18 घंटे काम करने की घोषणा पर ट्रेड यूनियनों ने जताई आपत्ति

18 घंटे काम करने की घोषणा पर ट्रेड यूनियनों ने जताई आपत्ति

By: Sanket Shrivastava

Published: 23 May 2020, 05:37 PM IST

दमोह. देश व प्रदेश में श्रम सुधारों के नाम पर कारखानों में 12 घंटे की पाली, श्रम कानूनों के परिपालन के लिए निरीक्षण पर रोक, ठेका, श्रमिकों के लिए ठेकेदारों की मनमर्जी, दुकानों व संस्थानों में 18 घंटे का काम की व्यवस्था कायम करने की शिवराज सरकार की घोषणा के खिलाफ विरोध जताया गया । जिसमें कॉर्पोरेट परस्त एजेंडे को ताबड़ तोड़ लागू कर रही है।
अखिल भारतीय स्तर पर सभी 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों, महासंघों और एसोसिएशन ने पूरे देश में श्रमिकों कर्मचारियों पर हो रहे हमलों, प्रवासी श्रमिकों की अकथनीय स्थिति, सार्वजनिक क्षेत्र पर बड़े हमले के खिलाफ 22 मई 2020 को राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस का आह्वान किया है।
इसी तारतम्य में सभी केंद्रीय श्रमिक संगठनों और कर्मचारी संगठनों की ऑनलाइन बैठक में चर्चा हुई। इस विषय में शुक्रवार इंटक प्रदेश सचिव शंकर सिंह तिवारी, सीटू के कामरेड वीरेंद्र सिंह रावल, एटक प्रदेश सचिव राम सरोज कुशवाहा, बैंक कर्मचारियों के राजीव उपाध्याय, बीमा कर्मचारियों के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह बघेल, बीएसएनएलयू व टीयूसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, एमपीएमएसआरयू सतना के सचिव आनंद पांडे, भारत पेंशन समाज व टीयूसी के सरंक्षक हरि प्रकाश गोस्वामी, मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्म संघ व टीयूसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमेंद्र गौतम, टीयूसी के अध्यक्ष टीपी पांडेय व टीयूसी के महासचिव संजय सिंह तोमर ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सर्वसम्मति से तय किया गया।
इस दौरान एमपी एमएसआरयू जिला अध्यक्ष राजेश सोनी, उपाध्यक्ष ऋषि तिवारी सचिव, अरुण गुप्ता, कोषाध्यक्ष सौरभ खरे सह सचिव प्रियरंजन कुमार, कपिल कांत जैन, आशीष पौराणिक, शेख रहीम, दीपेश सोनी चेतन तिवारी की उपस्थिति रही।

Sanket Shrivastava Desk/Reporting
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