आए दिन ले रहे खाद्य पदार्थों के नमूने, जांच रिपोर्ट का पता नहीं

भोपाल परीक्षण के लिए भेजा

By: नितिन सदाफल

Published: 03 Mar 2019, 10:03 AM IST

दमोह. खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत शहर में आए दिन खाद्य पदार्थों की सैम्पलिंग की जा रही है। यह सैम्पल जांच के लिए भोपाल भेजे जा रहे हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट का पता नहीं चल पा रहा। कितने सैम्पल पास हुए या फेल इससे शहरवासी सहित संबंधित दुकानदार अनभिज्ञ हैं।
सैम्पलिंग की कड़ी में शनिवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार अहिरवार ने विभिन्न चाट सेंटर, चाट भंडार एवं फुल्की सेंटर का औचक निरीक्षण किया। संचालकों को आवश्यक निर्देश देते हुए कुछ नमूने भी लिए।
राकेश अहिरवार ने बताया कि चाट खाने के शौकीन लोग पानी पुरी को अधिक पसंद करते हैं। सामान्यत: चाट विक्रेता इसमें शक्कर, अमचूर, पुदीना, हरी मिर्च, जीरा, नमक, काला नमक, अदरक, हरा धनिया, काली मिर्च आदि का इस्तेमाल करके पानी पुरी का पानी बनाते हैं। कुछ दुकानों में पानी पुरी, गोल गप्पे का विक्रय करने वाले विक्रेता उस पानी पुरी के पानी को अधिक तीखा एवं मसालेदार बनाने के लिए उसमें एसिड सल्फ्यूरिक एसिड, टारर्टरिक एसिड, हाईड्रोक्लोरिक एसिड, आक्सेलिक एसिड आदि की मिलावट करने लगते हंै। विक्रेताओं के अनुसार बिना अतिरिक्त खर्च के इस पानी में एसिड मिलाने से उस पानी पुरी के पानी का स्वाद तीखा एवं खट्टा हो जाता है। पानी पुरी का पानी अधिक गहरे रंग का एवं गाढ़ा हो जाता है। यह एसिड मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। उसके प्रयोग से कोशिकाएं नष्ट होती जाती हैं। सीने में जलन, गले में खराश, जी मचलाना, उल्टी, दस्त जैसे विकार, अल्सर एवं फूड पाइजनिंग आदि जैसे गंभीर विकार उत्पन्न हो जाते हैं।
इसी पानी पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विक्रेता को केवल गुणवत्तायुक्त सामग्री का निर्माण करने के निर्देश दिए गए।

नितिन सदाफल Desk
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