जुलाई माह के 12 दिन में हर दिन बढ़े पेट्रोल के दाम

सोमवार को पहुंच गया 110 रुपए प्रति लीटर

By: Rajesh Kumar Pandey

Updated: 12 Jul 2021, 10:17 PM IST

दमोह. शहर में सोमवार को पेट्रोल के दाम 110.०३ रुपए प्रति लीटर पहुंच गए जो अब तक के सबसे महंगे दाम है। पेट्रोल के दामों में हर दिन हो रही वृद्धि से छोटी वेतन वाले नौकरी पेशा जो फील्ड वर्कर हैं, अब उनका बजट बिगडऩे लगा है।
पेट्रोल के दामों में लगातार वृद्धि होती देख लोग अनुमान लगा रहे हैं कि यदि इसी तरह की वृद्धि दर रही तो जुलाई माह खत्म होते-होते पेट्रोल 150 रुपए लीटर पर पहुंच जाए तो कोई अचरज की बात नहीं है। जुलाई माह में अमूमन हर दिन पेट्रोल के दामों में बढ़त हुई है। रविवार को जहां पेट्रोल 109 रुपए पर था, वहीं सोमवार को 110 रुपए पर पहुंच गया। लगातार वृद्धि से अब पेट्रोल को लेकर लोगों में रोष बढऩे लगा है।
लोग पेट्रोल भराते समय दाम देखकर हल्की परेशानी और बजट बिगड़ता हुआ महसूस कर रहे हैं। सबसे ज्यादा बाइकों से रोजी रोटी चलाने के लिए फील्ड वर्किंग करने वाले वर्करों को अब बढ़ते दाम अखरने लगे हैं। लोगों का कहना है कि कोरोना काल में आय घटी है और खर्चे बढ़े हैं। मप्र में सबसे ज्यादा टैक्स होने से दमोह में सबसे ज्यादा महंगा पेट्रोल बिक रहा है। कहीं से राहत न मिलने से अब लोग आहत हैं।
15 से 20 हजार रुपए के मासिक वेतन पाने वाले अनेक नौकरी पेशा हैं जिन्हें अपने काम के सिलसिले के लिए बाइक का उपयोग करना पड़ता है। अब एवरेज घट रही है। बढ़ते पेट्रोल के दामों में पंपों पर कम पेट्रोल पहले की अपेक्षा दिया जा रहा है, बढ़ते दामों के बाद भी पंपों की निगरानी नहीं हो रही है कि उनके द्वारा सही माप को पेट्रोल दिया जा रहा है, या नहीं, बाइकों की एवरेज घटने से महंगा पेट्रोल होने से खपत बढ़ है।
कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रजु यशोधरन कहते हैं कि पेट्रोल के दाम बढऩे के कारण सबसे ज्यादा मध्यम वर्गीय पर कुठाराघात किया जा रहा है। कम आमदनी वाले लोग अब बाइक चला रहे हैं। बाइकों के बगैर लोगों के काम नहीं हो रहे हैं। एक व्यक्ति एक दिन मेें 200 से 500 रुपए तक का पेट्रोल जला रहा है। वहीं जो फील्ड वर्कर हैं, वसूली या अन्य कार्य करते हैं अब उनको मिलने वाली वेतन से ही पेट्रोल का खर्चा 4 से 5 हजार रुपए होने लगा है। जिससे वह अब घर चलाए या अपना काम करे पशोपेश में है। पेट्रोल के दाम 110 रुपए पर पहुंच गए हैं, जिससे सरकार की मंशा पेट्रोल के दाम 150 रुपए प्रति लीटर करने की हो रही है।
अब मन ही मन उपज रहा रोष
पेट्रोल के दामों में लगातार वृद्धि होने के कारण अब लोगों के मन ही मन रोष उपज पा रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा पेट्रोल की लगातार वृद्धि के विरोध में अब तक पूरी ताकत से विरोध नहीं जताया गया है, जबकि भाजपा जब विपक्ष में थी तब पेट्रोल के दामों को लेकर मोदी से लेकर शिवराज तक साइकिल पर निकल पड़ते थे। अटल जी इंदिरा शासन में बैलगाड़ी लेकर निकल पड़े थे। अब राजनीतिक रूप से जनता समझ चुकी है कि उनकी व्यथा प्रमुखता से उठाने के लिए कोई दल नहीं है। इसलिए वह मौन होकर चुनावों का इंतजार कर रही है। जिस तरह का मौन धारण कर उनसे दमोह विधानसभा उपचुनाव में करारा जवाब दिया था। अब वह आगामी 2 साल सहते हुए 2023 व 2024 के चुनाव का कर रही है।

 
Rajesh Kumar Pandey Desk
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