दौसा में अनिश्चितता के बादल, मंडावर में पारित नहीं हो सका अविश्वास प्रस्ताव

दौसा नगर परिषद सभापति के खिलाफ चल रही अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद अब कुछ दिन टल सकती है।

By: gaurav khandelwal

Published: 22 Aug 2017, 08:12 AM IST

दौसा. नगर परिषद सभापति के खिलाफ चल रही अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद अब कुछ दिन टल सकती है। विपक्ष के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं होने से रणनीति में बदलाव किया जा रहा है। वहीं सभापति खेमा भी विपक्ष की चाल को कामयाब नहीं होने दे रहा।

 


दौसा नगर परिषद सभापति का चुनाव दो साल पूर्व २१ अगस्त २०१५ को हुआ था। सोमवार को दो वर्ष पूरे हो गए। पहले विपक्षी पार्षद दावा कर रहे थे कि दो वर्ष पूरे होते ही अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया जाएगा, लेकिन अब ऐसा होने की संभावना कम है। विपक्ष के पास २-३ पार्षदों की कमी हो गई है, जब वो कमी पूरी होगी तब ही अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा। फिलहाल सभापति मामले में बाजी मारते दिख रहे हैं, लेकिन ये खुशी कितने दिन चल पाती है यह जानना रोचक रहेगा।

 


इधर, विपक्षी पार्षदों का कहना है कि कुछ पार्षदों से सम्पर्क स्थापित नहीं करने दिया जा रहा है, जिस दिन उनसे बात हो जाएगी अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया जाएगा। कांग्रेस के पार्षद आचार्य आशीष शर्मा ने बताया कि मुहुर्त देखा जा रहा है। जिस दिन विपक्ष के लिए शुभ दिन होगा, उसी दिन अविश्वास पेश कर दिया जाएगा।

 


विपक्ष में 30 पार्षदों की मौजूदगी का दावा

 

विपक्षी पार्षदों का कहना है कि उनके पास 30 पार्षद हैं, जो कि अविश्वास के लिए पर्याप्त हैं। विपक्ष की रणनीति है कि २-३ पार्षदों का अतिरिक्त इंतजाम होने पर ही अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाए, ताकि खेमे में सेंध भी लगे तो नुकसान नहीं हो। इधर, भाजपा पार्षद बाबूलाल जैमन, इन्द्र मीना सहित अन्य ने बताया कि भाजपा के पार्षदों की कोई बाड़ाबंदी नहीं है। वे सभापति की कार्यशैली से नाराज हैं, इसकी शिकायत जयपुर में भाजपा संगठन व सरकार से की गई है। नगर परिषद में भ्रष्टाचार चरम पर है, जनता के काम नहीं हो

 


मेरे 7 वर्ष के कार्यकाल में जितना विकास हुआ है, उतना १९४५ में निकाय बनने के बाद से कभी नहीं हुआ। इसलिए जनता व भगवान का आशीर्वाद उनके साथ है। पार्षदों का साथ होने से अविश्वास प्रस्ताव नहीं आएगा। आला नेताओं को मामले से अवगत करा दिया है। भाजपा के पार्षदों की नाराजगी को दूर कर दिया जाएगा
राजकुमार जायसवाल, नगर परिषद सभापति दौसा

 

 

कांग्रेस विपक्षी दल का काम कर रही है। पार्षदों की नाराजगी होने से अविश्वास प्रस्ताव की बात है। कोई भी दल का पार्षद हो, शहर का विकास ही चाहता है। विकास में रुकावट को दूर किया जाएगा। संख्याबल पर्याप्त होते ही अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया जाएगा।
मुरारीलाल मीना, प्रदेश कांग्रेस महासचिव

 

 


मंडावर. यहां ग्राम पंचायत में सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। विपक्ष में पर्याप्त संख्याबल नहीं होने से प्रशासन ने सरपंच कुसुमलता के पक्ष में ही निर्णय किया। विकास अधिकारी नाहरसिंह मीना ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व अविश्वास प्रस्ताव के लिए १७ वार्डपंचों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद दौसा को दिया गया। इस पर सीईओ ने विकास अधिकारी नाहरसिंह मीना को अधिकारी नियुक्त कर सोमवार का दिन तय किया गया। सुबह ११ बजे से अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चर्चा होनी थी।

 

सरपंच कुसुमलता बैठक में भाग लेने अकेली पहुंची। वहीं विपक्षी खेमे के एक दर्जन वार्ड पंच भी एक साथ पहुंचे। विकास अधिकारी ने दो बजे से पहले वोटिंग का समय तय कर रखा थाा। विपक्षी खेमे के बारह वार्डपंचों ने वोटिंग करवाने की मना कर विपक्ष में रहने का प्रस्ताव एक मत से पारित किया। इस पर विकास अधिकारी ने वोटिंग के अभाव में सरपंच कुसुमलता के पक्ष में निर्णय आदेश जारी किए और उन्हें विजयी घोषित किया।

 

इधर अविश्वास प्रस्ताव को देखते हुए मंडावर थानाधिकारी महेन्द्र यादव मय जाप्ते मौजूद रहे। विश्वासमत जीतने के बाद पुलिस ने सरपंच कुसुमलता को घर तक छोड़ा। इस दौरान पूरी कार्यप्रणाली की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

gaurav khandelwal Desk
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