अब लोग नहीं भगवान पहन रहे ऊनी स्वेटर

ऊन के स्वटेरों का ट्रेंड अब लड्डू गोपाल के लिए

By: Rajesh Kumar Pandey

Published: 03 Jan 2020, 08:08 AM IST

दमोह. लोगों में ऊनी स्वटेरों का ट्रेंड अब कम होने लगा है। लोग अब लेदर या कपड़े व फर के बने हुए गर्म कपड़ों को पसंद कर रहे हैं। अब शर्ट, फ्लोवर, जर्किन रेडिमेड आने से ऊन की बनी स्वेटरों का चलन कम हो गया है, लेकिन ऊन की डिमांड अब भी बड़ी हुई है। ऊन अब इंसानों के बजाए भगवान की सर्दी भगा रहा है।
ऊन के स्वटेरों से लड्डू गोपाल की पोशाक बनाई जा रही है। हालांकि महिलाएं जो स्वटेर बनाना जानती है वह अपने घरों के मंदिर के लिए अब भी ऊनी पोशाक का निर्माण कर रही हैं, यही पोशाकें अब बाजार में भी आने लगी हैं। ऊन व क्रोशिया की बारीक कारीगरी से मार्केट में लड्डू गोपाल की एक से बढ़कर एक पोशाक बाजार में उपलब्ध हैं।
जो महिला अपने भगवान के लिए ऊनी वस्त्र नहीं बना सकती हैं वह बाजार से खरीद रही हैं, जो महिला स्वेटर बुनना जानती हैं वह घरों में ही अपने लड्डू गोपाल के लिए एक से बढ़कर एक स्वेटर तैयार कर रही हैं।
स्वटेर का क्रेज घटा
गौरतलब है कि पहले सर्दी से बचने के लिए लोग हाथ के बुने ऊनी स्वेटरों का इस्तेमाल करते थे। एक से एक डिजाइनिंग स्वेटर पहनने के बाद महिला का हुनर झलकता था, लेकिन समय के साथ ऊनी स्वेटरों का ट्रेंड घटने लगा है, लेकिन स्वेटर बुनने का हुनर जानने वाली महिलाओं ने अब यह हुनर भगवान के ऊनी वस्त्रों में बनाने में लगा दिया है, जिससे ऐसी महिलाओं के बनाए स्वेटर अब बाजार में नजर आ रहे हैं।

Rajesh Kumar Pandey Desk
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