हौसले की दौड़ ने दिव्यांगता को पछाड़ा, जीत लिया सोना

monu sahu

Publish: Dec, 07 2017 10:57:03 (IST)

Datia, Madhya Pradesh, India
हौसले की दौड़ ने दिव्यांगता को पछाड़ा, जीत लिया सोना

राष्ट्रीय खेल स्पर्धा में जिले का नाम किया रोशन

दतिया। प्रतिभा किसी का मोहताज नहीं होती, चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक कमी। इसका जीता जागता उदाहरण हैं जिले के कुछ दिव्यांग, जिन्होंने शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद भी दौड़ में सोना दिलाया। इस तरह के अन्य युवा भी हैं, जो कई तरह से शारीरिक रूप से कमजोर हैं, पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया। इनमे ंसे एक नाम जोशिना खरे का भी है। जिसने अजमेर में आयोजित प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल हासिल कर ख्याति पाई।

कहा जाता है कि शारीरिक रूप से सक्षम युवा ही खेल-कूद प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन जिले के कुछ युवा ऐसे भी हैं, जिन्होंने इस मिथक से हटकर न केवल जिला स्तर की खेलकूद प्रतियोगिता में जीत हासिल की बल्कि प्रदेश लेबल पर जाकर विजय हासिल की और बढ़ते-बढ़ते राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया। शहर की जोशिना खरे इसका एक बेहतर उदाहरण हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता जो कि अजमेर में आयोजित की गई थी उसमें गोल्ड मैडल हासिल किया।

इतना ही नहीं दिव्यांगों के लिए आयोजित दौड़ प्रतियोगता में कांस्य पदक हासिल किया। ये पिछले कई सालों से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा एक अन्य नाम आशीष पचौरी का भी है जो कि दिव्यांग है पर इन्होंने भी मूकबधिर की श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अजमेर में हुए नेशनल खेलों में प्रदर्शन किया। एक छोटे से गांव इकारा के रहने वाले आशीष पिछले कई साल से खेलों में रुचि रखते हुए बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

बूची गेम में महारत

शारीरिक रूप से कमजोर अनिल दांगी का बूची खेल में कोई सानी नहीं है। उन्होंने भी जिले को ख्याति दिलाते हुए पिछले साल आयोजित प्रतिस्पर्धा में बूची खेल में बेहतर प्रदर्शन किया। इसके लिए उनका चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी हुआ। इसके अलावा चितंवा गांव निवासी बहादुरपाल भी बूची खेल के धुंरधर माने जाते हैं। इन बच्चों ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में आयोजित खेल प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व किया था और बेहतर प्रदर्शन भी किया। इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मे ं कोच वैभव खरे का काफी अच्छा योगदान रहा।

संस्थाओं ने किया सम्मानित

वैसे तो ये प्रतिभाएं किसी के सम्मान की मोहताज नहीं, लेकिन प्रतिभा कभी छिपती नहीं और लोग बरबस ही उनका सम्मान कर ही देते हैं। इन दिव्यांगों की प्रतिभा को देखते हुए स्व. मनोज रावत युवक कल्याण एवं खेल अकादमी ने हाल ही में उन्हें एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सम्मानित किया। उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान दिया गया।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned