विधायक के घर जाने का रास्ता ही खस्ताहाल, कहा- नहीं बनी रोड तो बैठेंगे धरने पर

दंतेवाड़ा विधायक के गृहग्राम के आसपास ही आधा दर्जन से ज्यादा सड़कें अधूरी

 

By: Akash Mishra

Updated: 16 Mar 2020, 12:52 PM IST

दंतेवाड़ा। विधायक देवती कर्मा ने अपने गृह ग्राम फरसपाल के आसपास डेढ़ दशक से अधूरी पड़ी सड़कों से परेशान होकर कलेक्ट्रेट के सामने धरना देने की चेतावनी दी है। विधायक ने अधूरी सड़कों को लेकर जानबूझकर काम नहीं करने का आरोप जिला प्रशासन व पुलिस पर लगाते कहा है कि जब अरनपुर व नारायणपुर की सड़कों को फोर्स लगाकर पूरा किया जा सकता है तो दंतेवाड़ा से 10 किमी की दायरे में अधूरी पड़ी सड़कों का निर्माण कार्य क्यों पूरा नहीं किया जा सकता है। जानबूझकर इन सड़कों को नहीं बनवाया जा रहा है। पुलिस व प्रशासन एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ते हुए समय काट रहे हैं। फरसपाल इलाके में आधा दर्जन सड़कें अधूरी छोडऩे वाले भाजपाई ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। पुराने मुख्यमंत्री का संरक्षण इस ठेकेदार को प्राप्त था अफसर अब भी इस ठेकेदार से मिली भगत कर सड़कों को पूरा नहीं करना चाहते हैं।

इसलिए भड़कीं विधायक

दरअसलए नक्सली हमले के अंदेशे के चलते पुलिस ने विधायक देवती कर्मा को शुक्रवार को उनके गृह ग्राम जाने से मना किया था। इसके बाद डीआरजी व अन्य फोर्स की रोड ओपनिंग पार्टी लगाकर दिन रहते ही विधायक को फरसपाल जाकर आने को कहा गया। इससे विधायक खासी नाराज हुईं। उनका कहना है कि दंतेवाड़ा से फरसपाल के बीच इकलौती डामरीकृत सड़क हैए जिससे जेड प्लस की सुरक्षा मिलने के बावजूद इसी इकलौती सड़क से आना.जाना उनकी मजबूरी है। अगर फरसपाल के आसपास के गांव की पक्की सड़क से जुड़े हुए होते तो परिस्थिति के अनुसार किसी भी सड़क से आने.जाने का निर्णय लेने में आसानी होती। इससे नक्सली एंबुश के खतरे को टाला जा सकता है, लेकिन प्रशासन व पुलिस के अफसर जानबूझकर ऐसा नहीं चाहते हैं।

ये सड़कें अधूरी

कपूरे से मंगनार, कतियाररास से डेगलरास, टेमरू नाला से कंवलनार, कंवलनार से पंडेवार, फरसपाल से मिड़कुलनार, कंवलनार से केशापुर और पंडेवार से कमालूर सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2005 में स्वीकृत हुई थींए लेकिन आज पर्यंत पूरी नहीं हो सकी हैं। इन सड़कों में से ज्यादातर को पहले जिस ठेकेदार ने अधूरा छोड़ा थाए दशक भर बाद हुए री.टेंडर में उसी ठेकेदार ने दोबारा ठेका हासिल किया। इसके बाद सड़कों पर डेढ़ साल से गिट्टी फैलाकर छोड़ा हुआ है। इस बारे में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता संतोष नाग का कहना है कि बगैर सुरक्षा के काम करना संभव नहीं है। सुरक्षा के लिए कई बार चिट्?ठी लिखी जा चुकी है।

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