धान की बेहतर कीमत न मिलने से किसानों का हंगामा , सडक़ पर उतरे

कृषि मंडी पहुंचे किसानों ने कच्ची पर्चियां थमाए जाने का किया विरोध, नारेबाजी व जाम

Farmers uproar due to poor price of paddy, Get on the road

By: संजय तोमर

Published: 22 Oct 2020, 01:12 AM IST

दतिया. साल भर के इंतजार के बाद किसान खेतों में धान की फसल बोता है। मंडी में बेेचने पर उसे मेहनत का पैसा भी नहीं मिल पाता। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। कृषि उपज मंडी में पहुंचे किसानों को उनकी धान का मूल्य बेहद कम मिला। उन्हें कच्ची पर्चियां भी दी जा रही हैं व वक्त पर पैसा भी नहीं मिल रहा । इससे आक्रोशित होकर किसानों ने मंडी के सामने जाम लगा दिया। किसानों का कहना था कि व्यापारियों की मनमानी के चलते उन्हें धान बेहद कम भाव में बेचनी पड़ रही है। सूचना मिलने पर मौके पर प्रशासन के अधिकारी जा पहुंचे। किसानों को समझाइश व आश्वासन देने पर ही वे सडक़ से हटे।
धान की फसलें किसानों ने काट ली हैं। थ्रेसिंग कराकर घरों में या खलियान में रख ली है। जिन किसानों को पैसे की सख्त जरूरत है वे धान को बेचने कृषि उपज मंडी में पहुंच रहे हैं । बुधवार को भी सैकड़ों की संख्या में किसान मंडी में धान लेकर पहुंचे पर आढ़तियों ने धान को बेहद कम दरों पर खरीदा। इतना ही नहीं धान बेचने के बाद किसानों को भुगतान भी तत्काल नहीं दिया जा रहा। इसी के चलते किसानों ने बुधवार की दोपहर बाद करीब तीन बजे मंडी गेट के सामने जाम लगा दिया। सडक़ पर बैठकर प्रदर्शन किया। उन्होंने व्यापारियों, मंडी प्रशासन व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि धान को व्यापारी १२०० से १४०० रुपए प्रति क्ंिवटल के भाव में खरीदी जा रही है । इसके बाद भी उन्हें कच्ची पर्चियां थमाई जा रही हैं। किसानों का कहना तो यहां तक था कि वे नकली पर्चियां दे रहे हैं जिससे भुगतान मिलने की कोई गारंटी नहीं है।
पुलिस व अधिकारी पहुंचे मौके पर

किसानों द्वारा चक्काजाम की सूचना मिलने पर एडीएम विवेक रघुवंशी, एसडीएम अशोक सिंह चौहान ,तहलीलदार नीतेश भार्गव व बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर जा पहुंचा। सडक़ पर जमे किसानों से अधिकारियों ने बात करनी चाही पर काफी देर तक तो वे अपनी जिद पर अड़े रहे।

अधिकारियों ने मंडी प्रांगण में सचिव आरके गोस्वामी व गल्ला कारोबारियों को बुला लिया। किसानों को भी बुलाया पर वे सडक़ पर जमे रहे। अधिकारियों की समझाइश के बाद किसानों ने बात की । किसानों ने बताया कि उन्हें एक तो मंडी में धान बिक्री के बाद कच्ची पर्ची दी जा रही है तो दूसरी ओर एमएसपी पर खरीदी नहीं की जा रही जिससे वे परेशान हैं। किसानों ने धान का न्यूनतम भाव १७०० रुपए करने की मांग की पर एडीएम का कहना था कि भाव हम तय नहीं कर सकते।
अधिकारी पहुंचे, बोले- कच्ची पर्ची नहीं मिलेगी
किसानों को समझाइश दी गई है कि जल्द से जल्द एमएसपी पर धान की खरीदी शुरू होने वाली है। व्यापारियों से भी बात की है। उन्हें अब कच्ची पर्ची नहीं मिलेगी व गुणवत्ता युक्त धान की बेहतर कीमत दिलाने के लिए व्यापारियों से कहा गया है।
नीतेश भार्गव, तहसीलदार ,दतिया

संजय तोमर Desk
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