के तहत निर्माण शुरु होने का भूमिपूजन जून 2018 में किया गया था। जलसंसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार परियोजना अंतर्गत बनाए जाने वाले डेम निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति 5 जून 2017 को मिली थी।
एक साल में नहीं बन सका डेम
डेम का निर्माण कार्य अमरीश त्रिपाठी ठेकेदार द्वारा शुरु किया गया था। लेकिन हुए कार्य अंतर्गत अभी तक कुछ हिस्से में खुदाई ही हो सकी है। पिछले कुछ माह से कार्य बंद होना बताया गया है जबकि कार्य शुरु हुए एक साल से अधिक समय बीत चुका है। हालांकि मौके पर निर्माण कंपनी के वाहन, मशीनें रखीं हुईं हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार डेम निर्माण के लिए डूब क्षेत्र में आने वालीं किसानों की जमीनों का अधिग्रहण व मुआवजा की कार्रवाई विभाग द्वारा डेम का निर्माण शुरु होने से पहले पूरी कर ली गई थी।
आंदोलन की कर रहे तैयारी
जिले में ङ्क्षसचाईं की मध्यम परियोजनाओं में शामिल सतधरू परियोजना, सीतानगर परियोजना व साजली परियोजना का कार्य बंद होने को लेकर भाजपा द्वारा सरकार के विरुद्ध आंदोलन किए जाने की रुपरेखा तैयार कर ली गई है। पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया ने बताया है कि भाजपा सरकार द्वारा जल कल्याण के लिए इन बड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ किया था। लेकिन सरकार बदलते ही हालात बदल गए। कांग्रेस सरकार द्वारा परियोजनाओं के तहत कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा इसके खिलाफ भाजपा द्वारा बृहद आंदोलन किया जाना है जिसकी तैयारियां की जा रहीं हैं।
स्वीकृति आपेक्षित
जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एसके जाटव ने बताया है कि सतधरु परियोजना के तहत होने वाले निर्माण कार्य दो पार्ट में होना है। इसमें एक पार्ट डेम निर्माण व दूसरा पार्ट केनाल निर्माण है। डेम निर्माण को पूर्व स्वीकृति मिल चुकी थी और वर्तमान में ठेेकेदार द्वारा कार्य किया जा रहा है। लेकिन अभी केनाल निर्माण की टैंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन की साधिकार समिति से स्वीकृति मिलना आपेक्षित है। स्वीकृति प्राप्त होते ही संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य शुरु किया जाएगा। अभी तक स्वीकृति क्यों नहीं मिली इसकी जानकारी नहीं है।

pushpendra tiwari Reporting
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