प्रतिस्पर्धाओं में सेंध लगा रहे विभागीय कर्मचारी, ये है कारण

प्रतिस्पर्धाओं में सेंध लगा रहे विभागीय कर्मचारी, ये है कारण

pushpendra tiwari | Publish: Sep, 16 2018 11:49:59 AM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

खेल युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित

दमोह. खेल युवा कल्याण विभाग द्वारा जिले की सातों तहसीलों में मुख्यमंत्री कप योजना के तहत विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया था। तहसीलों के बाद 15 सितंबर को दमोह के होमगार्ड ग्राउंड व विभाग के परिसर में खेलों का आयोजन किया गया। इस आयोजन में जहां जिले भर से आए छात्र छात्राओं को सुविधाओं से वंचित रखा गया तो वहीं आपसी मतभेद के चलते फस्र्ट आए धावक को बाहर कर फिसड्डी खिलाड़ी को फस्र्ट घोषित कर दिया गया। इसके अलावा अन्य खेलों में भी बच्चों को काफी परेशानी का सामना करने की बात सामने आई है।


सुविधाएं रखीं दरकिनार


वैसे तो मुख्यमंत्री कप आयोजन को लेकर शासन द्वारा विभाग को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन देखा गया कि शासन से प्राप्त आयोजन संबंधी खर्चे में विभागीय कर्मचारी ही सेंध लगा रहे हैं। बच्चों को ना ही मौके पर बैठने की कोई व्यवस्था दी गई और ना ही तेज धूप से बचने के लिए छाया की व्यवस्था की गई। इतना अवश्य देखा गया कि विभाग के परिसर में एक छोटा सा टैंट लगाया गया था जो सिर्फ कार्यक्रम में आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक व्यवस्था के लिए था। शनिवार को सुबह से ही तेज धूप का माहौल था, ऐसे में दोपहर के समय बच्चों को छाव तलाशते देखा गया। बच्चे सड़क किनारे लगे पेड़ों की छांव में बैठने के लिए मजबूर नजर आए।


होमगार्ड ग्राउंड में नहीं थी पानी की व्यवस्था


होमगार्ड ग्राउंड में अधिकांश प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया गया था। जिले के विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं ने आयोजित प्रतिस्पर्धाओं में अपने जौहर दिखाए। लेकिन इनके सूखे कंठ को तर करने के लिए विभाग द्वारा कोई व्यवस्था इस ग्राउंड में नहीं की गई थी। बच्चों को पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ा। मौके पर यह भी देखा गया कि कुछ बच्चों को पानी के लिए हालाकान होते देख स्थानीय खेल प्रेमियों ने पानी की बॉटलें लाकर प्यास बुझाने के लिए मुहैया कराईं। लेकिन इस बीच यह बात सामने आ गई कि जिनकों यह व्यवस्था करनी थी उन्होंने इस व्यवस्था की ओर जरा भी ध्यान नहीं दिया।


आपसी मतभेद की भेंट चढ़ा यह खिलाड़ी


तेजगढ़ निवासी छात्र जगत सिंह लोधी ४०० मीटर दौड़ में सबसे अव्वल रहा। लेकिन इस खिलाड़ी को बाहर करते हुए दमोह सैक्टर के दूसरे नंबर पर रहे छात्र को फस्र्ट घोषित कर दिया गया। छात्र जगत सिंह की निराशा देख जब इस संबंध में पत्रिका द्वारा पड़ताल की गई तो पता चला कि जगत सिंह तेंदूखेड़ा सैक्टर से है और दौड़ प्रतियोगिता की प्रभारी व तेंदूखेड़ा सैक्टर प्रभारी के बीच इसी बात को लेकर खींचतान रहती है आखिरकार दमोह प्रभारी ने इस मौके का फायदा उठाते हुए छात्र जगत सिंह को यह कहकर बाहर कर दिया कि उसने दौडऩे के बीच ट्रेक बदल दिया था। बाद में इस बात को लेकर दोनों प्रभारियों के बीच बीतचीत भी मौके पर हुई।


छात्राओं ने ही किया अन्य कार्य


मौके पर सामान रखने उठाने का कार्य भी तहसील क्षेत्र से आए छात्र छात्राओं को ही करना पड़ा। विभाग द्वारा सामानों को यहां से वहां रखने के लिए अन्य कोई व्यवस्था नहीं की और इस कारण बच्चे ही विभिन्न सामानों को इधर से उधर ढोते नजर आए। देखा गया कि प्रतियोगिताएं करा रहे प्रशिक्षक बच्चों को सामान उठाने के लिए ऑडर दे रहे थे और बच्चे जो अपनी खेल प्रतिभा को दिखाने आयोजन में शामिल हुए वह प्रशिक्षक के कहने पर सामानों को ढो रहे थे।


इन खेलों का हुआ आयोजन


जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री कप योजना के तहत कबड्डी, वॉलीबाल, फुटबाल, कराते, कुस्ती व एथलेटिक्स खेल में शामिल दौड़, गोलाफेंक तवा फेंक सहित अन्य आयोजित किए गए। इस आयोजन में वह छात्र खिलाड़ी शामिल हुए जो तहसील स्तर पर आयोजित हुईं प्रतियोगिताओं में अव्वल आए थे।

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