एमसीआइ की टीम को नहीं मिले पलंगों पर चादर

तीन महीने बाद फिर जिला चिकित्साल और मेडिकल कॉलेज में एम सी आइ की टीम जा पहुंची।

By: monu sahu

Published: 25 Apr 2018, 10:47 PM IST

दतिया. तीन महीने बाद फिर जिला चिकित्साल और मेडिकल कॉलेज में एम सी आइ की टीम जा पहुंची। मेडिकल कालेज की मान्यता के लिए अस्पताल और कॉलेज की बिल्ंिडग एवं अन्य सुविधाएं है या नहीं इसका मुआयना किया।जिला चिकित्सालय पहुंची टीम ने उस वक्त नाराजगी जाहिर की जब कई वार्डों में डले पलंगों पर चादर नहीं मिली। इतना ही नहीं ओपीडी में पहुंची टीम ने पाया कि मरीज बेतरतीब खड़े हुए हैं कोई कतार में नहीं हैं। डॉक्टर को इतनी बुरी तरह घेरे हैं कि वह चेकअप भी नहीं कर सकता।

इन सब बिंदुओं पर टीम के सदस्यों ने सीएमएचओ से कहा कि इन व्यवस्थाओं में सुधार करो। जिला चिकित्सालय पहुंची टीम में असम से आए डॉ बीके दास, आंध्रप्रदेश से आए डॉ तेज एवं उत्तरप्रदेश से आए डॉ अमित सिंह ने करीब एक घंटे तक जिला चिकित्सालय में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंच कर यहां भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एक- एक से उन डॉक्टरों का रिकार्ड देखा जो कि हाल ही में पदस्थ हुए हैं। टीम के मुआयने के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रदीप उपाध्याय एवं सिविल सर्जन डॉ डीके गुप्ता सहित स्टाफ मौजूद था। एमसीआई की टीम का यह अंतिम निरीक्षण था। इस निरीक्षण की रिपोर्ट दिल्ली जाकर एमसीआई को देंगे। इस आधार पर तय होगा कि मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलेगी या नहीं।

डॉक्टरों की नहीं दिखी नेम प्लेट

एमसीआई की टीम जब जिला चिकित्सालय पहुंची तो देखा कि जहां डॉक्टर्स के ड्यूटी रूम हैं वहां नेम प्लेट नहीं हैं। इस पर टीम ने नाराजगी जताई। उन्होंने हिदायत दी कि हर वार्ड के बाहर साइन बोर्ड लगाओ जिस पर सभी जानकारियां लिखी हों। टीम के सदस्यों ने पीआईसीयू, एसएनसीयू का भी निरीक्षण किया जब टीम सर्जिकल वार्ड में पहुंची तो सदस्यों ने नर्स से पूंछ लिया कि इसमें कितने बेड हैं तो नर्स ने यहां पलंग की संख्या नौ बताई जबकि सीएमएचओ ने संख्या दस बताई। असमंजस की स्थिति को भी उन्होंने ठीक नहीं बताया।

तकिया नहीं थे बच्चों के पास

एमसीआई की टीम जिला चिकित्सालय के चिल्ड्रन वार्ड में पहुंची तो पलंग पर जाकर देखा तो जो बाल रोगी थे उनके सिर के नीचे तकिया नहीं था। उनके पलंगों पर वो पर्ची नहीं लगी थी जिस पर वजन समेत अन्य जानकारियां लिखी रहती हैं। टीम के सदस्यों ने सीएमएचओ से यह भी पूछा कि मानसिक रोगियों के लिए यहां क्या व्यवस्था है। इस पर सीएमएचओ ने बताया कि दस पलंगों की व्यवस्था है।

एमसीआई की टीम ने जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के बाद टीम ने संतोष जनक व्यवस्थाएं पाईं। उम्मीद हैकि १५ मई तक मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल जाएगी

डॉ. राजेश गौड़ डीन दतिया मेडिकल कॉलेज

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