कर्ज की प्रताडऩा से तंग किसान ने की आत्महत्या

कर्ज की प्रताडऩा से तंग किसान ने की आत्महत्या

Rajesh Kumar Pandey | Publish: Nov, 14 2017 12:39:12 PM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

कीटनाशक पीकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखे प्रताडऩा देने वालों के नाम

दमोह. खरीफ की फसल बर्बाद होने के बाद किसान आत्महत्या की ओर अग्रसर हो रहे हैं, मंगलवार को कर्ज व तंगहाली के चलते साहूकारों की मानसिक प्रताडऩा तंग आकर आत्महत्या कर ली है।
पथरिया थाना क्षेत्र के ककरा-भोजपुर निवासी रामा पटैल ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली है। पहले उसे पथरिया स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जहां किसान की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि बैंक के कर्जे से परेशान रामा ने सोमवार को ही कहीं से रुपए उधारी लेकर बैंक की किस्त जमा की थी। इसके बाद रात में कीटनाशक पी ली। इधर मृतक रामा पटेल के निकले सुसाइड नोट में उसने किल्लाई नाका निवासी मुकेश यादव व उसके सथियों व साबिर खान पर कर्ज के चलते प्रताडऩा के साथ जान से मारने की धमकी दी है। मृतक रामा पटेल ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह ऑटो से आ रहा था तो उसने कहा कल से दूध लाए तो जान से मार देंगे। वह दूध का भी धंधा करता जिस पर उसने किसी को नहीं बताया और जाना बंद कर दिया था। किल्लाई नाका निवासी मुकेश यादव व साबिर खान की प्रताडऩा से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली है।
इधर किसान की आत्महत्या के मामले में किसान संघ के जिलाध्यक्ष रमेश यादव का कहना है कि खरीफ फसल खराब होने व सूखा घोषित होने के बाद मुआवजा की स्थिति स्पष्ट न होने से किसानों मानसिक संतुलन खोते जा रहे हैं। किसानों को गुंडातत्व, साहूकार धमकाने में लगे हुए हैं। जिससे किसानों के मन में डर और दहशत का माहौल निर्मित हो रहा है, जिस कारण से किसान रामा को आत्महत्या करने के लिए विवश होना पड़ा।
इससे पूर्व एक किसान उड़द के भावों के फेर में परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसे बचा लिया गया था। दमोह जिले में लगातार कृषि खराब होने के कारण किसानों के मन में अस्थिरता के भाव आ रहे हैं। प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व 2018 के चुनावों में व्यस्त और मस्त राजनीतिक दल किसानों की समस्या हल करने के लिए जरा भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

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