भीमा मंडावी की हत्या बन रही है छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार के बीच टकराव की वजह

भीमा मंडावी की हत्या बन रही है छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार के बीच टकराव की वजह

Deepak Sahu | Updated: 04 Jun 2019, 05:55:26 PM (IST) Dantewada, Dantewada, Chhattisgarh, India

बस्तर से भाजपा के एकमात्र विधायक भीमा मंडावी (Bhima Mandavi) की लोकसभा चुनाव (Lok sabha election) के दौरान मतदान से ठीक दो दिन पहले 9 अप्रैल को नक्सलियों आईईडी ब्लास्ट (IED Blast) कर हत्या कर दी थी। जिसके चलते इस हमले में भाजपा विधायक और उनके ड्राइवर की जान चली गई थी साथ ही 3 पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने हमले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी

दंतेवाड़ा. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक भीमा मंडावी (Bhima Mandavi) की हत्या की जांच केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच टकराव की वजह बन गया है। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने झीरमघाटी हमले (jhiram ghati attack) की जांच के लिए एक विशेष जांच दल के गठन की घोषणा की थी और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से आवश्यक फाइलें मांगी थीं। हालांकि, एनआईए ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।

एनआईए ने अब छत्तीसगढ़ सरकार से भीम मंडावी की हत्या से जुडी फाइलें मांगी हैं लेकिन राज्य सरकार जानकारी साझा करने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि वह चाहते है कि जांच राज्य स्तर पर किया जाए।

आपको बता दें की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनआईए को समीक्षा बैठक आयोजित करने के लिए कहा है, जिसमें वह केंद्रीय जांच एजेंसी के साथ सभी लंबित मामलों का जायजा लेंगे। ऐसी उम्मीद भी जताई जा रही है कि यदि एनआईए सभी फाइलों जिसमें भीमा मांडवी के हत्या से सम्बंन्धित फाइलें हैं, अगर प्रस्तुत करने में से करने में विफल रहता है तो एक बार फिर छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने एनआईए द्वारा की जा रही जांच पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।जिसमें उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव से कहा है की राज्य सरकार द्वारा गठित टीम ने जांच पूरी कर ली है।

छत्तीसगढ़ के कई भाजपा नेताओं के अनुरोध पर लोकसभा चुनाव संपन्न होने के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने 17 मई को एनआईए को भीमा मंडावी की हत्या की जांच शुरू करने का आदेश दिया था।

लोकसभा चुनाव के दौरान हुई थी हत्या

बस्तर से भाजपा के एकमात्र विधायक भीमा मंडावी (Bhima Mandavi) की लोकसभा चुनाव (Lok sabha election) के दौरान मतदान से ठीक दो दिन पहले 9 अप्रैल को नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। कुआकोंडा थाना इलाके के श्यामागिरी में आईईडी (IED) लगाकर विस्फोट किया था। चुनावी सभा से लौट रहे मंडावी इसकी चपेट में आ गए। जिसके चलते इस हमले में भाजपा विधायक और उनके ड्राइवर की जान चली गई थी और 3 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने हमले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी।

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