तेज बारिश से सड़कें उखड़ीं, बड़े-बड़़े गड्ढों से लोग परेशान

शहरी, ग्रामीण रास्तों के अलावा हाइवे भी जर्जर

By: Rajesh Kumar Pandey

Updated: 20 Jul 2018, 11:45 AM IST

दमोह. दो दिन पहले जिले में हुई तेज बारिश की वजह से नवनिर्मित व पुरानी सड़कों के सूरते हाल बिगड़ गए हैं। गर्मियों में हुए मामूली गड्ढों की गहराई व चौड़ाई बढ़ जाने से इन वाहनों से निकलने वाले यात्री कमर से लेकर सिर तक झटके महसूस कर रहे हैं, कुछ के सिर सीटों या खिड़कियों से टकराने से चोटिल हो रहे हैं।
सड़कों के निर्माण में घटिया मटेरियल के उपयोग के साथ ही मापदंड व तकनीकी खामियां छोड़ी जाती हैं। इन खामियों के कारण पहले डामर हटता है, फिर गिट्टी उखड़ती हैं और धीरे-धीरे एक गिट्टी निकलने के बाद बड़ा गड्ढा हो जाता है। सबसे ज्यादा सड़क खस्ताहाल होने से बस, चारपहिया वाहनों व बाइकों से सफर करने वाले जबलपुर-सागर हाइवे पर झेल रहे हैं। इस सड़क निर्माण के लिए टोल टैक्स की वसूली जमकर की जा रही है, लेकिन सड़कों पर गहरे हुए गड्डों की मरम्मत करने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
पुल पर एक माह पहले बनी सड़क उखड़ी
हाइवे पर नोहटा के पास व्यारमा नदी व गौरया नदी के पुल के पास एक माह पहले सड़क निर्माण कार्य कराया गया था। इस सड़क को बनाने एजेंसी को महीने लगे थे। एक साइड खोद कर डाली गई थी, जिससे निर्माण के दौरान महीनों का कष्ट झेलकर वाहन चालक निकलते रहे। जब सड़क बनी और पहली बारिश हुई तो नवनिर्मित सड़क में गड्ढे निकल आए। निर्माण कंपनी द्वारा घटिया निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर लोगों ने शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन संबंधित महकमा द्वारा निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई जा रही है।
पटेरा जनपद क्षेत्र की सड़कें खराब
पटेरा जनपद पंचायत के अंतर्गत भारी बारिश होने की वजह से जगह-जगह सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गए हैं। वहीं पटेरा, रनेह, सोजना, बमनपुरा, कुड़ई मार्गों पर गड्ढे हो गए हैं। जिससे बसों के साथ अन्य वाहनों से यात्रा करने वालों को तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। जर्जर हुई सड़कों में कुछ नई व पुरानी दोनों शामिल हैं।
ढह गया डायवर्सन मार्ग, फंस रहे वाहन
मडिय़ादो-चौरईया मार्ग पर अपूर्ण पुल लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। पुल निर्माण के दौरान निर्माण एजेंसी के द्वारा बनाया गया। डायवर्सन मार्ग बुधवार की बारिश में बह गया। जिस कारण इस रूट से आवागमन बंद हो गया है। छतरपुर से मडिय़ादो आ रहा एक मालवाहक चालक की लापरवाही के कारण नाले में फंस गया जो पूरी रात फसा रहा गनीमत रही बारिश थमी रही। अगर बारिश जारी रहती तो नाला के उफान पर आने से वाहन बह भी सकता था। गुरुवार वाहन को ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया।
ठेकेदारों के सामने असहाय महाप्रबंधक व इइ
हाइवे के मामले में सड़क विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक व लोकल सड़कों के मामले में लोकनिर्माण विभाग के इइ ठेकेदारों की राजनीतिक ताकत के सामने बौने साबित हो रहे हैं। सबसे खराब स्थिति सड़क विकास प्राधिकरण जबलपुर के इइ पीके जोशी की है, दमोह से जबलपुर हाइवे पर सर्वाधिक गड्ढे हैं, लेकिन वह एजेंसी के खिलाफ सिर्फ कार्रवाई किए जाने की बात मीडिया से कह देते हैं, लेकिन इनके द्वारा एक नोटिस जारी करने की भी जहमत नहीं उठाई जाती है। यही स्थिति लोकनिर्माण विभाग के इइ, एसडीओ व उपयंत्रियों की है, जो ठेकेदारों की मनमानी के सामने नत मस्तक होकर कार्रवाई कराएं, जांच कराएं या दिखवाते शब्दों से अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं।

Rajesh Kumar Pandey Desk
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