बसों की तर्ज पर सवारियां ढो रहे ऑटो रिक्शा

जिले में अधिकांश ऑटो रिक्शा परिवहन नियमों को तोड़कर भर रहे फर्रांटे, आरटीओ कार्रवाई से तथ्य उजागर हुआ

By: pushpendra tiwari

Published: 19 Mar 2020, 11:39 AM IST

दमोह. जिले भर में तकरीबन तीन हजार से अधिक ऑटो रिक्शा चल रहे हैं। लेकिन इनमें अधिकांश ऑटो रिक्शा परिवहन नियमों को तोड़कर चलाए जाना सामने आया है। यह बात बुधवार को परिवहन विभाग के द्वारा ऑटो रिक्शा चालकों के विरूद्ध की गई कार्रवाई और रिक्शा सड़क पर चलाए जाने के दौरान खंगाले गए दस्तावेजों से हुई है। सामने आया है कि काफी संख्या में ऑटो रिक्शा बसों की तर्ज पर जिला व तहसील मुख्यालयों से 20 से 30 किमी की दूरी तक यात्रियों को लाने ले जाने का कार्य करते हैं। जबकि परिवहन नियमों के अनुसार ऑटो रिक्शा के लिए इस तरह का परमिट जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा ऑटो रिक्शा चालकों के पास न खुद के ड्राइविंग लायसेंस, वाहन के इंश्योरेंस, परमिट, फिटनिस संबंधी दस्तावेज होते हैं। ऐसे ही ऑटो रिक्शा को जब्त कराने और चालकों के विरूद्ध जुर्माना की कार्रवाई का क्रम परिवहन विभाग द्वारा शुरू किया गया है।
हकीकत देखकर चौक गए अधिकारी
बुधवार को परिवहन अधिकारी आरडी दक्ष सहित टीम के अन्य सदस्यों ने एक स्थान से दूसरे स्थान जा रहे ऑटो रिक्शा को रोका और दस्तावेज खंगाले। आरटीओ दक्ष ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक करीब एक दर्जन से अधिक ऑटो रिक्शा पकड़े गए हैं। जिस भी ऑटो को रोका गया तो वह बगैर दस्तावेज के चलाया जाना सामने आया। यहां तक की कुछ ऑटो रिक्शा चालकों के पास स्वयं ड्राइविंग लायसेंस तक नहीं था। आरटीओ दक्ष ने बताया कि पकड़े गए सभी ऑटो रिक्शा चालकों के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की गई है। वहीं हैरत की बात यह है कि ऑटो रिक्शा बड़े पैमाने पर चल रहे हैं, लेकिन अधिकांश नियमों का उल्लंघन कर चलाए जा रहे हैं।
आए दिन हो रहे हादसे
ऑटो रिक्शा में सवारियों को क्षमता से अधिक बैठाकर एक गांव से दूसरे गांव, मुख्यालयों से गांव तक चलाया जा रहा है। जबकि हाइवे पर ऑटो रिक्शा का इस तरह से चलाया जाना काफी खतरनाक है। बताया गया है कि अब तक कई गंभीर हादसे सामने आए हैं, जो हाइवे पर घटित हुए हैं। कई हादसों में एक साथ कई लोगों की जानें भी जा चुकीं हैं। हाल ही के समय पहले हटा के समीप एक ऑटो रिक्शा और जीप में टक्कर हुई थी जिनमें पांच लोगों की मौत होना सामने आई थी। इसके अलावा शहर से बाहर बीच रास्ते में ऑटो पलटने की भी गई घटनाएं सामने आ चुकीं हैं जिनमें लोगों को गंभीर चोटे आईं हैं। इसके बाद भी ऑटो रिक्शा नगरों के बाहर चलाए जा रहे हैं।
बस यूनियन द्वारा किया गया विरोध
बसों के आगे पीछे सवारियां ढोने की वजह से बस ऑपरेटर्स और ऑटो रिक्शा चालकों के बीच आए दिन विवाद की घटनाएं सामने आतीं हैं। बस यूनियन के सचिव समीम कुरैशी कहते हैं कि ऑटो रिक्शा सवारियों को गांव गांव छोडऩे जाते हैं, जिससे बस ऑपरेटर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जिला प्रशासन को इस बात से अवगत कराया जा चुका है और ऑटो रिक्शा के इस तरह संचालन पर कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन भी दिए गए हैं।
अभियान के रूप में करेंगे कार्रवाई
आरटीओ आरडी दक्ष ने बताया है कि शुरूआत में प्रमुख रूप से उन ऑटो रिक्शा को फोकस किया जा रहा है जो शहर से गांव तक सवारियों को ढोते हैं। क्योंकि यह गंभीर स्थिति है और इससे लोगों की जान को बड़ा खतरा होता है। जो कार्रवाई शुरू की गई है इसे अभियान के रूप में लिया जाएगा और रेग्युलर कार्रवाइयां की जाएंगी।
परिवहन विभाग की उपनिरीक्षक समीक्षा सेठ ने बताया है कि बुधवार को १९ ऑटो रिक्शा पकड़े गए और इनके दस्तावेज चेक किए गए हैं। सभी के विरूद्ध जुर्माना किया गया है। ऑटो रिक्शा सड़क पर होने के समय परिवहन संबंधी दस्तावेज होना अनिवार्य हैं, जिनके पास दस्तावेज नहीं पाएगे उनके विरूद्ध व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना किया गया है।
यह है शहर में स्थिति
शहर की मुख्य सड़कों पर ऑटो रिक्शा की धमाचौकड़ी की बात करें, तो प्रमुख चौराहों में से किसी भी एक चौराहे पर दस मिनट ऑटो रिक्शा के पहुंचने की संख्या देखी जाए तो संख्या सैकड़ों में होती है। ऑटो रिक्शा चालकों के पास कोई गाइड लाइन नहीं है। कोई भी ऑटो किसी भी तरफ जा सकता है। न ही ऑटो रिक्शों के मार्ग निर्धारित हैं और न ही इनका किराया निर्धारित है। खासबात यह है कि कोई भी ऑटो रिक्शा चालक ड्रेस कोड में नहीं होता है।

वर्जन
आए दिन घटित हो रहे हादसों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर ऑटो रिक्शा संचालन को लेकर कार्रवाइयां की जा रहीं हैं। कार्रवाई के दौरान चालकों को नियमों का पालन करने के लिए भी हिदायत दी जा रही है।
आरडी दक्ष, आरटीओ

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