विजयादशमी पर किया गया शमी का विशेष पूजन

विजयादशमी पर किया गया शमी का विशेष पूजन

Samved Jain | Updated: 09 Oct 2019, 07:00:09 PM (IST) Damoh, Damoh, Madhya Pradesh, India

विजयादशमी पर किया गया शमी का विशेष पूजन

दमोह. महराष्ट्र व गुजरात में विजयादशमी पर शमी का विशेष पूजन किया जाता है। इस परंपरा का निर्वहन दमोह में भी किया गया। शमी पूजन के लिए बड़ी संख्या में शमी पेड़ के समक्ष पहुंचे और विधि विधान से पूजन किया गया। शहर के प्रसिद्ध श्रीराम मंदिर में करीब 150 साल पुराने शमी पेड़ के नीचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।


महाराष्ट्र समाज की परंपरा अनुसार यहां पूजन अर्चन डॉ. आलोक सोनवलकर ने कराया, जिसमें महाराष्ट्र व खेड़ावाल के समाज के लोगों ने अपनी परंपराओं का निर्वहन किया। डॉ.आलोक बताते हैं कि दशहरा के दिन शमी पूजन का विशेष महत्व है, पौराणिक मान्यता है कि भगवान राम ने और कृष्ण ने इसका पूजन किया था। यह पूजन विशेष रूप से सुख समृद्धि के लिए किया जाता है। गुजरात व महाराष्ट्र में शमी के पेड़ बहुतायत में पाए जाते हैं कि इसकी पत्ती को दशहरा के दिन सोना कहा जाता है। इसके अलावा महाभारत काल में भी इसका उल्लेेख मिलता है।

पांडव जब अज्ञातवास पर गए थे तब वह अपने अस्त्र-शस्त्र शमी के पेड़ में ही छिपाकर गए थे, वह उनकी रक्षा करने की प्रार्थना की थी। जब वह वापस लौटे तब शमी पेड़ ने उनके अस्त्र-शस्त्र लौटाए थे तब पांडवों ने भी इसी पेड़ के नीचे शस्त्र पूजा की थी, जिससे इसके नीचे शस्त्र पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है। शमी की पत्तियां शिव को प्रिय हैं, सोने के समान है और कुबेर से जुड़ी कथा भी है। इसके साथ शनि के ज्यादा प्रभाव वाले जातकों के लिए शमी की पूजा विशेष लाभकारी है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned