फूड इंस्पेक्टर दिनदहाड़े किसानों से कर रहा था वसूली, मीडिया के पहुंचे ही भाग निकला अफसर

धान की गुणवत्ता खराब बताकर किसानों को डरा धमकाकर उनसे 5 से 15 हजार रुपए तक वसूल रहे है।

दंतेवाड़ा/नकुलनार. छग समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केंद्रों में अवैध धान को रोकने के लिए खाद विभाग दंतेवाड़ा से बनी जांच टीम धान खरीदी केंद्रों में धान की गुणवत्ता खराब बताकर किसानों को डरा धमकाकर उनसे 5 से 15 हजार रुपए तक वसूल रहे है।

पूरा मामला उस वक्त उजागर हुआ जब फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर नकुलनार धान खरीदी केंद्र में पहुंचकर किसान मोहनलाल स्यानपारा निवासी से खराब धान बताकर 5 हजार रुपए ले लिए। इसी तरह से हल्बारास के किसान सुरेंद्र भोयर से 15 हजार रुपए की मांग की। पैसा लेने के लिए अधिकारी किसान के घर पहुँचकर पैसा नही देने पर किसान की हालर मील बन्द कराने की धमकी भी दी।

 

इसी तरह किसान महावीर से 10 हजार, सुखदेव से 10 हजार, किसान सम्पत से 20 हजार रुपए लेने का किसानों ने गम्भीर आरोप लगाया। इस बीच दन्तेवाड़ा कलेक्टर को सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल जांच के आदेश एसडीएम को सौंपकर कार्रवाई की बात कही।

हर पीडि़त किसान का दर्ज किया गया बयान
फूड इंस्पेक्टर के अवैध वसूली में फंसे पीडि़त गरीब किसानों से गांव पहुंचे तहसीलदार ने एक-एक किसान के बयान दर्ज किया। जहां किसानों ने बताया कि डरा धमका कर धान में कमियां निकालकर फूड इंस्पेक्टर पैसे ले रहे थे। इधर फूड इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचकर अपने आप को बेगुनाह बताने में लगे हुए थे।

मीडिया के पहुंचते ही भागने लगा फूड इंस्पेक्टर
जब मीडिया तक यह घूसखोरी की बात पहुंची तो फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर मीडियाकर्मियों और किसानों को देखकर भागने लगे। जब मीडिया कर्मियों ने उनसे पूछा कि आप किस नियम के तहत पैसे ले रहे है। तो उन्होंने मीडिया पर ही आरोप जड़ दिया कि तुम लोगों को नही मिला होगा इसलिए मुझ पर आरोप लगा रहे हो। घटना की खबर होते ही दन्तेवाड़ा प्रशासन में हड़कंप मच गया।

जांच के बाद फूड इंस्पेक्टर पर कार्यवाही होगी।
भरोसराम ठाकुर, एसडीएम

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चंदू निर्मलकर Desk
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