राशन लेने आए दो युवकों को पहले पुलिस ने पकड़ा, फिर नक्सली कहकर मार दी गोली, और

नेलगोड़ा मुठभेड़ विवादों में घिरा मुठभेड़ को बताया फर्जी, मारे गए एक नक्सली की उम्र को लेकर बवाल

By: Badal Dewangan

Published: 24 May 2020, 02:14 PM IST

जगदलपुर/दन्तेवाड़ा-इंद्रावती नदी के तट पर बसे गांव नेलगोड़ा-गुमलनार इलाके गुरुवार को हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 2 नक्सलियों के मारे जाने मामला विवादों में घिर गया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए आरोप लगाया कि मारे गए जिस रिशु इस्ताम निवासी गुटोली जिला दन्तेवाड़ा को पुलिस प्लाटून नं 16 का डिप्टी कमांडर बता रही है, आधार कार्ड में उसकी जन्मतिथि वर्ष 2005 की है। इसके हिसाब से उसकी उम्र सिर्फ 15 वर्ष की थी। उसे और माटा नाम के ग्रामीण को नाव पार करते वक्त पुलिस पकडक़र ले गई और गोली मार दी। इस मामले की पड़ताल के लिए वे स्वयं घटना स्थल तक जाएंगी।

पीएम रिपोर्ट से सच्चाई का खुलासा हो जाएगा
वहीं इस मामले में दन्तेवाड़ा एसपी डॉ अभिषेक पल्लव का कहना है कि मारा गया युवक रिशु इस्ताम इंद्रावती नदी पार स्थित पीडियाकोट का रहने वाला था। उसकी उम्र 22 से 24 साल थी। जो वर्ष 2007 से बाल संघम सदस्य के तौर नक्सली संगठन से जुड़ा था। वर्ष 2010 से उसे दलम में शामिल कर लिया गया। मुलाकात करने आये परिजनों ने खुद इस बात को स्वीकार किया। इतने लंबे समय से शामिल रहने के बाद उसकी उम्र 22-23 वर्ष से कम कैसे हो सकती है, पीएम रिपोर्ट से सच्चाई का खुलासा हो जाएगा।

इस घटना के कई प्रत्यक्षदर्शी भी है
रिशु की मां पालो, पिता बदरू, माटा की पत्नी जिलो बाई, माटा के पिता गुडसा सहित जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा एसपी से मिलने दंतेवाड़ा पहुंचे थे। उनकी शिकायत थी कि, राशन लेने आए युवकों में रिशु व माटा को नदी किनारे लेजाकर कुछ दूर पर गोली मार दी। वहीं एक ग्रामीण ने बताया कि, इस घटना के कई प्रत्यक्षदर्शी भी है।

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