सड़क सुरक्षा सप्ताह पर ये है शहर की हालत, देखिए ये गलियां हैं या सड़कें

सड़क सुरक्षा सप्ताह - सड़कों पर खड़े रहे ऑटो, फुटपाथ पर लगी रहीं दुकानें

By: lamikant tiwari

Published: 25 Apr 2018, 10:03 AM IST

दमोह. पुलिस विभाग ने सड़क सुरक्षा व दुर्घटनाओं को कम करने को लेकर शासन के आदेश पर सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मैराथन दौड़ से सप्ताह का शुभारंभ किया गया। शहर के कीर्ति स्तंभ से शुरू हुए अभियान में सोमवार को भले ही पुलिस विभाग के अधिकारी व पुलिस जवनों ने सड़कों पर मैराथन दौड़ लगाई हो, लेकिन मंगलवार को कुछ स्कूली व कॉलेज के बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाते हुए दौड़ में हिस्सेदारी की। खास बात यह है कि शहरी क्षेत्र में सड़कें दिखाई ही नहीं देती हैं। सड़कें अतिक्रमण की बजह से सड़कें गलियों में तब्दील हो चुकी हैं। अब कौन सी सड़क सुरक्षा का सप्ताह मनाएगी पुलिस यह जानने के लिए सभी बेताब हैं।

शहर के कीर्ति स्तंभ चौराहा से अस्पाल चौक घंटाघर, राय तिराहा, स्टेशन चौक, बसस्टैंड व बैंक तिराहा से होकर मैराथन दौड़ का समापम कीर्ति स्तंभ चौक पर किया गया।
मैराथन दौड़ में एएसपी अरविंद दुबे व जनप्रतिनिधियों में सतीष तिवारी सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी रही।
इन्होंने दिखाया दम-
मैराथन दौड़ में करीब ५० से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सेदारी की थी। जिसमें सभी ने शहर के आधे हिस्से का चक्कर लगाया। जिसमें प्रथम स्थान पर शिवराज सिंह रहे। द्वितीय स्थान पर महिला आरक्षक देवयानी पाठक व तीसरे स्थान पर पुष्पेंद्र पटैल रहे।
एसपी द्वारा बनवाई गई दिखाई जागरुक फिल्म-
यातायात के नियमों पर चलने व शहर की स्थिति को लेकर पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने एक फिल्म तैयार कराई है। जिसमें लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया है। फिल्म में शहर के अलग-अलग हिस्सों में वाहन चालकों द्वारा की जाने वाली लापरवाही को दर्शाया गया है। इसके साथ ही एसपी व यातायात प्रभारी द्वारा उसमें संदेश दिया गया है। फिल्म का निर्माण नरेंद्र अठया व मनीष सोनी द्वारा किया गया है। फिल्म दिखाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन भी किया गया। इसे आगे पर दिखाए जाने के लिए योजना बनाई गई।
नहीं सुधरे दुकानदार -
शहर में मुख्यरूप से यातायात अव्यवस्थित होने को लेकर कुछ हद तक उन दुकानदारों को भी दाषी माना जाता है, जो अपनी हदें पार कर बाहर १० फीट तक सामग्री रखने से बाज नहीं आते। शहर के अनेक मुख्य मार्गों पर मंगलवार के दिन यही आलम देखा गया। मुख्यरूप से शहर के बैंक चौराहा से बसस्टैंड मार्ग, बसस्टैंड से किल्लाई नाका व राय तिराहा जाने वाले मार्ग के साथ घंटाघर के सभी पांचों मार्गों पर कई दुकानदारों ने अपनी सामग्री बाहर निकाल रखी थी। पूर्व में भले ही प्रदीप सोनी के समय यहां के दुकानदारों द्वारा सामग्री को अपनी हदों में रखा जाता रहा हो। लेकिन इस समय उनकी हदें पार होती दिखाई दीं।
बीच सड़क पर दिखे ऑटो-
सड़क पर ऑटो खड़ा करके सवारियों का इंतजार करना घंटाघर पर कभी भी किसी भी पल देखा जा सकता है। मंगलवार को भी यही आलम देखने मिला। जहां पर ऑटो चालकों ने बीच सड़क पर अपने ऑटो खड़े कर रखे थे। घंटाघर पर मौजूद यातायात या फिर कोतवाली का जवान ऑटो चालकों को हटाने बिल्कुल भी आगे नहीं आया। और वहां के दुकानदार परेशान होते रहे।
दुर्घटना में एक की मौत, कई घायल-
जिले में भले ही सड़क सुरक्षा सप्ताह का कार्यक्रम चलता रहा हो। लेकिन सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे थे। सड़क दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई। तथा करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए। सोमवार व मंगलवार को मिलाकर १२ वाहन दुर्घटनाओं में २४ लोग घायल हो गए। जिसमें से एक महिला की मौत भी हो गई।

बिना हेलमेट दिया जाता रहा पैट्रोल -
मंगलवार को जिले के लगभग सभी पैटोलपंप पर बिना हेलमेट के ही पैट्रोल दिया जाता रहा। बाइक हो या स्कूटी सभी वाहनों में बिना हेलमेट के पैट्रोल दिया जाता रहा। जबकि शासन के साथ न्यायालय के भी निर्देश हैं कि बिना हेलमेट के किसी भी बाइक चालक को पैट्रोल नहीं दिया जाए। इसके बाद भी किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया।
इन्होंने दिखाई जागरुकता -
मंगलवार को शहर के कृषि उपज मंडी में डॉ. नवीन सोनी, डॉ. विनोद कुकरेजा, डॉ. बीडी शर्मा व निजी अस्पातालों के स्टॉफ ने स्वयं जागरुकता दिखाते हुए करीब सौ से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेडियम रिफलेक्टर लगाने का कार्य किया। मामले में डॉ. नवीन सोनी ने बताया कि रिफलेक्टर लगाने के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि उनके चार डॉक्टर्स सड़क हादसे का शिकार हो चुके हैं। जिसकी मुख्य वजह यही रही कि ट्रैक्टर में रिफलेक्टर नहीं होने से हादसे हुए। दो दिन पूर्व डॉ. शिवकुमार तिवारी के निधन होने का कारण भी यही बताया। डॉ. बीडी शर्मा ने बताया कि ट्रैक्टर में रिफलेक्टर लगाने के पीछे दुर्घटनाओं को रोकते हुए लोगों की जान बचाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। डॉ. विनोद कुकरेजा ने बताया कि वह अपनी ओर से भी नि:शुल्क रेडियम उपलब्ध कराने तैयार हैं। अगर कोई जरूरत मंद है तो वह उसे सहायता करने तैयार हैं।

नपा से मिलकर बनाएंगे योजना-
शहर के अव्यवस्थित यातायात को सुधारने के लिए नगर पालिका से मिलकर योजना बनाना पड़ेगी। जो भी दुकानदार बाहर तक दुकानें लगाते हैं उन्हें एक बार नोटिस देने के बाद कड़ी कार्रवाई करना पड़ेगी। जो भी ऑटो चालक बीच सड़क पर अपने ऑटो खड़ा करके अव्यवस्था फैलाते हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विवेक अग्रवाल-पुलिस अधीक्षक -

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