नासूर बनती जा रही है पेयजल समस्या

मेड़ी गांव में पानी भरने के लिए लग जाती है भीड़

 

By: Rajendra Jain

Published: 12 May 2020, 10:29 PM IST

मेड़ी (बडिय़ाल कलां). ग्राम मेड़ी में व्याप्त पेयजल समस्या ग्रामीणों के लिए नासूर बनती जा रही है। यहां लगे सरकारी नलकूप की मोटर जवाब दे चुकी है। ऐसी स्थिति में गांव में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। स्थिति यह है कि पेयजल समस्या की इस मारामारी में सामाजिक दूरी बनाए रखना तक मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मेड़ी में पानी की सुविधा के लिए वर्षो पूर्व सरकारी नलकूप लगाया गया था। नलकूप से टंकी भरी जाती थी और टंकी के जरिये ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते हंै। भूजल स्तर गिर जाने से नलकूप का पानी सूख चुका है। मोटर जली हुई है। उन्होंने बताया कि एक महीने में चार बार मोटर खराब हो चुकी है। बार-बार मोटर ठीक कराने में सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक नलकूप का निर्माण ओर करा दिया जाए तो कुछ हद तक राहत मिल सकती है। मजबूरन लोगों को निजी बोरिंगों का सहारा लेना पड़ रहा है। महंगे दामों पर टैंकर डलवाकर घरेलू काम निपटाने पड़ रहे हैं। बोरिंग एवं टेंकरों पर पानी के लिए लोगों की भीड़ इस कदर उमड़ रही है कि कोरोना वायरस को लेकर की जा रही सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ती नजर आ रही है। कई बार जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस है।

चालू कराए पानी के टैंकर, पचास लाख की मिली स्वीकृति
दौसा. नांगल राजावतान में पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों के प्रदर्शन एवं कोरोना के दौरान सोशल डिस्टेंस एवं धारा 144 की पालना नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने संज्ञान लेते हुए दौसा अधीक्षण अभियंता रामनिवास मीणा को ग्राम नांगल राजावतान में पेयजल व्यवस्था में आ रही दिक्कत को दूर करने के निर्देश दिए। इस पर अधिकारी तुरंत नांगल राजावतान पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि यह ग्राम पम्प एवं टैंक जल योजना से लाभान्वित है जहां 3 बोरिंग व एसआर के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि जलदाय मंत्री से मिले निर्देशों की अनुपालना में ग्राम के पेयजल समस्याग्रस्त क्षेत्रों में 10 टैंकरों के माध्यम से रविवार को जलापूर्ति शुरू कर दी गई। साथ ही समस्या के स्थायी समाधान के लिए संवेदक को नई पाइप लाइन बिछाने, लाइनों के मिलान करने एवं नए जल स्रोत से जल उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर के अनुमोदन के आधार पर सम्पूर्ण जिले के पेयजल समस्याग्रस्त क्षेत्रों में 50 लाख की स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है।

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