दौसा ...कोरोना के 363 नए पॉजिटिव तो 580 हुए रिकवर, आठ की मौत

दौसा ब्लॉक में सर्वाधिक 206 पॉजिटिव केस मिले

By: Rajendra Jain

Published: 06 May 2021, 01:53 PM IST

दौसा. जिले में कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि रिकवर दर भी तेजी से बढऩा राहतभरी बात है। पिछले चौबीस घंटे में जिले में छह जनों को कोरोना लील चुका है तो 363 जने कोरोना के नए संक्रमित मिले हैं। जिले में जिन छह जनों की मौत हुई उनमें पांच की मौत जिला अस्पताल में हुई और लालसोट निवासी एक जने की जयपुर में मौत हो गई। वहीं अभी भी कई जने जिला अस्पताल के आईसीयू व कोविड वार्ड में मौत से जंग लड़ रहे हैं। वहीं अब कोरोना संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। घर-घर में लोग कोरोना जैसे लक्षणों से पीडि़त नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में वीरसिंह मोराड़ी बसवा, दौसा निवासी शैलेन्द शर्मा, रामधन महावर, बावड़ीपाड़ा की रेखा, रघुनाथ मोहल्ला निवासी बीनादेवी, डुगरावता निवासी कमलसिंह एवं बसंती देवी भांडारेज की मौत हुई। वहीं लालसोट निवासी धीरज शर्मा की जयपुर में मौत हुई। दो दिन पूर्व दौसा के श्यामसुंदर गुप्ता सहित दो जनों की जयपुर में मौत हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से जिले में प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक मौत हो रही है। हालांकि चिकित्सा विभाग अभी 42 मौत ही रेकॉर्ड में दर्शा रहा है।
वहीं कोरोना मरीजों की आई रिपोर्ट में जिले में 363 जने कोरोना संक्रमित हैं। सीएमएचओ डॉ. मनीष चौधरी ने बताया कि दौसा शहर में 156, ब्लॉक दौसा में 50 जने कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसी प्रकार महुवा ब्लॉक में 70, लालसोट में 65 बांदीकुई में 13 तो सिकराय में 9 जने पॉजिटिव निकले हैं। 11 जने जिले के बाहर के पॉजिटिव मिले हैं।

2257 एक्टिव केस
सीएमएचओ कार्यालय की माने तो जिले में अभी तक 42 जनों की ही कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हुई है, जबकि 28 जनों की मौत अन्य कारणों से हुई है।जिले में अब तक 8 हजार 415 जने कोरोना पॉजिटिव आए हैं, जिनमें से 6 हजार 316 जने रिकवर हो चुके है जो कुल मरीजों का 72.68 प्रतिशत है। वर्तमान में 2257 एक्टिव केस हैं। बुधवार को 1332 लोगों के सैम्पल लिए गए हैं।

माना जाएगा संदिग्ध
सीएमएचओ डॉ. मनीष चौधरी ने बताया कि यदि किसी मरीज को वर्तमान कोरोना महामारी के दौर में बुखार, खांसी के साथ सर दर्द, गले में खराश, श्वास लेने में तकलीफ, बदन दर्द, स्वाद व खुशबू क्षमता खोना, थकान, दस्त आदि हो तो तो दूसरी बीमारी की पुष्टि नहीं होने तक कोरोना का संदिग्ध मरीज ही माना जाएगा। पॉजिटिव को स्वस्थ्य होनेे पर पुन: जांच कराने की आवश्यकता नहीं है।

स्वास्थ्यकर्मियों को किया जाएगा प्रशिक्षित
कोरोना महामारी के दौर में मरीजों को सर्वाधिक परेशानी ऑक्सीजन की आ रही है। मरीजों का ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने के लिए चिकित्सा विभाग चिकित्साधिकारियों से लेकर नर्सिंगकर्मियों, एएनएम, आशा आदि को प्रोनिंग प्रशिक्षण देगी। ताकि कोई मरीज घर ही आइसोलेशन पर है तो उसको भी कार्मिक ऑक्सीजन की प्रोरिंग थैरेपी करा सके। सीएएचओ ने बताया कि यह प्रशिक्षण 7 मई से दिया जा सकेगा।

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