scriptDausa police ranked third in the state and first in Jaipur range | प्रदेश में तृतीय तो जयपुर रेंज में प्रथम पायदान पर रही दौसा पुलिस | Patrika News

प्रदेश में तृतीय तो जयपुर रेंज में प्रथम पायदान पर रही दौसा पुलिस

Dausa police ranked third in the state and first in Jaipur range: - लंबित प्रकरणों के निपटारे को लेकर राज्य रैंकिंग जारी

दौसा

Updated: January 05, 2022 09:00:15 pm

दौसा. भ्रष्टाचार के मामलों से दागदार छवि होने के बाद जिला पुलिस विभाग के लिए राहत की खबर आई है। प्रदेश में लंबित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर पुलिस हैडक्वार्टर से जारी की गई रैंकिंग रिपोर्ट में दौसा पुलिस तीसरे नंबर पर तो जयपुर रेंज में प्रथम स्थान पर रही है। संभवत: जिला बनने के बाद यह उपलब्धि जिला पुलिस के खाते में पहली बार दर्ज हुई है।
प्रदेश में तृतीय तो जयपुर रेंज में प्रथम पायदान पर रही दौसा पुलिस
प्रदेश में तृतीय तो जयपुर रेंज में प्रथम पायदान पर रही दौसा पुलिस

प्रदेश में दौसा जिले की पहचान संवेदनशील जिलों में मानी जाती है। वर्ष 2021 की शुरुआत में दौसा में दो उपखण्ड अधिकारियों के भष्ट्राचार के मामलों में गिरफ्तार होने के बाद तत्कालीन एसपी सहित दौसा के कई पुलिस अधिकारी व जवान भी एसीबी की पकड़ में आए थे और कई अधिकारियों पर तलवार लटकी हुई थी। इस बीच योजनाबद्ध तरीके से कामकाज कर एसपी अनिल कुमार बेनिवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरे प्रदेश में टॉप तीन में स्थान पाया है। यूं तो राजस्थान में 33 जिले हैं, लेकिन पुलिस विभाग में 43 जिले बनाए हुए हैं। इनमें से दौसा जिला लंबित मामलों को लेकर सदैव पीछे के पायदान पर रहता था, लेकिन वर्ष 2021 में छलांग लगाकर सीधे तीसरे नंबर पर आ गया है।

मात्र 8.62 प्रतिशत पेंडेंसी
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिलों में 10 प्रतिशत से कम पेंडेंसी रखनी है। अर्थात पुलिस थानों में दर्ज किए गए प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में समाधान करना है। 1 जनवरी 2021 को दौसा में 206 मामले लंबित थे। पूरे साल में 195 मामले और बढ़ गए। इस बीच एसपी ने अभियान चलाकर मामलों का निस्तारण करना शुरू किया। सालभर में 316 फाइल निस्तारित कर ली गई तथा अब 85 शेष हैं। प्रदेश मुख्यालय से जारी पेंडेंसी रिपोर्ट में कोटा रूरल 5.63 प्रतिशत शेष पेंडेंसी के साथ पहले पायदान पर रहा है। दूसरे पर 7.40 के साथ सिरोही तथा तीसरे स्थान पर 8.62 प्रतिशत के साथ दौसा जिला पुलिस रही है।

जयपुर ग्रामीण रहा फिसड्डी
जयपुर रेंज में दौसा जिला टॉप पर है। वहीं प्रदेश सहित रेंज में भी सबसे फिसड्डी जयपुर ग्रामीण रहा। वहां 50 प्रतिशत फाइलें लंबित चल रही हैं। दूसरे नंबर पर झुंझूनूं 12 प्रतिशत, सीकर 19 प्रतिशत, भिवाड़ी 40 प्रतिशत तथा अलवर में 41 प्रतिशत प्रकरण लंबित है। अपने आसपास के जिलों की बात करें तो भरतपुर 39वें नंबर, सवाईमाधोपुर 38 व करौली 35वें नंबर पर रहा है।

