दो करोड़ का सब्जी हॉकर्स जोन सूना

फुटपाथ पर लग रहीं सब्जी की दुकानें

By: Rajesh Kumar Pandey

Published: 19 Mar 2020, 09:09 AM IST

दमोह. नगर पालिका परिषद द्वारा फुटकर सब्जी विक्रेताओं के लिए दो करोड़ रुपए की लागत से कचौरा शॉपिंग सेंटर में हॉकर्स जोन बनाकर 228 दुकानें बनाई गईं थीं, यह दुकानें आवंटित भी कर दी गई और नाम भी चढ़ा दिए गए लेकिन कई सालों से यह करोड़ों रुपए की राशि व्यर्थ हो गई है, क्योंकि सब्जी की दुकानें शहर की सड़क किनारे फुटपाथ पर ही लग रही हैं।
दमोह शहर में कई सालों से सब्जी की दुकानें घंटाघर से उमा मिस्त्री की तलैया तक, घंटाघर से कचौरा शॉपिंग सेंटर तक, घंटाघर से पलंदी चौराहे तक लगाई जा रही हैं। पहले पुराना थाना क्षेत्र पर भी सड़क पर दुकानें लगती थीं, यहां नपा ने दीवानजी की तलैया के पास हॉकर्सजोन बनाया था, जहां सब्जी की दुकानें लग रही हैं।
इधर शहर की मुख्य सड़कों से सब्जी दुकानदारों को कचौरा शापिंग सेंटर में नपा ने दो करोड़ रुपए की लागत से हॉकर्स जोन का निर्माण कराया। जहां पर बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई लेकिन इस हॉकर्स जोन में एक भी दुकान नहीं लगाई जा रही है।
पूर्व कलेक्टर का प्रयास भी विफल
पूर्व कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कचौरा शॉपिंग हाकर्स जोन को आबाद करने के लिए स्वयं बाजार क्षेत्र का दौरा किया था और एक-एक सब्जी फुटकर व्यापारी से चर्चा की थी। जिसके बाद उन्हें हॉकर्स जोन में दुकान लगाने के लिए प्रेरित किया था, लेकिन इन दुकानदारों को प्रेरित किया था। सब्जी दुकानदार भी वहां पहुंचने के लिए तैयार हो रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर उनका तबादला होने के कारण फिर दुकानें सड़क किनारे फुटपाथ पर ही लगने लगीं।
महज दो तीन दुकानें लग रहीं
करोड़ों की लागत के हॉकर्स जोन की वर्तमान स्थिति यह है कि यहां महज दो तीन दुकानदारों द्वारा ही दुकानें लगाई जा रही हैं। शेष हॉकर्स जोन खाली पड़े हैं, हालांकि यहां सफाई का ख्याल रखा जा रहा है, लेकिन दुकानदार यहां नहीं पहुंच रहे हैं।
शौचालय बंद
फुटकर सब्जी दुकानदारों के लिए शौचालय भी बनाए गए हैं, लेकिन इनमें ताले डले हुए हैं। इसके अलावा पानी की सुविधा के लिए हैंडपंप भी लगाए हैं, जो भी वर्तमान में खराब चल रहा है। जो इक्का-दुक्का दुकानदार यहां दुकान लगा रहे हैं, वह इन सुविधाओं का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
करोड़ों रुपए व्यर्थ में चले गए
सामाजिक कार्यकर्ता विजय करमरकर का कहना है कि नगर पालिका परिषद द्वारा पिछले पांच साल में करोड़ों रुपए के ऐसे विकास कार्य कराए हैं, जो जनउपयोगी साबित नहीं हुए हैं। इस तरह के विकास से कुछ लोगों का ही भला हुआ है। जनता को कोई फायदा नहीं हुआ है।

Rajesh Kumar Pandey Desk
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