दमोह से कांग्रेस ने क्यों बनाया प्रताप सिंह लोधी को प्रत्याशी, ये है मुख्य 5 वजह

दमोह लोक सभा से प्रताप सिंह लोधी को कांग्रेस ने घोषित किया प्रत्याशी, भाजपा ने दमोह से प्रहलाद सिंह पटैल को घोषित किया है लोक सभा प्रत्याशी

By: Samved Jain

Updated: 04 Apr 2019, 05:57 PM IST

दमोह. लोक सभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस ने दमोह से पूर्व विधायक प्रताप सिंह लोधी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। प्रताप सिंह लोधी के नाम का एलान होते ही अब दमोह लोक सभा 2019 का मुकाबला लोधी विरुद्ध लोधी होना तय हो गया है। दमोह लोक सभा से भाजपा ने प्रहलाद सिंह पटैल को प्रत्याशी घोषित किया है। दमोह से इसके पहले रामकृष्ण कुसमरिया को कांग्रेस से टिकट मिलने की खबरें आ रही थीं, जिससे अब लोग यह जानना भी चाहते है कि प्रताप सिंह को कांग्रेस ने दमोह से प्रत्याशी क्यों घोषित किया है। प्रताप सिंह लोधी के दमोह से प्रत्याशी बनाए जाने की 5 प्रमुख वजह भी हम आपको बताएंगे। इससे पहले जान लेते है कि प्रताप सिंह कौन है और उनका राजनैतिक कॅरियर क्या है।

 

दमोह से कांग्रेस ने क्यों बनाया प्रताप सिंह लोधी को प्रत्याशी, ये है मुख्य 5 वजह

कौन है प्रताप सिंह लोधी
दमोह लोक सभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह लोधी मध्यप्रदेश के दमोह जिले की जबेरा विधानसभा क्षेत्र के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के बैरागढ़ गांव के मूल निवासी है। इनके पिता का नाम जुगराज सिह लोधी है। प्रताप सिंह का जन्म 1 जुलाई 1961 को हुआ था। प्रताप सिंह की शैक्षणिक योग्यता हायर सेकंडरी है। मुख्य व्यवसाय कृषि है।

प्रताप सिंह लोधी का राजनैतिक कॅरियर
प्रताप सिंह लोधी जबेरा विधानसभा से 2018 में कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े थे, जो कि अल्प मतों से पराजित हो गए थे। इसके पूर्व 2013 में प्रताप सिंह लोधी ने कांग्रेस को इसी विधानसभा से बड़ी जीत दिलाई थी और 5 साल विधायक रहे थे। प्रताप सिंह लोधी के पूर्ण राजनैतिक कॅरियर की बात करें तो वह 1994 से 1999, 2004 से 2009 और 2009 से 2013 तक लगातार तीन बार जिला पंचायत के सदस्य रहे। बताते है कि प्रताप सिंह वर्ष 1994 से लेकर वर्तमान तक लगभग 24 वर्षों से दमोह लोकसभा संसदीय क्षेत्र में व संगठन के जिम्मेदार पदों पर रहे है।

 

दमोह से कांग्रेस ने क्यों बनाया प्रताप सिंह लोधी को प्रत्याशी, ये है मुख्य 5 वजह

दमोह से प्रताप सिंह लोधी को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने की क्या है प्रमुख 5 वजह

1- प्रताप सिंह लोधी उस जाति से आते है। जिसके 2.50 लाख मतदाता दमोह लोक सभा होने का दावा किया जाता है। दमोह से भाजपा और कांग्रेस के दोनों प्रत्याशी लोधी समाज से होना स्पष्ट है कि बड़ा लोधी वोट बैंक।

 

2- प्रताप सिंह लोधी जबेरा से कांग्रेस के विधायक रहे है। 2018 के चुनाव में पूर्व मंत्री रत्नेश सॉलोमन के बेटे ने बागी होकर चुनाव लड़ा था। जबकि भाजपा, एक निर्दलीय प्रत्याशी ने भी उनकी लोधी वोट बैंक में सेंध लगाने का काम किया था। इसीलिए वह चुनाव हार गए थे। इस चुनाव में सांसद प्रहलाद पटैल पूरे समय भाजपा प्रत्याशी के साथ बने रहे थे। जिससे भी वोट प्रभावित हुईं थी। अब कांग्रेस ने उन्हें दोबारा मौका देकर सभी बदले लेने का रास्ता खोल दिया है।

 

3- जबेरा के अलावा दमोह लोकसभा में स्वच्छ छबि। लोधी समाज में भी प्रतिष्ठित चेहरा।

 

4- दमोह लोकसभा के वरिष्ठ कांग्रेसजन, विधायक सहित अन्य का समर्थन।

 

5- अंतिम समय में डॉ. रामकृष्ण कुमसरिया की टिकट कटने के बाद दमोह से कांग्रेस के पास डॉ. जया ठाकुर का चेहरा बेहतर माना जा रहा था, लेकिन उनकी राजनैतिक पृष्ठभूमि कमजोर होने के कारण प्रताप सिंह लोधी को ही प्रबल दावेदार माना गया। जिससे दमोह लोक सभा 2019 के चुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रताप सिंह लोधी को ही अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।

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