नहीं होती गवाही, न ही चले मुकदमा, आपसी सहमति से यहां निपट जाते हैं प्रकरण आप भी देखें वीडियो

Laxmi Kant Tiwari

Updated: 13 Jul 2019, 10:56:56 PM (IST)

Damoh, Damoh, Madhya Pradesh, India

दमोह. परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाने नेशनल लोक अदालत का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा दिए गए निर्देश पर किया गया। जिला न्यायालय दमोह तथा तहसील न्यायालय हटा, पथरिया, तेंदूखेड़ा में प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह शंभू सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में किया गया। जिला न्यायालय दमोह में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश एसएस रघुवंशी ने किया। शुभारंभ में विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत आरएस शर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय राजीव कुमार सिंह एवं जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष पंकज खरे सहित सभी पदाधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी, बैंकों के प्रबंधक, अधिवक्ता गण, पक्षकार, न्यायालयीन कर्मचारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित दाण्डिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय में लंबित पारिवारिक मामले, चैक बाउंस, लंबित विद्युत के प्रकरणों के साथ बैंकों, दूरसंचार, विद्युत एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को रखा गया। जिनके निराकरण के लिए संपूर्ण जिले में 20 खण्डपीठों का गठन किया गया। था। प्रत्येक खण्डपीठ में 1 पीठासीन अधिकारी के साथ दो-दो सुलहकर्ता सदस्यों की नियुक्ति की गई थी।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह माखनलाल झोड़़ ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 29 प्रकरणों में 8, 64, 500 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। विद्युत के लंबित 206 प्रकरणों का निराकरण कर 1145522 रुपए एवं चैक बाउंस के 39 प्रकरणों में सुलह के आधार पर निराकरण कर 4555015 रुपए के अवार्ड पारित किए गए।

राजीनामा होने पर खुशी-खुशी विदा हुईं दंपतियां-
दंपति के मध्य विवादित लंबित 12 प्रकरणों में राजीनामा एवं आपसी सुलह समझाईश के आधार पर अंतिम निराकरण किया गया। जिससे वह पुन: वैवाहिक जीवन जीने के लिए एक होकर खुशी-खुशी रवाना हुए।
नेशनल लोक अदालत में अन्य मामलों के अलावा कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजीव सिंह की अदालत में दंपतियों के बीच रहे विवादों में समझौता कराए गए। एड. श्याम विश्वकर्मा ने बताया कि सागर जिले के रजौआ गांव निवासी झलकन पटैल व दमोह निवासी दुर्गा के बीच में पिछले एक साल से विवाद के बाद १२५ का प्रकरण चल रहा था। जिसमें दोनों को समझाइस देने के बाद न्यायाधीश की उपस्थिति में दंपति ने एक रहने का निर्णय लिया। जिन्होंने एक दूसरे को माला पहनाई और फिर खुशी-खुशी विदा हुए। इसके अलावा भी राजीनामा कराया गया।
न्यायालयों में लंबित कुल 314 प्रकरणों में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर राजीनामा कर अंतिम निराकरण किया गया। बैंकों, नगरपालिका, विद्युत विभाग एवं दूरसंचार विभाग के प्रिलिटिगेशन के 220 प्रकरणों में 1694744 रुपए की वसूली की गई तथा विभागों द्वारा आकर्षक छूट का लाभ पक्षकारों को दिया गया।

पक्षकारों को स्मृति स्वरूप फ लदार पौधे किए भेंट-
लोक अदालत में ऐसे पक्षकार जिन्होंने प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत में किया, उन्हें वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए फलदार पौधों को स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। इसके लिए वन विभाग द्वारा पौधा वितरण स्टॉल जिला न्यायालय परिसर में लगाया गया था। जिसमें कुल 250 फ लदार पौधों का वितरण किया गया।

नेशनल लोक अदालत में सहयोग करने पर जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने सभी का आभार माना।

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