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दमोह

जल संरक्षण के लिए नाले पर बनाए गए रेगुलेटर स्टॉपडेम हुआ जमींदोज, नहरें क्षतिग्रस्त, किसान परेशान

स्टॉप डेम पुनर्निर्माण, नहरों के सुधार की मांग क्षेत्रवासियों ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन दमोह. पांच दशक पहले जल संरक्षण व किसानों के खेतों पर पानी पहुंचाने के लिए सिंग्रामपुर नाले पर रेगुलेटर डेम व नहरों का निर्माण किया गया था। जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ वाटर लेवल मेंटेन रहता था और किसानों को नहरों […]

दमोहJun 25, 2024 / 05:50 pm

Rizwan ansari

जल संरक्षण के लिए नाले पर बनाए गए रेगुलेटर स्टॉपडेम हुआ जमींदोज, नहरें क्षतिग्रस्त, किसान परेशान

स्टॉप डेम पुनर्निर्माण, नहरों के सुधार की मांग क्षेत्रवासियों ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन

दमोह. पांच दशक पहले जल संरक्षण व किसानों के खेतों पर पानी पहुंचाने के लिए सिंग्रामपुर नाले पर रेगुलेटर डेम व नहरों का निर्माण किया गया था। जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ वाटर लेवल मेंटेन रहता था और किसानों को नहरों के माध्यम सिंचाई के लिए जल खेतों तक पहुंचता था, लेकिन सिंग्रामपुर नाले पर बना स्टॉप डेम वर्षों से क्षतिग्रस्त और नहरों का अस्तित्व खत्म है।नतीजतन, सिग्रामपुर सहित आसपास के ग्रामों का वाटर लेवल 500 फीट नीचे खिसक गया है। जिससे आमजन और किसान जल संकट की त्रासदी बीते पांच दशक से भुगत रहा है। ग्रामवासियों ने बताया पांच दशक पहले ग्राम के पास से निकला बरसाती नाला है। जिस पर एक डेम बनाया गया था, जो देखरेख के अभाव में जमींदोज हो गया है और सिंचाई के लिए बनी नहरें इस तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं कि नहरों का अस्तित्व ही खत्म हो गया है।
जिससे भूमिगत जलस्तर में आई भरी गिरावट से जहां जल स्रोतों में 500 फीट की गहराई में जल नही होने से वर्ष के 8 माह जलसंकट की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा नहरों के क्षतिग्रस्त होने पर किसानों के खेतों तक नहरों से पानी नहीं पहुंच पाता, जिससे आमजन और किसान दोनों परेशान रहते है। ग्राम वासियों का कहना है जहां दशकों पहले नाले पर बना स्टापडेम से एक समय बरसाती नाले का पानी डेम कि नहर के माध्यम से मोटे हार में भरा रहता था और पांच गांव का वाटर लेवल कभी नहीं गिरता था। सिंग्रामपुर, सहसना, रामसलैया, थनेटा, हरदुआ, बरसात के पानी से वाटर लेवल एक सा बना रहता था और पानी की दिक्कत नहीं होती थी।वर्षों से स्टॉप डेम व नहरें क्षतिग्रस्त होने से आमजनों और किसानों के सामने पानी का संकट बना हुआ है। सिंग्रामपुर निवासी रमेश राय ने बताया रेगुलेटर डेम 50 वर्ष पुराना है। 4 माह की बारिश से रेग्युलेटर डेम जो जल का संग्रह होता था। उससे सिंग्रामपुर और आसपास के 5 गांव का वाटर लेवल बना रहता था और गांव तेज गर्मी में मई, जून माह मेंं 40 से 50 फीट पर पानी बना रहता था, लेकिन कि स्थिति में सरकारी बोर मे 500 गहरा होने के बावजूद पानी नहीं है, क्योंकि वाटर लेवल बनाए रखने के लिए कोई जल स्रोत नहीं एक मात्र नाले पर बना रेगुलेटर डेम का सहारा जो की वर्षों से क्षतिग्रस्त होने से बारिश का पानी नहीं रुकता है।
ग्रामवासी इंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि रेगुलेटर डेम पर बनी नहर का अस्तित्व खत्म हो गया है। इसके पुनर्निर्माण की मांग को लेकर प्रदेश सरकार के संस्कृति पर्यटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार जबेरा से विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी को ज्ञापन दिया । जिसमें मांग की गई है नाले पर बने रेगुलेटर डेम का फिर से निर्माण वनहरों की मरम्मत हो जाए। सिग्रामपुर सहित आसपास के ग्रामों में पानी की कभी समस्या नहीं होगी और यहां का किसान और आमजन सुखी हो जाएगा। जल संकट से राहत मिल जाएगी। ग्राम वासियों के द्वारा रेगुलेटर डेम फिर से नहरों की मरम्मत करवाने की मांग पर राज्य मंत्री के द्वारा आश्वासन दिया गया है।
ग्राम वासियों की मांग अति शीघ्र पूर्ण की जाएगी। इस अवसर पर हाकम सिंह लोधी, श्याम सुंदर विश्वकर्मा, रमेश राय, गोलू विश्वकर्मा, इंद्र कुमार शुक्ला ,अशोक चौधरी, कमोद पटेल ,भूरे राय, बेडी सिंह आदि ग्राम वासियों की उपस्थिति रही।

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