प्रेम विवाह करने पर प्रेमी के परिजनों को दी जान से मारने की धमकी तो प्रेमी राजस्थान से भागकर पहुंचा पुलिस की शरण में -देखें वीडियो

पुलिस की शरण लेकर दर्ज एसडीएम के समक्ष दर्ज कराए बयान

By: lamikant tiwari

Published: 01 Jul 2019, 10:56 PM IST

दमोह. घर से २८ जून को भागी प्रेमिका से उसका प्रेमी २९ जून दिल्ली के निजामुद्दीन में मिला। जिसके फोन करने के बाद दोनों वहां से राजस्थान के लिए ट्रेन से रवाना हुए। दोनों एक साथ जयमाला पहनाने के बाद फ्री हुए ही थे कि इसी बीच दमोह से प्रेमिका के परिजनों का फोन प्रेमी के पास पहुंचा। जिसमें कहा गया कि यदि वह दोनों जल्द ही दमोह नहीं आएंगे तो प्रेमी युवक के परिजनों को जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद प्रेमी युगल तुरंत ही ट्रेन से दमोह के लिए रवाना हुआ। जिसने घर न जाकर सुभाष कॉलोनी क्षेत्र की जबलपुर नाका चौकी पहुंचकर शादी का एफीडेविड दिखाया। जिसमें दोनों ने लड़की के परिजनों पर जान से मारने की धमकी देने के चलते सुरक्षा की मांग की। इसके बाद पुलिस ने उनके बालिग होने पर सुरक्षा प्रदान की। बाद में एसडीएम के समक्ष बयान दर्ज कराए।
सुभाष कालोनी निवासी युवक अनिल पिता सुखनंदन अठया (२५) ने बताया कि वह पड़ोस में ही रहने वाली युवती दिव्या अहिरवार से प्यार करता था। लंबे समय से प्यार करने वाले प्रेमी युगल ने बालिग होने पर शादी करने की कसम खाई थी। जैसे ही दिव्या जनवरी में १९ साल की हुई तो उसने स्टॉम्प पर लिखापड़ी कराते हुए नोटरी से शादी रचाई। अनिल चूंकि राजस्थान के रिवारी में किसी कंपनी में काम करता है। इसलिए उसने अपनी प्रेमिका को भी वहीं अपने साथ रखने का निर्णय लिया।
दिव्या ने बताया कि वह अपने प्रेमी के साथ शादी करने व हमेशा उसी के साथ रहने के लिए २८ जून को घर से भागी थी। जो उत्कल ट्रेन से सीधे निजामुद्दीन पहुंची। जहां पहुंचने से पहले उसने अनिल को फोन कर दिया था। इसलिए रास्थान के रिवारी से उसका प्रेमी भी निजामुद्दीन पहुंच गया। जिसके बाद वह दोनों रिवारी के लिए रवाना हुए। वहां जाकर रहने लगे। इसी बीच अनिल के पास दिव्या के परिजनों का फोन पहुंचा कि यदि वह दोनों जल्द ही दमोह वापस नहीं आए तो अनिल के पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। यह सुनकर अनिल घबरा गया। जो दिव्या को लेकर दमोह पहुंचा। सोमवार को दमोह पहुंचते ही उसने सुभाष कॉलोनी के जबलपुर नाका पुलिस चौकी पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। जिसमें उन्होंने बालिग होने के सर्टिफिकेट भी पेश किए। इस बीच जानकारी लगते ही युवती के परिजन पुलिस चौकी पहुंचे। जिन्होंने चौकी प्रभारी से बेटी को सुपुर्द करने कहा। इस बीच एसडीएम के समक्ष बयान दर्ज कराने पर जब युवती ने अपने घर जाने से मना कर दिया तो बालिग होने के कारण युवती अपनी मर्जी से पति मान चुकी अनिल के साथ ही राजस्थान के लिए जाने की जिद करने लगी। एसडीएम ने प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर दिव्या को युवती माना और बालिग होने से उसे उसकी मर्जी के हिसाब से रहने की स्वतंत्रता प्रदान की। आखिरकार एसडीएम के समक्ष बयान दर्ज कराने के बाद प्रेमी युगल जो शादी के बंधन में बंध चुके थे वह पुलिस अभिरक्षा में राजस्थान के लिए रवाना हुए।

एसडीएम के समक्ष बयान दर्ज कराए गए, दी सुरक्षा -
पुलिस चौकी में पहले से गुमशुदगी दर्ज होने पर एसडीएम के समक्ष दोनों के बयान दर्ज कराए गए हैं। डाक्यूमेंट के आधार पर दोनों बालिग पाए गए हैं। इसलिए दोनों अपनी मर्जी से रह सकते हैं। हालांकि उनके साथ कोई मारपीट न कर सके इसके लिए उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई है।

नीतू खटीक - चौकी प्रभारी जबलपुर नाका

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