जिले भर में फेल साबित हुए सोलर पैनल


कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल, सिविल हॉस्पिटल हटा सहित अन्य कार्यालयों में बिजली की बचत के लिए लगाए गए थे सोलर लाइट पैनल, लेकिन नहीं मिल सका लाभ

By: Sanket Shrivastava

Published: 29 Jun 2020, 10:36 PM IST

दमोह. बिजली की बचत के उद्देश्य से करोड़ों रुपए खर्च करके जिलेभर में सोलर पैनल लगाए गए। लेकिन ये फेल साबित हुए हैं। शासन की मंशानुसार शासकीय कार्यालयों को सौर ऊर्जा पर निर्भर बनाना है। ताकि बिजली के खर्च को कम किया जा सके। लेकिन जिले में आज भी शासकीय कार्यालय कृत्रिम बिजली पर निर्भर हैं।
कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल हटा, हायर सेकंडरी विद्यालयों समेत कई जगहों पर करोड़ों रुपए खर्च करके सोलर पैनल लगाए गए हैं। सोलर पैनल लगाने का मुख्य उद्देश्य संबंधित स्थानों की कृत्रिम बिजली पर निर्भरता समाप्त करके सौर ऊर्जा का अधिकाधिक उपयोग किया जाए। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। अधिकांश स्थानों पर सोलर लाइट का बिल्कुल भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वहीं कुछ जगहों पर सोलर लाइट का थोड़ा ही लाभ मिल पा रहा है। जिन स्थानों पर सोलर पैनल लगवाए गए हैं, वहां आज भी कृत्रिम बिजली की खपत हो रही है। हर महीने हजारों रुपए बिजली का बिल आ रहा है। ऐसे में शासन की करोड़ों की राशि बर्बाद हुई है। शासन द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करके सौर ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य हर महीने बिजली कंपनी से मिलने वाली बिजली की उपयोगिता बंद करके बिजली पर हजारों रुपये होने वाले खर्च को बंद करना था। लेकिन आज भी सोलर पैनल लगाने का उद्देश्य मूर्तरूप नहीं ले पाया है।
जिले के शासकीय कार्यालयों में वर्तमान में हर महीने लाखों रुपए बिजली कंपनी से प्राप्त बिजली पर खर्च हो रहे हैं। वहीं सोलर पैनल शोपीस बनकर रह गए हैं।
सिस्टम की नहीं हो रही उचित निगरानी
जिले भर में शासकीय कार्यालों में सोलर पैनल लगाने के बाद निगरानी का स्तर शून्य है। ऐसे में सोलर सिस्टम उचित निगरानी के अभाव में फेल हो रहे हैं। इनके इंस्टॉलेशन पर लाखों रुपये खर्च किए। लेकिन बाद में अधिकांश स्थानों पर सोलर सिस्टम की जरा भी मॉनीटरिंग नहीं की गई। साथ ही जिन कार्यालयों में सोलर पैनल लगे हैंए वहां के जिम्मेदारों ने थोड़ी बहुत समस्या आने पर जल्दी सूचना नहीं दी। जिससे अब कार्यालय इनका लाभ बिल्कुल भी नहीं ले पा रहे हैं।

Sanket Shrivastava
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned