छठे दिन भी कारोबार ठप, समझौता वार्ता में नहीं आए पल्लेदार

gaurav khandelwal

Publish: Jan, 14 2018 09:16:42 AM (IST) | Updated: Jan, 14 2018 09:16:43 AM (IST)

Dausa, Rajasthan, India
छठे दिन भी कारोबार ठप, समझौता वार्ता में नहीं आए पल्लेदार

बांदीकुई कृषि उपज मण्डी समिति में छनाई की अलग से मजदूरी की मांग को लेकर विवाद

बांदीकुई. कृषि उपज मण्डी समिति में छठे दिन शनिवार को भी हड़ताल रहने से दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। हड़ताल से किसान, पल्लेदार एवं व्यापारियों को भी खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि मण्डी समिति की ओर से दोपहर एक बजे पल्लेदार एवं व्यापारियों को समझौता वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन पल्लेदारों के नहीं आने से वार्ता नहीं हो सकी।

 

मण्डी में प्रतिदिन 15 से 18 सौ बोरी जिंस बिकने के लिए आता है। इससे करीब 50 लाख रुपए से अधिक का कारोबार होता है, लेकिन हड़ताल के कारण पल्लेदार एवं व्यापारियों को भी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खरीददारों का जिंस मण्डी में फुटपाथ पर रखा हुआ है।

 


मण्डी समिति सचिव सुभाषचंद का कहना है कि गत 3 जनवरी को उपखण्ड अधिकारी चिम्मनलाल मीणा की अध्यक्षता में समझौता वार्ता बुलाई गई। इसमें सभी मजदूरी की दरों पर सहमति हो गई और 8 जनवरी तक मण्डी में जिंस की नीलामी भी लगी, लेकिन अचानक पल्लेदार अलग से छनाई मांग रहे हैं, जो कि मण्डी समिति का मामला नहीं है। मण्डी की ओर से दरें बढ़ाकर अनुमोदन के लिए कृषि विपणन बोर्ड को भेज दी हैं।

 

मण्डी समिति की ओर से वार्ता के लिए दोनेां पक्षों को बुलाया गया, लेकिन इसमें व्यापार मण्डल अध्यक्ष भगवानसहाय चौधरी व महामंत्री राजेन्द्र विजय तो पहुंच गए, लेकिन पल्लेदार नहीं पहुंचने से वार्ता नहीं हो सकी। इस बारे में रिपोर्ट बनाकर उपखण्ड अधिकारी को भेजी जा रही है। अब सोमवार को वार्ता के लिए बुलाया जाएगा। यदि नहीं आते हैं तो फिर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

क्योंकि इससे मण्डी को भी राजस्व आय का नुकसान होने के साथ ही किसानों को भी खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उल्लेखनीय है कि इस मण्डी में करीब तीन सौ पल्लेदार मजदूरी करते हैं। जबकि 40 से अधिक दूकानें हैं। ऐसे में कारोबार ठप होने से खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।(ए.सं.)

 

 

चौथे दिन भी बंद रही कृषि मण्डी


लालसोट. कृषि मण्डी में पल्लेदारों व व्यापारियों में सरसो व तिल की भरती को लेकर चल रहे विवाद का निपटारा नहीं होने से शनिवार को चौथे दिन भी मण्डी बन्द रही। दोनों पक्षो में किसी तरह की वार्ता भी नहीं हुई। पल्लेदार मजदूर संघ के अध्यक्ष छीतरमल सैनी ने बताया कि मण्डी में कृषि जिंस लेकर आने वाले किसानों की सुविधा के लिए पुरानी दर पर ही माल उतारने का निर्णय किया है।

 

मण्डी में किसानों का माल उतारा जाएगा। जिसकी कार्यपालना भी शुरू कर दी गई है, लेकिन व्यापारियों ने मण्डी में कार्यरत पल्लेदारों से किसानो का माल उतारने पर भी पाबन्दी लगा दी। व्यापारी अपने स्तर पर ही अन्य लोगों द्वारा किसानों के माल उतरा रहे हैं।

 

 

दूसरी ओर ग्रेन मर्चेण्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीशप्रसाद अग्रवाल ने बताया कि पल्लेदार संघ ने इस तरह की कोई सूचना नहीं दी है। पल्लेदारसंघ ने तो गत दिनों लिखित में सूचना दी थी कि किसानों के माल की उतराई व ट्रक में लोडिंग भी 50 प्रतिशत बढ़ी दर ली जाएगी। इसलिए व्यापारियों ने अपने स्तर पर किसानो के माल उतारने की व्यवस्था की है। (नि.सं.)

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