लाखों रुपए कर्ज लेकर दिए नपा को फिर भी नहीं मिले मकान

पेमेंट नहीं होने से ठेकेदार ने बंद किया पीएम आवास योजना के तहत बनाए जा रहे एलआइजी एमआइजी मकानों का निर्माण

By: pushpendra tiwari

Published: 03 Dec 2019, 04:02 AM IST

दमोह. शहर के समन्ना बाइपास से सटकर प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत बनाए जा रहे एमआइजी व एलआइजी मकानों का निर्माण कार्य पेमेंट नहीं होने की वजह से ठेकेदार द्वारा बंद कर दिया गया है। उधर महीनों पहले बैंकों से लाखों रुपए का कर्ज लेकर नपा से मकान आवंटित करा चुके लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। यही हाल गरीबों के लिए बनाई गई आवास कॉलोनी का है। यहां पर साढ़े सात लाख की लागत से तैयार हुए 1356 आवासों में से 90 फीसदी आवास वीरान पड़े हैं। करीब पांच सौ से अधिक लोगों को आवास आवंटित किए जा चुके हैं। यहां पर भी आवास लेने वाले अधिकांश गरीब तबके के लोग हैं जिन्होंने कर्ज लेकर राशि जमा की थी।
पत्रिका द्वारा निर्माण कार्य बंद होने को लेकर सोमवार को मौका स्थिति जानी। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी निभा रही एजेंसी के मैनेजर जसवंत सिंह ने बताया है कि ४०८ एलआइजी मकान बनाए जाने हैं और 120 एमआइजी श्रेणी के मकान बनाए जाना है। एमआइजी मकानों का निर्माण शुरु नहीं हुआ है। लेकिन एलआइजी मकानों का कार्य किया जा रहा था जो पिछले कुछ दिनों से बंद कर दिया गया है। मैनेजर जसवंत का कहना है कि पेमेंट नहीं होने के कारण काम बंद किया गया है और जब तक पेमेंट नहीं होता है तब तक कार्य दोबारा शुरु नहीं होगा। उधर काम बंद होने की वजह से आवास कॉलोनी में जल संकट की समस्या का समाधान होना संभव नजर नहीं आ रहा है। निर्माण एजेंसी द्वारा पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी बंद कर दिया गया है।
मौके पर देखा गया कि 60 फीसदी से अधिक एलआइजी आवासों का स्ट्रेक्चर पूरा नहीं हो सका है और अभी यह भी तय नहीं है कि बंद कार्य दोबारा कब तक बहाल होगा।
लाखों रुपए बैंक से लिया कर्ज
15 लोगों द्वारा बैंक फाइनेंस कराकर आवंटित हुए 22 लाख रुपए कीमती एलआइजी आवास लिए हैं। हालांकि निर्माण पूरा नहीं होने की वजह से अभी इनका रहवास शुरु नहीं हुआ है। पिछले एक माह तक आवास योजना के प्रभारी रहे सब इंजीनियर सुशील अग्रवाल ने बताया है कि करीब 300 फार्म मकानों के बिक चुके हैं जो आवंटन की प्रोसेस में हैं। अग्रवाल ने बताया कि जिन लोगों के बैंक फाइनेंस हो चुके हैं उनके मकानों की राशि नपा को प्राप्त हो चुकी है।
भृत्य के हाथों में 200 करोड़ की योजना
सब इंजीनियर सुशील अग्रवाल का स्थानांतरण जिले की हटा नगरपालिका में हो गया है। लेकिन आवास कॉलोनी के प्रभारी के रुप में किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। वर्तमान में दैनिक वेतन भोगी आशीष दुबे जो करीब एक साल पहले ही भृत्य के पद पर स्थाई हुए हैं वह २०० करोड़ की योजना की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। निर्माणाधीन आवास कॉलोनी में बना नपा के कार्यालय का संचालन आशीष दुबे द्वारा किया जा रहा है, जो नपा प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शा रहा है। सोमवार को आशीष दुबे मौके पर नहीं थे। इनके कार्यालय में रहने की पतासाजी करने पर निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि दुबे अपनी कार से आते हैं और कुछ देर रुककर चले जाते हैं। वहीं सब इंजीनियर सुशील अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल प्रभार किसी के पास नहीं है आशीष दुबे ही कार्य भार संभाल रहे हैं।
बिल्डिंग से सटे झोपड़ों में रहने वालों को लाभ नहीं
पीएम आवास कॉलोनी की बिल्डिंग से सटकर ही करीब 100 गरीब परिवार झोपड़ों में अपनी जिंदगी बिता रहे हैं। इन लोगों से बात की तो बीड़ी बना रहीं महिलाओं ने कहा कि उन्हें कुटीरें नहीं दी गई हैं। जबकि योजना के शुरुआती दिनों में ही आवेदन फार्म जमा कर दिए थे। महिलाओं ने कहा कि नपा के अधिकारी चाहते हैं कि हम लोग यहां न रहे हैं। इसी कारण आधे से अधिक लोगों के पट्टे भी जारी नहीं किए हैं मात्र ०९ परिवारों के पास ही पट्टे हैं।

वर्जन
1356 आवासों का कार्य पूरा हो चुका है। यहां पर परिवार भी रह रहे हैं। पानी की समस्या के स्थाई हल के लिए पानी की टंकी बन रही है। एजेंसी द्वारा राशि की मांग की गई है। कार्य बंद करने की जानकारी नहीं दी गई है मैं इसे दिखवाता हूं।
कपिल खरे, सीएमओ

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