चीन की खुली पोल, बिहार रेजीमेंट के जवानों ने मारे थे 100 से अधिक चीनी सैनिक, इस वजह से छिपा रहा था नुकसान

भले ही चीन अपने नुकसान को छिपाता रहा हो पर भारतीयों को विश्वास था कि चीन ने भी बड़ी संख्या में सैनिकों को गंवाया है (China Lost More Than 100 Soldiers In Galwan Valley, Why Hiding Numbers) (India China Relations) (Galwan Valley) (India-China Face Off) (Bihar News) (Bihar Regiment) (Darbhanga News) (how many chinese soldiers killed in galwan)...

 

By: Prateek

Published: 07 Jul 2020, 05:25 PM IST

दरभंगा: वह रात (15 जून 2020) कोई कैसे भूल सकता है जब खबर आई कि गलवान घाटी (Galvan Valley) में चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष (India-China Face Off) में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। भले ही चीन अपने नुकसान को छिपाता रहा हो पर भारतीयों को विश्वास था कि चीन ने भी बड़ी संख्या में सैनिकों को गंवाया है। यह विश्वास भारतीय सेना के जवानों (Bihar Regiment) के उस शौर्य और बहादुरी पर है जो दुश्मन को मजा चखाना अच्छी तरह से जानते हैं। अंतत: साफ हो गया है कि चीन के 100 से अधीक सैनिक इस संघर्ष में मारे गए थे।

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100 से अधिक चीनी सैनिक मरे...

इस बात का दावा पूर्व चीनी सैन्य अधिकारी जियानली यांग ने अपने लेख में किया है। उनका कहना है कि भारतीय सेना के साथ उस रात हुए खूनी संघर्ष में चीन के 100 से अधीक सैनिक मारे गए थे। यांग के पिता चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) में नेता है। चीनी के झूठ को जाहिर करने वाला उनका यह लेख वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित हुआ है।

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खड़ी हो सकती है मुसीबत...

चीन की खुली पोल, बिहार रेजीमेंट के जवानों ने मारे थे 100 से अधिक चीनी सैनिक, इस वजह से छिपा रहा था नुकसान
जियानली यांग IMAGE CREDIT:

चीनी जेल में 5 साल बिताने के बाद यांग 2007 में रिहा हुए थे इसके बाद वह यूएसए में रहने लगे। उन्होंने अपने लेख में दावा किया है कि चीनी सरकार जानबूझकर अपने मृत सैनिकों के आंकडों को दुनिया के सामने नहीं लाना चाहती हैं, अगर ऐसा किया जाता है तो न केवल चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के लिए मुश्किल खड़ी होगी अपितु पार्टी (CCP) में भी फूट पड़ सकती है।

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भारत ने किया शहीदों का सम्मान...

यांग ने यह भी लिखा कि 'भारत से ज्यादा चीन के सैनिक मरे' यह बताने पर बीजिंग को देश में अशांति फैलने और (CCP) की शक्ति कम हो सकती है। जियानली यांग ने चीन की आलोचना करते हुए यह आरोप भी है कि गलवान घाटी संघर्ष के विषय में चीनी सरकार खुलासा करने को तैयार नहीं है। जबकि भारत सरकार ने अपने शहीदों का सम्मान किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले कुछ दिनों में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआंग ने विभिन्न समाचार सम्मेलनों के दौरान गलवान घाटी में चीनी हताहतों के बारे में सवालों को टाल दिया है।

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हो सकती है अशांति...

 

चीन की खुली पोल, बिहार रेजीमेंट के जवानों ने मारे थे 100 से अधिक चीनी सैनिक, इस वजह से छिपा रहा था नुकसान

यांग ने चीनी सैनिकों की दुर्दशा पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने दावा किया कि पीएलए रिटायर्ड चीनी जवानों के बारे में नहीं सोचती। यहां सेवा दे रहे जवानों और शहीदों की भी कोई परवाह नहीं है। रिटायर्ड सैनिक लंबे समय से पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं और रोजगार के लिए मांग कर रहे हैं लेकिन इनकी तरफ सरकार ध्यान देने को तैयार नहीं है। उन्होंने यह दावा भी किया है कि चीनी राष्ट्रपति के खिलाफ इन सभी में रोष है क्योंकि उन्होंने इनके रोजगार के अन्य रास्तो भी बंद कर दिए हैं। ऐसे में यदि भारत से ज्यादा चीनी सैनिकों के मरने की बात का खुलासा होता है तो चीन को आतंरिक शांति भंग होने का डर सता रहा है।

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इधर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ( NSA ) अजीत डोभाल ( Ajit Doval ) और चीनी विदेशी मंत्री वांग यी ( China stat councillor wang yi ) के बीच हुई वार्ता के बाद चीनी सैनिक गलवान घाटी में दो किलोमीटर तक पीछे हट गए हैं। इसी के साथ उन्होंने पाइंट 14 जहां झड़प हुई थी वहां से अपने टैंट भी हटा लिए है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सैटेलाइट इमेज से भी इस बात का खुलासा हुआ है। गौरतलब है कि बिहार रेजीमेंट के जवानों ने चीनी सैनिकों को धूल चटाई थी। इस दौरान भारत के 20 जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गए।

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