अंजली का साहस : लड़कियों को बचाने नदी में कूदी, एक की गर्दन तो दूसरी का हाथ पकड़ बाहर निकाला

  • मामुलिया विसर्जि करने गई तीन किशोरियां सिंध नदी में डूबीं, दो के शव मिले, एक लापता
  • गोराघाट थाना क्षेत्र के ग्राम उचाड़ में हुआ दर्दनाक हादसा

By: हुसैन अली

Published: 06 Oct 2021, 10:54 PM IST

इंदरगढ़ (दतिया). बुधवार को सिंध नदी में बड़ा हादसा हो गया। तीन किशोरियां नदी में डूब गईं, दो के शव निकाले जा चुके हैं और तीसरी देर शाम तक लापता थी। उसका पता लगाने के लिए गोताखोर प्रयास में लगे थे, लेकिन खबर लिखे जाने तक कुछ पता नहीं चल सका था। इन तीन लड़कियों के साथ दो और डूबने लगी थी, लेकिन एक किनारे पर खड़ी एक लडक़ी ने हिम्मत दिखाते हुए नदी में कूदकर उन दोनों को तो सुरक्षित निकाल लिया।

गोराघाट थाना अंतर्गत आने वाले उचाड़ में बुधवार को गांव की कुछ लड़कियां सिंध नदी में नहाने गई थीं। नहाते समय तीन लड़कियां संगीता (17) पुत्री कप्तान सिंह बघेल, खुशबू (16) पुत्र शिब्बी केवट एवं वैष्णवी (17) पुत्री जनवेद बघेल गहरे पानी में चली गई। इस दौरान मौके पर चीख-पुकार मच गई। साथ में गई लड़कियों द्वारा गांव वालों को जानकारी देने के बाद संगीता और खुशबू के शव तो गांव के गोताखोरों ने खोज लिए, लेकिन वैष्णवी का रात तक कोई पता नहीं चला था। पुलिस ने दोनों लड़कियों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराने के उपरांत शव परिजनों का सौंप दिए हैं। तहसीलदार सुनील भदौरिया ने बताया कि घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्चिंग में जुटी हैं।

लापता हुई तीसरी बच्ची के शव का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मामुलिया एक प्राचीन खेल है। बच्चे और बच्चियां पेड़ के झाड़ को सजाकर नदी व तालाब में विसर्जित करते हैं। बुधवार को उचाड़ में सिंध नदी में तीन बच्चियों के डूबने की घटना भी मामुलिया सिराने के दौरान हुई। हालांकि हादसे का बड़ा कारण रेत माफिया द्वारा किया जा रहा अवैध उत्खनन भी है।

सूनी हो गई पांच भाइयों की कलाई

बच्चियों के डूबने की वजह से पांच भाइयों की कलाई सूनी हो गई। संगीता बघेल अपने पांच भाइयों में अकेली बहन थी। संगीता की मौत के बाद उसके पांचों भाइयों तथा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

अंजली का साहस, खुद की जान खतरे में डाल दो को बचाया

प्रत्यक्षदर्शी अंजली के अनुसार पानी में सबसे पहले संगीता डूबी इसके बाद खुशबू और वैष्णवी। अंजली वैष्णवी बघेल की छोटी बहन है। वह भी मामुलिया सिराने गई थी। अंजली का कहना है कि संगीता, खुशबू और वैष्णवी पानी में ऊपर-नीचे होती रहीं और चिल्ला भी नहीं सकीं। एक अन्य लडक़ी मुंह धोने गई तो वह भी पानी में डूबी। उसे बचाने दूसरी लडक़ी चली गई। यह दोनों डूबने लगी तो अंजली ने पानी में छलांग लगा दी। दोनों लड़कियों पूजा और राखी ने उसके पैर पकड़ लिए। अंजली ने दोनों में से एक को गर्दन पकड़ कर और एक को हाथ पकड़ कर खींचा। इस दौरान अंजली नदी की करार (मिट्टी के किनारे) को पकड़े रही।

दिव्यांग पिता का सहारा थी खुशबू

असमय काल का ग्रास बनी खुशबू की मौत से उसके पिता व भाइयों पर बज्रपात हुआ है। खुशबू से दो बड़ी बहनें और दो छोटे भाई हैं। बड़ी बहिनों की शादी हो चुकी है। खुशबू के पिता दिव्यांग हैं। खुशबू मजदूरी कर गृहस्थी चलाने में मदद करती थी।

हुसैन अली
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