इस शहर में घरों के बाहर लगाए पोस्टर राजनैतिक लोग वोट न मांगें, ये है कारण

इस शहर में घरों के बाहर लगाए पोस्टर राजनैतिक लोग वोट न मांगें, ये है कारण

vivek gupta | Publish: Sep, 07 2018 01:40:24 PM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

एससीएसटी एक्ट का विरोध

दमोह. एससीएस टी का विरोध समूचे बुंदेलखंड के साथ दमोह में भी देखने मिल रहा है। हालांत यह हैं कि बंद के बाद जिले में लोगों ने अपने घरों के सामने पोस्टर लगा रखे हैं। शहर के फिल्टर कॉलोनी सिविल वार्ड नंबर एक में लोगों ने अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए जिसमें लिखा कि हम सामान्य वर्ग पिछड़ा वर्ग के लोग हैं, एससीएसटी एक्ट का विरोध करते हैं, राजनैतिक पार्टियां वोट न मांगें, एक देश एक कानून। इस तरह से लिखकर लोगों ने सभी राजनैतिक दलों का विरोध करना शुरू कर दिया है।

सपाक्स के आव्हान पर दमोह जिले की को भी बंद रखे जाने का निर्णय लिया गया था। जिसमें जिले में दमोह के साथ जबेरा, तेंदूखेड़ा, पटेरा, पथरिया, हटा, बटियागढ़ कुम्हारी, सहित ग्रामीण अंचलों में भी महाबंद देखा गया। सुबह से स्कूल पहुंचे बच्चों को वापस घर लौटना पड़ा। जिले भर में पेट्रोल पंप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रखे गए। स्कूल-कॉलेज एवं व्यापारियों का खुला समर्थन मिलने के बाद जिला अधिवक्ता संघ ने भी बंद का समर्थन किया। जिले में धारा 144 लागू होने के कारण रैलियां स्थगित रहीं। लेकिन लोगों ने सड़कों पर उतरकर बंद का समर्थन किया। हालात यह रहे कि जिले भर में लोगों को चाय-पान के लिए तरसना पड़ा। शहर के फिल्टर कॉलोनी सिविल वार्ड नंबर एक में लोगों ने अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए जिसमें लिखा कि हम सामान्य वर्ग पिछड़ा वर्ग के लोग हैं, एससीएसटी एक्ट का विरोध करते हैं, राजनैतिक पार्टियां वोट न मांगें, एक देश एक कानून। इस तरह से लिखकर लोगों ने सभी राजनैतिक दलों का विरोध करना शुरू कर दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीएम आनंद कोपरिहा, एएसपी विक्रम सिंह कुशवाहा, सीएसपी आलोक शर्मा, एसडीएम रविंद्र चौकसे सहित भारी पुलिस फोर्स जिले भर में तैनात रहा। आंदोलनकारियों की हर समय वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती रही। महाबंद को लेकर व्यापारी संगठन संगठनों ने एक दिन पूर्व ही दुकानें बंद रखने की घोषणा कर दी थी। कलेक्टर डॉ. विजय कुमार जयरमन तथा पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने भी शहर का जायजा लिया। सुबह से ही दुकानें बंद रखे जाने के बाद शाम 4 बजे दुकानें खोली गईं। इस दौरान सपाक्स के संभागीय अध्यक्ष मनोज देवलिया ने महाबंध में सहयोग करने वालों का आभार माना। जिलेभर में आयोजित महा बंद के दौरान कहीं भी कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई।

सड़कों पर उतरे वकील-
जिला अधिवक्ता संघ में संघ के अध्यक्ष पंकज खरे की अध्यक्षता में बाररूम में बैठक आयोजित की गई। जिसमें सभी सदस्यों ने अपना पक्ष रखते हुए बंद का समर्थन करने की सहमति जताई। इसके बाद संघ के सभी अधिवक्ता अलग-अलग मौन जुलूस के रूप में सड़कों पर उतरे। न्यायालय परिसर से शुरू होकर मुख्य मार्गों से शहर के हृदय स्थल घंटाघर से वापस मुख्य मार्गों से न्यायालय परिसर पहुंचे। इस दौरान संघ के सभी महिला अधिवक्ताओं ने भी रैली में पैदल मार्च किया। बाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपते हुए बंद का समर्थन किया। सभी वकीलों ने काली पट्टी भी बांध रखी थी। संघ अध्यक्ष पंकज खरे, सचिव आर्शीवाद चतुर्वेदी सहित सभी पदाधिकारियों व वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना था कि राजनैतिक लोगों ने देश के सर्वोच्य न्यायालय का आदेश ही बदल डाला जो दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीति के लिए समाजों को बांटने का जो कार्य किया गया है, इससे सभी लोग आक्रोशित हैं।

स्कूल, पेट्रोल पंप, दवा दुकानें, मंडी रही बंद -
शहर में सुबह से ही दुकानें बंद करने के लिए सपाक्स के संभागीय अध्यक्ष मनोज देवलिया सहित अनेक व्यापारी, विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग सड़कों पर दिखाई देने लगे थे। जिन्होंने लोगों से बंद का आव्हान किया। इस बीच सभी ने खुलकर समर्थन किया। पेट्रोलपंप सुबह १० से शाम चार बजे तक पूरी तरह से बंद रहे। स्कूलों में पहुंचे बच्चे भी वापस घर आ गए। स्कूलों को भी बंद रखा गया। पहली बार दवा दुकानों को बंद का समर्थन मिला। कुछ दुकानें इमरजेंसी को छोड़कर शेष दवा दुकानें बंद रहीं। कृषि उपज मंडी में भी व्यापारियों ने खुला समर्थन दिया था । जिससे मंडी में भी सूनापन रहा। सर्वर डाउन होने से एटीएम भी बंद रहे।
चौकस रही पुलिस व जिला प्रशासन -
जिले भर में बंद के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती रही। सुबह से ही तैनात रहे पुलिस जवानों के साथ अधिकारियों ने पूरे शहर व ग्रामीण अंचलों में मार्च किया। पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस अधीक्षक स्वयं शहर में निकले, जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर ने भी शहर का जायजा लिया। शहर में एएसपी विक्रम सिंह कुशवाहा, सीएसपी आलोक शर्मा, थाना प्रभारी कोतवाली अरविंद सिंह दांगी, देहात थाना प्रभारी अनिल सिंह, यातायात प्रभारी आरके गौतम, सहित महिला पुलिस भी सड़कों पर भ्रमण करती रही।

घरों में कैद रहे भाजपा-कांग्रेस के नेता -
महाबंद को देखते हुए व सपाक्स के आंदोलन को अपार समर्थन देखते हुए नेताओं ने अपने घरों में रहना ही उचित समझा। जिले के पथरिया, जबेरा, व हटा विधायक सड़कों पर नजर नहीं आए। दमोह विधायक एवं वित्तमंत्री जयंत मलैया छतरपुर में ही रहे। भाजपा एवं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी भी लापता रहे। कोई भी राजनैतिक पदाधिकारी सड़कों पर नजर नहीं आया।

भोले को चढ़ाने प्रसाद चढ़ाने को तरसे भक्त -
सिद्धक्षेत्र श्रीजागेश्वर धाम बांदकपुर में महाबंद को लेकर प्रसाद की दुकानें भी बंद होने से भक्तों को परेशानी हुई। जिले के अलावा दूरदराजों से पहुंचे भक्तों को केवल शिव जी को जलाचढ़ाकर संतुष्ट होना पड़ा। उन्हें प्रसाद चढ़ाने के लिए कोई भी दुकान खुली नहीं मिली।

शाम चार बजे खुला बाजार-
सुबह से ही बंद रहे दमोह का बाजार शाम चार बजे ज्ञापन देने के बाद खुल गया। बंद के दौरान लोगों को चाय पान के लिए भी तरसना पड़ा। बंद के मौन समर्थन के दौरान हर कोई नजर आया। पहली बार यह देखने मिला कि सवर्ण के साथ पिछड़ा वर्ग, अल्प संख्यक व कर्मचारी संगठनों से जुड़े लोग भी समर्थन करते नजर आए।

हटा में रहा महा बंद -
हटा. एससीएसटी एक्ट को लेकर हटा के साथ आस-पास ग्रामीण अंचलों में भी महाबंद का असर देखने मिला।
तीन बत्ती तिराहा पर एकत्रित हुए सभी समाजों के प्रतिनिधियों एवं व्यवसाईयों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण बन्द के बाद दोपहर एक बजे विशाल समूह के साथ एसडीएम हटा को एक ज्ञापन सौंपा गया। बुधवार शाम सपाक्स प्रतिनिधि मंडल द्वारा आम जनता से की गई अपील के बाद दूसरे दिन गुरुवार को भी एनोंसमेंट होने से लोगों ने अपना समर्थन देकर बंद के साथ नजर आए। सभी छोटे बड़े प्रतिष्ठान बंद रखकर बन्द का व्यापारियों ने भी समर्थन किया। अंधियारा बगीचा से अस्पताल, रतन बजरिया, बड़ा बाजार, बसस्टैंड, मंदिर मस्जिद चौराहा, राय चौराहा सहित अन्य स्थानों पर स्थापित सभी दुकानें स्वैच्छिक रूप से बंद के समर्थन में पूरी तरह बंद रखी गईं। अनेक निजी स्कूलों द्वारा भी प्रार्थना के बाद बच्चों को छुट्टि दे दी गई।
बन्द के दौरान एसपी व कलेक्टर भी हटा पहुंचे। जिन्होंने एसडीओपी कार्यालय पहुंचने के बाद वापस अन्य स्थानों के लिए रवाना हुए। बंद के आयोजकों ने राजयपाल के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
तेंदूखेड़ा में भी रहा २ बजे तक महाबंद-
तेंदूखेड़ा. सुबह से नगर के साथ ग्रामीण अंचलों में भी बंद का असर देखने मिला। सुबह से बंद रहीं दुकानों को दोपहर २ बजे के बाद खोला गया।
गुरुवार को भारत बंद के आह्वान पर नगर भी संपूर्ण रूप से बंद रहा। सुबह से ही नगर में स्थित लोगों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बजे सपाक्स से जुड़े सदस्य श्रीराम मंदिर पहुंचे और वहां से एक विशाल जुलूस नगर के बसस्टैंड, विद्यानगर, सुपर मार्केट, पंचवटी मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर से होकर तारादेही तिराहा पर एकत्रित हुए। जहां पर एससी एसटी एक्ट के संबंध में अनेक लोगों ने अपने विचार रखे। बाद में एक ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान निर्मल कुमार मोदी, विवेक कुमार जैन, आशीष, पं. रमेश तिवारी, कपिल गोंटिया, शोभाराम नामदेव, विवेक जैन, अजीत कुमार जैन, जितेंद्र बिल्थरे ने एक्ट का विरोध करते हुए बंद का समर्थन किया। एससी एसटी एक्ट के विरोध में बसस्टैंड पर जब यह जुलूस पहुंचा तो वहां पर आसपास खड़ी गाऐं भी जुलूस के आगे-आगे चल रही थीं। जुलूस तहसील परिसर पहुंचा जहां प्रधानमंत्री के नाम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन देने के दौरान करीब पांच सौ से अधिक लोगों की भीड़ देखने मिली। इस दौरान एसडीएम नारायण सिंह, एसडीओपी बीपी समाधिया, नगर निरीक्षक जेपी ठाकुर , तहसीलदार मोनिका वाघमारे, एसआई श्रीराम ठाकुर सहित भारी पुलिस बल उपस्थित रहा।

