बारिश थमी पर नहीं लगाए स्टॉपडेम के गेट, गर्मी में जलसंकट की बन सकती है स्थिति

बारिश थमी पर नहीं लगाए स्टॉपडेम के गेट, गर्मी में जलसंकट की बन सकती है स्थिति
Stopdem gates are not put on the rain, water can cause water situatio

Laxmi Kant Tiwari | Updated: 12 Oct 2019, 10:43:00 PM (IST) Damoh, Damoh, Madhya Pradesh, India

खुले गेटों से झरझर बह रहा पानी

दमोह. इस बार बीते साल की अपेक्षा काफी अधिक बारिश हुई है। अभी भी नदी-नालों में पानी की धार चल रही है। लेकिन स्टॉपडेमों के गेटों को बंद नहीं किया गया है। जिससे बारिश का पानी नदी-नालों से आगे निकल जाएगा। किसानों ने स्टापडेमों के गेटों को बंद कराने की आवश्यकता बताई है। हालांकि इस मामले में जलसंसाधन विभाग के अधिकारी धार कम होने के बाद ही गेट बंद करने की बात कह रहे हैं।
सबसे बड़ी विडंबना किसानों के सामने यह आ रही है कि इस वर्ष बारिश अधिक होने से फसलें काफी प्रभावित हुई है। कई जगह तो सौ फीसदी फसलें नष्ट हो चुकी हैं। लेकिन इस बार अगर पानी का संग्रहण समय से नहीं किया गया तो निश्चित ही किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए परेशानी होना स्वाभाविक है।
किसानों ने जताई चिंता-
किसान संघ के अध्यक्ष रमेश यादव, सहित अन्य किसानों का कहना है कि जलसंसाधन विभाग द्वारा अभी तक स्टापडेमों के गेट नहीं लगाए गए हैं। जिससे पानी लगातार बहता जा रहा है। किसानों का कहना है कि जो बड़े स्टापडेम हैं जिनकी धार तेज चल रही है, उन्हें भले ही बंद न किया जाए, लेकिन जो छोटे-छोटे नालों पर स्टापडेमों का निर्माण किया गया है उनकी धार भी कम हो गई है। कई जगह बंंद भी हो चुकी है। वहां गेट लगाए जा सकते हैं। यदि प्रक्रिया देरी से चालू होगी तो परेशानी होना तय है।
छा जाएगा संकट-
किसान चंद्रभान, दिनेश पालीवाल व मिलन पटैल का कहना है कि समय पर यदि पानी को नहीं रोका गया तो जलसंकट छा जाएगा। वॉटर लेवल भी काफी कम हो जाएगा। जलसंग्रह से पशुओं को पीने के पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। स्टापडेमों के पानी से सिंचाई की जाती है, और यदि पानी का संग्रहण नहीं किया तो फसलें भी सिंचाई नहीं होने से चौपट हो जाएंगी।
गर्मी में भी होगी परेशानी-
किसानों का कहना है कि पानी के अभाव में रवि की फसलें प्रभावित होंगी ही साथ ही गेहूं की कटाई के बाद इस बार किसान दलहन, तिलहन फसलें लगाने की सोच रहा है। जिससे इस बार चौपट हुई फसल से हुए नुकसान को रिकवर करने का प्रयास किया जाएगा। जिसमें रवि फसल कटने के बाद उड़द व मंूग की बोवनी की जाएगी। लेकिन पानी का पर्याप्त संग्रह नहीं होने पर फसलों की बोवनी करना भी दूबर हो जाएगा। प्रशासन को चाहिए कि वह स्टापडेमों के गेट जल्द ही बंद करवाएं। जिससे पानी का संग्रह हो सके। कुछ स्टापडेम जो जर्जर हैं उन्हें भी जल्द ही मरम्मत कर लगवाना चाहिए।
धार कम होते ही लगवा दिए जाएंगे-
अभी पानी की धार तेज चल रही थी इसलिए गेट नहीं लगवाए हैं। पानी की धार थोड़ी कम होते ही गेट लगवा दिए जाएंगे।
एसके जाटव-ईई जलसंसााधन

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned