इन जिलों में पहले गिरे ओले फिर बरसा तेज पानी, 24 घंटों में बना हुआ है खतरा

लो प्रेशर जोन बनने और तेज हवाओं के कारण बारिश के साथ ओले गिरे हैं, आगामी 24 घंटों में खतरा बना हुआ है....

By: Ashtha Awasthi

Updated: 19 Mar 2020, 12:10 PM IST

दमोह। पूरे मध्यप्रदेश में कई जगहों पर तेज हवा ( weather alert) के साथ बारिश ( heavy rain) हुई और ओले ( hailstone) गिरे। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन में बिछ गई। जानकारी के मुताबिक जिले के जबेरा अंचल में सुबह 7:00 बजे से ओलों की बारिश शुरु हुई। जो सुबह 9:00 बजे दमोह तक पहुंची। दमोह की सर्किट हाउस पहाड़ी पर भी 100 से 50 ग्राम तक के बजनी ओले( weather forecast) गिरे।

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किसान फसलों की कटाई कर ही रहे थे, इस दौरान ही सुबह 7:00 बजे से 9:00 के बीच जबेरा से जबेरा अंचल से शुरू हुई बारिश दमोह शहर व अन्य ब्लाकों में देखी गई है। जिससे कटी कटाई व खेतों में खड़ी फसल को नुकसान बताया जा रहा है।

 

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इधर मौसम में अचानक परिवर्तन होने के कारण तापमान गिरने के आसार बढ़ गए हैं, जिससे क्षेत्र में ठंडक बनी होने के कारण कोरोना वायरस का खतरा भी बढ़ गया है। शहर में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बुधवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था।

वहीं जबलपुर संभाग में भी काली घटाओं ने जोरदार बारिश कर दी है। ठंडी हवाओं के बीच ओले भी गिर रहे हैं। कई स्थानों पर जैसे मदन महल, गढ़ा, पुरवा, राइट टाउन क्षेत्रों में कंचे के आकार के ओले भी गिरे हैं। वहीं सिहोरा, पनागर, बरेला, भेड़ाघाट में ओलों से फसलों को भारी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

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यहां पर भी गिरे ओले

वही बात अगर सीहोर की करें तो यहां पर कई जगह छोटे तो कुछ जगहों पर बड़े आकार के ओलों के गिरने से काफी नुकसान के सूचना है। बुदनी के मकोड़िया गांव के अलावा चकल्दी, रेहटी और नसरुल्लागंज के कई गांवों में बारिश के साथ ओले गिरे। मौसम विभाग का कहना है कि लो प्रेशर जोन बनने और तेज हवाओं के कारण बारिश के साथ ओले गिरे हैं। आगामी 24 घंटों में खतरा बना हुआ है। कई जगहों पर बारिश हो सकती है।

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तेज हवा के साथ ओले

वहीं होशंगाबाद जिले के अनेक स्थानों पर बुधवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच 10 मिनट तक बैर और चने के आकार के ओले गिरे। इसे खेतों में कटने को पककर तैयार खड़ी फसलों में भारी नुकसान हुआ है। तेज हवा और ओले से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। किसानों ने बताया कि ओला से गेहूं को 25 से 30 फीसदी तक नुकसान हुआ है।

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