विकास के नक्शे से गायब है जरूआ गांव

विकास के नक्शे से गायब है जरूआ गांव

pushpendra tiwari | Publish: Sep, 11 2018 01:26:41 PM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

आज भी बिजली, पानी, सड़क व स्कूल के लिए लगाए टकटकी

दमोह/ तेंदूखेड़ा. भले ही सरकार के जनप्रतिनिधियों द्वारा तेंदूखेड़ा तहसील क्षेत्र में भरपूर विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इस तहसील क्षेत्र के कुछ गांव ऐसे हैं जो बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर बने हुए हैं। इन गांवों में रहने वाले लोगों की परेशानियां सरकारी दावों की हकीकत सामने ला रहीं हैं।


ऐसे ही गांव में शामिल तहसील क्षेत्र का जरूआ गांव है। इस गांव में लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस गांव के लोग जहां मटमेला नाले का दूषित पानी पी रहे हैं तो वहीं शाम ढलते ही गांव बिजली के अभाव में अंधकार में डूब जाता है। इसके अलावा यदि बात गांव के बच्चों को मिलने वाली शिक्षा की करें तो उसका स्तर भी निम्न श्रेणी में है। वहीं इस गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं व तहसील जनपद से संचालित होने वाली योजनाओं का लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।


वनोपज पर टिकी इनकी जिंदगी


इस गांव के लोगों के लिए रोजगार के कोई साधन नहीं हैं। मौके की पड़ताल से यह बात सामने आई है कि यहां के ग्रामीणों का जीवन यापन वनोपज पर टिका हुआ है। वनों से लकड़ी, चरवा, महुआ व अन्य वनोपज लाकर यहां के लोग अपना जीवन यापन कर रहे हैं। खासबात यह है कि गांव की इस हालत से प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन रोजगार के लिए कोई इंतजाम नहीं हो सके हैं। सरकार की मनरेगा भी इस गांव में रोजगार मुहैया नहीं करा पा रही है।


घुटनों तक कीचड़ भरी सड़क


इस गांव में पक्की सड़क सुविधा भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही है। बारिश के इन दिनों में स्थिति यह है कि गांव पहुंच मार्ग कीचड़ रूपी दलदली मार्ग में तबदील हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि घुटनों तक कीचड़ में सनकर आवागमन करना हमारी मजबूरी बना हुआ है।


ग्रामीणों के लिए यह समिति कर रही कार्य


गांव में ग्रामीण विकास समिति के सदस्य इस गांव के लोगों के लिए लंबे समय से काफी प्रयास कर रहे हैं। लेकिन समिति सदस्य इन्हें वह सुविधाएं मुहैया कराने में अक्षम हैं जो इन ग्रामीणों का हक हैं। लोगों को दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए इस समिति द्वारा देसी फिल्टर तैयार कर दिए गए थे।


समिति के धर्मपालव अन्य साथियों द्वारा प्रशासनिक प्रयास भी इस गांव के लोगों को सुविधाएं दिलाए जाने के लिए किए जा रहे हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को इस समिति की मेहनत व ग्रामीणों की मजबूरी नजर नहीं आ रही है।


पीएम आवास योजना गांव तक नहीं पहुंची


देश भर में पीएम आवास योजना व स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। लेकिन विकास के सरकारी नक्शे से जरूआ गांव गायब है। यहां के लोगों को पीएम आवास योजना व शौचालय निर्माण योजना का लाभ नहीं मिला है। बताया गया है कि जनगणना के समय इस गांव के लोगों को जनगणना में शामिल नहीं किया गया था। यही कारण है कि जब भी इस गांव के लोगों को सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाने की बात प्रशासनिक अधिकारियों से की जाती है तो वह यह तथ्य सामने लाकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।


गांववासियों का कहना


ग्राम के चन्नू सिंह, मिहीलाल, संतोष सिंह, रमेश, कैलाश, सोने सिंह, वर्षा रोहिणी, ग्यारसी, स्वाति, माया ने बताया कि गांव में किसी प्रकार की सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। हम लोगों को योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है।


करेंगे चुनाव का बहिष्कार


ग्रामीण इस बार चुनाव का बेसर्बी से इंतजार कर रहे हैं। दरअसल इस गांव के लोगों ने सुविधाओं को पाने के लिए हजार जतन करके देख लिए हैं, लेकिन परिणाम सिफर रहा। अब नाराज ग्रामीणों ने चुनावी के विरूद्ध कदम उठाने का मन बना लिया है। ग्रामीणों द्वारा यह बात कही जा रही है कि उन्हें शीघ्र ही सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिलाया जाता है तो चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।


वर्जन


इस गांव का सर्वे तो करा लिया गया है, पीएम आवास और शौचालय का आगे बनना भी तय हो गया है, लेकिन कब बनेंगे यह कहा नहीं जा सकता है, अभी तो एक भी शौचालय और पीएम आवास इस गांव में नहीं है।
मनीष बागरी, सीईओ

 

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