एसपी चौहान की चेतावनी के बाद एक्शन मूड में जिले की पुलिस, दलालों में हड़कंप

महकमें के उन कर्मचारियों अधिकारियों के खिलाफ भी एक्शन लिया है, जिनकी मिलीभगत माफियाओं से होना सामने आई

By: pushpendra tiwari

Published: 10 Dec 2020, 11:47 AM IST

दमोह. जिले के विभिन्न थाना की पुलिस द्वारा हाल ही के कुछ दिनों के भीतर कालाबाजारी और अवैध उत्खनन, मिलावटी खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी करने वाले, धोखाधड़ी कर लाखों की राशि ठगने वालों व प्रमुख रूप से जुआफड़ों का संचालन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की गई है। इन कार्रवाइयों के दौरान खासबात यह रही कि एसपी हेमंत चौहान ने अपने महकमें के उन कर्मचारियों अधिकारियों के खिलाफ भी एक्शन लिया है, जिनकी मिलीभगत माफियाओं से होना सामने आई। ऐसे कर्मचारियों अधिकारियों के थाना क्षेत्र बदल दिए गए हैं। इधर एसपी द्वारा कराईं जा रहीं इन कार्रवाइयों की वजह से कुछ तथाकथित उन लोगों में भी हड़कंप है, जो अपराधियों और पुलिस के बीच बिछौलिया की भूमिका अदा करते हैं।


मडिय़ादो में जिले की सीमा पर संचालित होने वाले जुआफड़ के खिलाफ हुई कार्रवाई। जिला मुख्यालय में संचालित जुआफड़ पर कार्रवाई व बांसा तारखेड़ा में एक बड़े जुआफड़ पर हुई कार्रवाइयों के बाद पुलिस का सख्त रवैया अपराधियों के लिए खासी परेशानी बना हुआ है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार एसपी हेमंत चौहान ने ऐसे एक दर्जन से अधिक अपराधियों के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई का प्रस्ताव बनाकर प्रतिवेदन कलेक्टर की ओर भेजा है।
जिले भर में अवैध उत्खनन के खिलाफ हुईं कार्रवाइयों की बात करें तो अवैध परिवहन करने वाले ०९ ट्रैक्टर ट्राली, १6 डंपर ट्रक, ०२ पोकलेन जब्त की गई।
वहीं प्रमुख राहत भरी कार्रवाई के रूप में पुलिस ने 506 पीडि़तों को उनके द्वारा जमा की गई ०१ करोड़ अड़तालीस लाख रुपए की राशि वापिस दिलाई है। यह वह रकम है, जो लोगों ने जमा की थी और वह चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी का शिकार हो गए थे। इसके अलावा दो लाख की राशि बैंक ठगी के दौरान पीडि़तों को वापिस दिलाए।

खाद्य विभाग फिसड्डी साबित हुआ
मिलावटी खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने पिछले एक सप्ताह के भीतर जमकर कार्रवाइयां कीं हैं। इस दौरान हुईं कुछ बड़ीं कार्रवाइयों ने खाद्य विभाग को फिसड्डी साबित कर दिया। पुलिस द्वारा अवैध रूप से संचालित हो रहीं खाद्य पदार्र्थों की फैक्ट्रियों पर छापा मारा जिसमें सामने आया कि यह लंबे समय से संचालित हो रहीं थीं। ऐसे में खाद्य विभाग की निष्क्रियता उजागर हो गई।

वर्जन
जिले भर में खनिज संपदा का अवैध परिवहन करने, मिलावटी सामग्री बेंचने, कैरोसिन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रमुख रुप चिंटफंड कंपनियों के जाल में फंसकर परेशान हो रहे सैकड़ों लोगों को करोड़ों की राशि वापिस दिलाई गई है।
हेमंत सिंह चौहान, एसपी दमोह

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