खड़ेरी में भी रहा बंद का असर-

खडेरी. भारत बंद के आव्हान पर खड़ेरी में भी बंद रहा। ग्रामीण अंचल में भी भारत बंद का असर देखा गया। खड़ेरी गांव में सुबह से ही दुकानें बंद रहीं जिसका असर लगभग दोपहर 3 बजे तक रहा। 3 बजे तक दुकानें बंद रहने के बाद सभी ने अपनी दुकानें खोलीं, जिसके बाद लोगों को किराने की सौदा सहित चाय-पान नसीब हो सका।
पटेरा,जबेरा, बनवार क्षेत्र में भी रहा बंद का असर -

जबेरा/बनवार.तेजगढ़/पटेरा. एसटीएससी एक्ट के विरोध में 6 सितंबर को किए गए बंद को जनपद मुख्यालय से लेकर बंद का व्यापक असर देखने को मिला। क्षेत्र में तेजगढ़, जबेरा, बनवार, मालाबम्होरी, पटेरा, अभाना, बांदकपुर में भी महाबंद देखने मिला। लोगों ने सपाक्स के आव्हान पर स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा। क्षेत्र के बसस्टैंड पर भी सन्नाटा पसरा रहा। सुबह से की बंद हुईं दुकानें शाम चार बजे खोली गईं। जिसके बाद लोगों ने जरूरतों की सामग्री की खरीददारी की। पटेरा में भी बंद का व्यापक असर देखने मिला।
तेजगढ़ व सिंग्रामपुर रहा बंद -
सिंग्रामपुर में भी भारत बंद के समर्थन में सिंग्रामपुर में भी सुबह से पूरा बंद रहा मार्केट बाहर गांव से आए हुए लोगों को करना पड़ा मुसीबतों का सामना मेडिकल से लेकर किराना दुकान पूरी तरह रही बंद रहीं। लोगों को सुबह से शाम तक दुकान के सामने बैठकर दुकानें खुलने का इंतजार करना पड़ा। निजी स्कूल भी पूरी तरह से बंद रहे। बाद में एक ज्ञापन चौकी प्रभारी को सौंपा गया। ज्ञज्ञपन देने वालों में अखिल जैन, सनी, हैप्पी, हर्षल, अक्कू, शुभम, संजय शुक्ला, अक्षय, विवेक जैन, दीपक, शैंकी जैन, अनिल जैन, आकाश राय, श्याम सुंदर विश्वकर्मा, प्रशांत प्यासी, महेंद्र शुक्ला, अजय राय आदि लोगों की उपस्थिति रही।
कुम्हारी, फतेहपुर, देवडोंगरा में भी रहा बंद -
जिले के कुम्हारी, फतेहपुर, देवडोंगरा सहित अन्य ग्रामीण अंचलों में भी लोगों को दिन भर चाय पान के लिए परेशान होना पड़ा। राज सामग्री खरीदकर खाने वालों के लिए सुबह से बंद हुईं दुकानें खुलने का इंतजार करना पड़ा। हालात यह रहे कि लोगों को चाय पान व नास्ता का इंतजाम भी नहीं हो सका। देव डोंगरा में गुरुवार को साप्ताहित हाट बाजार लगता था। लेकिन वह महाबंद के समर्थन में पूरी तरह से बंद रहा।
पथरिया, बटियागढ़, बांसा में भी रहा बंद -
पथरिया सहित बटियागढ़, बांसा, मडिय़ादो, कुम्हारी, रनेह, हिंडोरिया, मगरोन सहित अन्य सभी ग्रामीण अंचलों के व्यापारी भी समर्थन में रहे। बंद होने से क्षेत्रीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

 

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