scriptबाजार में खुलेआम हो रहा अमानक पॉलीथीन का उपयोग | Non-standard polythene is being used openly in the market | Patrika News
दमोह

बाजार में खुलेआम हो रहा अमानक पॉलीथीन का उपयोग

नगर व क्षेत्र में एक बार फिर पॉलिथीन का चलन बढ़ा

दमोहJul 11, 2024 / 12:30 pm

Samved Jain

तेंदूखेड़ा. नगर व क्षेत्र में प्रशासन की सख्ती और निर्देश के बाद भी बाजार में खुलेआम अमानक पॉलीथीन का उपयोग हो रहा है। ज्यादातर दुकानदार अमानक पॉलीथीन में वस्तुएं रखकर ग्राहकों को दे रहे हैं। उपयोग के बाद लोग इन पॉलीथीन को कचरे के साथ या सड़क किनारे फेंक देते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के साथ मवेशियों के लिए भी खतरनाक है। बाजार में खुलेआम हो रहा अमानक पॉलीथीन का उपयोग, सख्ती के अभाव में आए चलन में शासन प्रशासन के नुमाइंदो द्वारा अमानक पॉलीथीन कार्रवाई की बात की जाती है, इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका उपयोग क्यों हो रहा है, इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
हैरानी की बात है कि दीवालों पर हर जगह लेखन करवाया गया है कि पॉलिथीन का उपयोग पूर्णत: बंद कर दिया गया है इसका उपयोग न करें उसके बावजूद नगर व क्षेत्र में धड़ल्ले से पॉलिथीन का उपयोग हो रहा है और यह पॉलिथीन मवेशियों के लिए घातक सिद्ध हो रही हैं।

टीम ने जानी हकीकत

दो तीन साल पहले बड़े पैमाने पर बड़े भंडार कर्ताओं पर कार्रवाई करके काफी हद तक अमानक पॉलीथीन के प्रसार पर रोक भी लगा दी गई थी, लेकिन अब हालात फिर से वैसे ही हो चुके हैं। सख्ती के अभाव में अमानक पॉलीथीन फिर से चलन में आ चुके हैं। दुकानदार सामान अमानक पॉलीथीन में ही दे रहे हैं। यदि वे नहीं देते तो ग्राहक खुद इसकी मांग करते हैं।
नगर में पत्रिका टीम ने, फल, सब्जी व किराना दुकान में स्टिंग करते हुए सामान खरीदा, जिस पर बिना कुछ बोले ही दुकानदारों ने अपनी आदत अनुसार अमानक पॉलीथिन में सामान रखकर दिया

लोग बोले: पॉलीथिन न की जगह जूट और कपड़े के थैले का उपयोग करना होगा जरूरी

तेंदूखेड़ा. नगर के दुकानदार धड़ल्ले से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कर रहे हैं। नतीजन, नगर की सड़कों, गलियों में आसानी से पॉलीथिन का कचरा पड़ा दिखाई दे जाता है। जबकि यह सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंधित है। शहर के लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझना होगी और पॉलीथिन के उपयोग को न कहना होगा। सड़कों पर पड़ी पॉलीथिन में खाद्य सामग्री होने से अक्सर गाय पॉलीथिन भी खाद्य सामग्री के साथ खा लेती है। पॉलीथिन खाकर नगर में गाय मौत का शिकार हो रहीं हैं। इसके लिए हमें पॉलीथिन की जगह जूट और कपड़े के थैले का उपयोग करने का स्वयं संकल्प लेना होगा।
दरअसल, नगर में प्रतिदिन बड़े पैमाने पर कचरा निकलता है। इस कचरे में प्लास्टिक वाला कचरा भी रहता है। इसके साथ ही गोवंश अक्सर सड़कों पर पड़ी पॉलीथिन को सड़कों पर वाले खा लेते हैं। यह प्लास्टिक व पॉलीथिन आंतों से लिपटकर पेट के अंदर रह जाती है।

ये हैं लोगों का कहना

जब बीमार गाय की सूचना मिलती है। तो उस गोवंश का इलाज कराने पर पता चलता है कि लंबे समय से पॉलीथिन खा रही है। गाय पॉलीथिन खा तो लेती हैं, लेकिन उसे पचा नहीं पातीं। नतीजा यह उनके पेट के अंदर आंतों से लिपटकर गेंद की तरह बन जाती है। जिससे गाय की मौत तक हो जाती है।
संजय जैन, गोशाला अध्यक्ष तेंदूखेड़ा

नागरिकों को सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर जूट व कपड़े से बने थैलों क उपयोग करने के लिए जागरुक होना होगा। जूट व कपड़े से निर्मित थैलों का उपयोग करने के लिए सामाजिक स्तर पर व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, आम नागरिकों के बीच पहुंचकर जन जागरुकता अभियान चलाना होगा। तभी सिंगल पूज प्लास्टिक पर रोक लगना संभव हो सकता है।

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