इस फिल्म ने किया कमाल,महिलाओं की दूरियों को नजदीकियों में बदला

बुंदेलखंड के पिछड़े दमोह में छात्राओं ने दिखाई बे-बाकी...

By: Samved Jain

Published: 10 Feb 2018, 04:02 PM IST

दमोह. पैडमैन फिल्म के आने के बाद जिसके बारे में कोई चर्चा नहीं होती थी, जिसे रहस्य के रूप में रखा जाता था, वहीं महिलाओं से अलग व्यवहार किया जाता था। अब इस पर जहां युवतियां व युवा बोल रहे हैं, वहीं प्रदेश के वित्तमंत्री ने भी भरी सभा में युवाओं को फिल्म देखकर पुरानी कुप्रथा से दूर रहने का संदेश
दिया है।
पैडमैन फिल्म पर पत्रिका ने शुक्रवार को पीजी कॉलेज में युवतियों के साथ चर्चा की। जिसमें छात्राओं ने फिल्म पर बेबाकी से बताया कि मासिक धर्म एक शारीरिक प्रक्रिया है। इससे होने वाली बीमारियों से बचने के लिए सुरक्षित पैड व स्वच्छता ज्यादा जरूरी है। इस पैड के सहारे इन छात्राओं ने कुप्रथा पर भी विरोध जताया कि उन पांच दिनों में बुंदेलखंड अंचल में सबसे ज्यादा भेदभाव किया जाता है। उन दिनों कोई युवती या महिला बरी, पापड़ न छू ले। किचन में प्रवेश न कर ले। मंदिर न जाए। सबसे अलग-थलग रहे। उन पांच दिनों में ऐसा व्यवहार किया जाता है कि वह सबसे अलग-थलग नजर आने लगती है। छात्रा प्रतिभा धुर्वे, महिमा चौराहा, रोशनी जैन ने कहा कि महिलाओं के लिए अरुणाचल के मुरनाथम ने बहुत मुश्किलें झेली हैं, वह महिलाओं के रियल हीरो हैं, जिन पर पूरी फिल्म केंद्रित है।
जिसे हम युवाओं द्वारा सराहा जा रहा है, यह फिल्म निश्चित ही महिलाओं व युवतियों के लिए एक नई क्रांतिकारी फिल्म है। जिसके माध्यम से पैड के माध्यम से पुरानी कुरीतियों पर भी प्रहार किया गया है।

जो सालों से छुपता रहा अब खुलकर बोल रहे
अरुणाचल मुरनाथम पिटता था। एक दिन ट्राई किया ब्लड लिया फुटबॉल पाइप से लेकर पैंटीज ली सेनेटरी साइकिल चलाई खुदी सफलता ओनली मैन जिसने खुद पैडमैन रियल पहुंचा दर पीढ़ी पाबंदी रोक पीरियड नापाक अस्वच्छ हो जाती है, सोच नहीं बदल सकती हर महीने हसबैंड मुझे लेके बाहर सो बरामदा किचन में मत आओ इसको हाथ अशुद्ध मानती पांच दिन कोई छूना मत यह रो रही अब अचार खराब, पापड़ खराब इस मच उसका साइंटिफिक रीजन है खुद पड़ा है।
युवाओं को संदेश देने वाली फिल्म: वित्तमंत्री
पीजी कॉलेज में बतौर मुख्य अतिथि वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया ने अपने भाषण में युवाओं को कहा कि अक्षय कुमार अच्छी संदेशात्मक फिल्म बनाते हैं उनकी एक कराते वाली फिल्म भी आई थी। अब उनकी नई फिल्म आई है, जो युवाओं को नया संदेश दे रही है। इस फिल्म को सभी को देखना चाहिए।
प्रेरणादायक फिल्म है
युवा महेंद्र राठौर का कहना है कि हमारे मार्गदर्शक वित्तमंत्री ने भी इस पर खुलकर बात की है। बुंदेलखंड अंचल में हमें इसका प्रयास करना होगा ताकि महिलाओं में होने वाले संक्रमणों से निजात मिल सके।
कठिनाइयों को समझना होगा
युवा राघवेंद्र सेन ने कहा कि पैडमैन फिल्म ने महिलाओं की कठिनाइयों को उजागर किया है। मासिक धर्म के दौरान पैड की महत्ता को हमें समझाना होगा। घर में चली आ रही कुप्रथाओं को समाप्त करना होगा।
कई तरह के संक्रमण होते हैं
युवा आलोक मुखरैया का कहना है कि उन्होंने दो साल जिला अस्पताल में काम किया है। वहां देखा है कि अब भी ग्रामीण महिलाओं में झिझक व पुराने कपड़े उपयोग करती हैं। जिससे उन्हें संक्रमित बीमारियां होती हैं।

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