तीसरी आंख से होगी मंडी में तौल की निगरानी

तीसरी आंख से होगी मंडी में तौल की निगरानी

monu sahu | Publish: Mar, 14 2018 11:09:12 PM (IST) Datia, Madhya Pradesh, India

अन्नदाताओं पर होगी सुविधाओं की बौछार

दतिया/इंदरगढ़. कृषि उपज मंंडी में कि सानों के माल की खरीद-फरोख्त पर अब तीसरी आंख की नजर रहेगी। मंडी प्रबंधन ने अन्नदाताओं की सुविधा के लिए खास प्रयास किए हैं। इसके लिए परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद भी शुरू कर दी है। इससे क्षेत्र के दो सैकड़ा से ज्यादा गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं अन्य सुविधाएंं भी मिलेंगीं ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडी में डेढ़ दर्जन से ज्यादा कारोबारी व्यापार करते हैं।
कृषि उपज मंडी में आने वाले किसानों को अब खास सुविधाएं मिलने वाली हैं। मंडी परिसर में आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इतना ही नहीं मंडी को बी ग्रेड का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। वजह है कि मंडी से शासन को पिछले तीन साल में 82 लाख से ज्यादा की आमदनी बढ़ाई है। जबकि किसानों को उस हिसाब से सुविधाओं नहीं मिल पा रहीं जिसकी उन्हें दरकार है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। किसानों के फसल उत्पाद की तौल में किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए परिसर में ही 12 कैमरे लगाए जाएंगे। ताकि क्षेत्र के दो सौ से ज्यादा गांवों के किसानों को परेशानी न हो। कृषि उपज मंडी को बी ग्रेड बनाने की कवायद भी की जा रही है ।


अभी तक हो चुकी हैं कई गड़बडिय़ां


कृषि उपज मंडी परिसर मेंअभी तक किसानों को बैठने की व्यवस्था है। पानी भी है पर बड़ी मंडियों की तर्ज पर पूर्व में किसान सेवा केन्द्र की व्यवस्था की गई थी पर देखा किसानों के न पहुंच पाने के कारण ठेकेदार को घाटा हुआ और केन्द्र बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं पिछले कुछ दिनों में मंडी परिसर में घटलौती की घटनाएं भी हुई हैं । उन पर लगाम कसने के लिए दोषी पाए जाने पर लाइसेंसधारी का लाइसेंस निरस्त भी किया गया।


हर साल बढ़ी है आय


पिछले तीन सालों में कृषि उपज मंडी की आय 82 लाख रुपए बढ़ी है। 2015-16 में आय दो करोड़ 25 लाख रुपए थी वही 2016 -17 में तीन करोड़ दो लाख , 2017-18 में आय चार करोड़ 54 लाख रुपए की हो गई । इसी से उत्साहित मंडी प्रबंधन ने इसे बी ग्रेड में लाने की योजना बनाई है।


सुविधाएं बढ़ाने की कवायद


कृषि उपज मंडी की आमदनी बढ़ रही है। किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें इसके लिए उसे बी ग्रेड में लाने का प्रयास किया जा रहा है।


राजेन्द्र सिंह राजपूत, अध्यक्ष, कृषि उपज मंडी, इंदरगढ़

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