शादी के बाद एक दूसरे को पहना रहे थे वरमाला, इसी बीच धमकी भरा पहुंचा फोन, देखिए फिर क्या हुआ

सालों से चल रहा था प्रेम प्रसंग, बालिग होते ही शादी की, लेकिन बीच मे आई यह समस्या- यह है पूरी कहानी

By: lamikant tiwari

Published: 01 Jul 2019, 11:39 PM IST

 

दमोह. घर से २८ जून को भागी प्रेमिका से उसका प्रेमी २९ जून दिल्ली के निजामुद्दीन में मिला। जिसके फोन करने के बाद दोनों वहां से राजस्थान के लिए ट्रेन से रवाना हुए। दोनों एक साथ जयमाला पहनाने के बाद फ्री हुए ही थे कि इसी बीच दमोह से प्रेमिका के परिजनों का फोन प्रेमी के पास पहुंचा। जिसमें कहा गया कि यदि वह दोनों जल्द ही दमोह नहीं आएंगे तो प्रेमी युवक के परिजनों को जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद प्रेमी युगल तुरंत ही ट्रेन से दमोह के लिए रवाना हुआ। जिसने घर न जाकर सुभाष कॉलोनी क्षेत्र की जबलपुर नाका चौकी पहुंचकर शादी का एफीडेविड दिखाया। जिसमें दोनों ने लड़की के परिजनों पर जान से मारने की धमकी देने के चलते सुरक्षा की मांग की। इसके बाद पुलिस ने उनके बालिग होने पर सुरक्षा प्रदान की। बाद में एसडीएम के समक्ष बयान दर्ज कराए। सुभाष कालोनी निवासी युवक अनिल पिता सुखनंदन अठया (२५) ने बताया कि वह पड़ोस में ही रहने वाली युवती दिव्या अहिरवार से प्यार करता था। लंबे समय से प्यार करने वाले प्रेमी युगल ने बालिग होने पर शादी करने की कसम खाई थी। जैसे ही दिव्या जनवरी में १९ साल की हुई तो उसने स्टॉम्प पर लिखापड़ी कराते हुए नोटरी से शादी रचाई। अनिल चूंकि राजस्थान के रिवारी में किसी कंपनी में काम करता है। इसलिए उसने अपनी प्रेमिका को भी वहीं अपने साथ रखने का निर्णय लिया। दिव्या ने बताया कि वह अपने प्रेमी के साथ शादी करने व हमेशा उसी के साथ रहने के लिए २८ जून को घर से भागी थी। जो उत्कल ट्रेन से सीधे निजामुद्दीन पहुंची। जहां पहुंचने से पहले उसने अनिल को फोन कर दिया था। इसलिए रास्थान के रिवारी से उसका प्रेमी भी निजामुद्दीन पहुंच गया। जिसके बाद वह दोनों रिवारी के लिए रवाना हुए। वहां जाकर रहने लगे। इसी बीच अनिल के पास दिव्या के परिजनों का फोन पहुंचा कि यदि वह दोनों जल्द ही दमोह वापस नहीं आए तो अनिल के पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। यह सुनकर अनिल घबरा गया। जो दिव्या को लेकर दमोह पहुंचा। सोमवार को दमोह पहुंचते ही उसने सुभाष कॉलोनी के जबलपुर नाका पुलिस चौकी पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। जिसमें उन्होंने बालिग होने के सर्टिफिकेट भी पेश किए। इस बीच जानकारी लगते ही युवती के परिजन पुलिस चौकी पहुंचे। जिन्होंने चौकी प्रभारी से बेटी को सुपुर्द करने कहा।
इस बीच एसडीएम के समक्ष बयान दर्ज कराने पर जब युवती ने अपने घर जाने से मना कर दिया तो बालिग होने के कारण युवती अपनी मर्जी से पति मान चुकी अनिल के साथ ही राजस्थान के लिए जाने की जिद करने लगी। एसडीएम ने प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर दिव्या को युवती माना और बालिग होने से उसे उसकी मर्जी के हिसाब से रहने की स्वतंत्रता प्रदान की। आखिरकार एसडीएम के समक्ष बयान दर्ज कराने के बाद प्रेमी युगल जो शादी के बंधन में बंध चुके थे वह पुलिस अभिरक्षा में राजस्थान के लिए रवाना हुए। मामले में देहात थाना प्रभारी एचआर पांडेय ने बताया कि एक प्रेमी जोड़ा जबलपुर नाका चौकी में पहुंचा था। जिसमें युवती दिव्या ने मनपसंद शादी करने पर अपने ही परिवार पर उसके पति अर्थात प्रेमी के परिजनों को मारने की धमकी दी थी। लेकिन समझाइस देने के बाद युवती को चौकी प्रभारी नीतू खटीक ने दोनों को एसडीएम के समक्ष पेश कराया था। जहां पर लड़की के बयान के बाद दोनों को जाने दिया गया। दरअसल पेश किए गए दस्तावेजों के आधार पर दोनों बालिग थे। एसलिए एसडीएम रविंद्र चौकसे ने नियमानुसार उनके बयान दर्ज कर जाने दिया। जिससे दोनों वापस अपनी मर्जी के अनुसार चले गए।

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