स्वाइन फ्लू से सावधान, खांसी, सिरदर्द की परेशानी हो तो तुरंत मिले डॉक्टर से

इन सब से प्रभावित होने पर समीपस्थ स्वास्थ्य केन्द्र या मेडिकल कॉलेज में जांच व उपचार कराना चाहिए।

दंतेवाड़ा. प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकरणों को मद्देनजर रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में स्वाइन फ्लू से बचाव के लिये आम जनता से सावधानी बरतने का आग्रह करते हुए आवश्यक परामर्श दिया गया है। इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एचएल ठाकुर ने बताया कि स्वाइन फ्लू का मुख्य कारण वर्तमान परिवहन सुविधाओं के साथ ही आसान आवागमन साधनों का होना है।

जिससे कोई भी व्यक्ति प्रभावित मरीजों के सम्पर्क में आ जाता है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू का वायरस संक्रमित वायुकन और संक्रमित वस्तुओं के द्वारा फैलता है। संक्रमण की अवधि बच्चों में एक सप्ताह से अधिक हो सकती है तथा बुजुर्ग व गर्भवती माताओं को संक्रमण का खतरा अधिक होता है।

 

स्वाइन फ्लू का लक्षण बुखार के साथ खांसी, सिरदर्द, बदनदर्द, नाक बहना, गले में खराश, ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमित होना अथवा प्रभावित व्यक्ति के सम्पर्क में आना है। इन सब से प्रभावित होने पर समीपस्थ स्वास्थ्य केन्द्र या मेडिकल कॉलेज में जांच व उपचार कराना चाहिए। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए छींकते या खांसते वक्त मुंह पर रुमाल अथवा कपड़ा रखना चाहिए। नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने सहित बुखार, खांसी, स्वांस संबंधी तकलीफ से पीडि़त मरीजों से दूरी बनाकर रखना चाहिए।

डॉ ठाकुर ने बताया कि यदि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देता है तो घर पर रहें। स्कूल, ऑफिस या बाजार अथवा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जाना चाहिए। पौष्टिक भोजन का सेवन करने सहित खूब पानी पीयें और पूरी नींद लेवें। इसके साथ ही शरीर को हमेशा क्रियाशील रखने का प्रयास करें। उन्होंने जिले के किसी भी व्यक्ति को स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल समीपस्थ स्वास्थ्य केंद्र में सम्पर्क कर जांच व उपचार कराए जाने का आग्रह जनसाधारण से किया है।

चंदू निर्मलकर Desk
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