जिले में नांगल थाना अव्वल, बांदीकुई सबसे पीछे
दौसा जिले के थानों की बात की जाए तो नांगल राजावतान थाने में सबसे कम संख्या में लंबित मामले होने की वजह से प्रथम रेंक पाई है। वहीं बांदीकुई थाना सर्वाधिक पेंडेंसी की वजह से आखिरी पायदान पर रहा है।

भ्रष्टाचार के मामले भी गूंजे थे
वर्ष 2021 में तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल को एसीबी ने गिरफ्तार किया। गत 11 फरवरी को 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए मंडावर थाना प्रभारी लालसिंह व हैड कांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह पकड़े गए थे। वहीं बांदीकुई थाने में गत 13 मार्च को महिला एएसआई ललिता को रिश्वत लेते दबोचा था। इसी तरह महुवा थाने में 19 जुलाई को एएसआई समुंदर सिंह को रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
क्रम संख्या थाना पेंडेंसी प्रतिशत
1 नांगल राजावतान 3
2 मंडावर 4
3 सिकंदरा 5
4 बसवा 5
5 सलेमपुर 6
6 मेहंदीपुर बालाजी 6
7 मंडावरी 7
8 महुवा 7
9 मानपुर 7
10 रामगढ़ पचवारा 8
11 लवाण 8
12 सैंथल 8
13 सदर दौसा 9
14 लालसोट 11
15 कोतवाली दौसा 11
16 कोलवा 14
17 महिला थाना 15
18 बांदीकुई 16
दौसा पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनिवाल से बातचीत


सवाल- जिला पुलिस की इस उपलब्धि पर आपका क्या कहना है?
जवाब- निश्चित रूप से दौसा के पुलिस विभाग के लिए यह एक उपलब्धि है। काम का परिणाम अच्छा मिलता है तो खुशी होती है। पूरी पुलिस टीम ने शानदार काम किया है।
सवाल- लंबित प्रकरणों को निपटाने के लिए क्या रणनीति बनाई गई?
जवाब- पिछले साल जब दौसा में काम संभाला था तो 206 प्रकरण पेंडिंग थे। दिनों-दिन यह संख्या बढ़ती जा रही थी। इसको देखते हुए अभियान चलाया। एक-एक प्रकरण की मॉनिटरिंग की गई। किस मामले में क्या दिक्कत आ रही है, किस अपराधी को कैसे पकड़ा जाए, यह सब डिस्कस कर काम किया तो प्रकरण कम होते गए।
सवाल- किस तरह के मामले सामने आए?
जवाब- लंबित प्रकरणों में कुछ मामले तो वर्ष 2008 के भी थे। 10 साल पहले से लेकर ताजा मामलों तक को निपटारे के लिए अलग-अलग रणनीति बनाई। मैन पॉवर का सही उपयोग किया गया। अपराधियों को पकडऩे के लिए टीमें फिल्ड में दौड़ती रही।
सवाल- अब वर्ष 2022 में क्या लक्ष्य रहेगा?
जवाब- पुलिस की पहली प्राथमिकता तो अपराधों पर लगाम लगाकर आमजन को सुरक्षा प्रदान करना ही है। इसके अलावा पेंडेंसी में लगातार कमी रखनी है। थानों का आधुनिकीकरण, मालखाना, मैन पावर का संतुलन सहित अन्य कई काम इस वर्ष किए जाएंगे।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

धन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोगशाहरुख खान को अपना बेटा मानने वाले दिलीप कुमार की 6800 करोड़ की संपत्ति पर अब इस शख्स का हैं अधिकारजब 57 की उम्र में सनी देओल ने मचाई सनसनी, 38 साल छोटी एक्ट्रेस के साथ किए थे बोल्ड सीनMaruti Alto हुई टॉप 5 की लिस्ट से बाहर! इस कार पर देश ने दिखाया भरोसा, कम कीमत में देती है 32Km का माइलेज़UP School News: छुट्टियाँ खत्म यूपी में 17 जनवरी से खुलेंगे स्कूल! मैनेजमेंट बच्चों को स्कूल आने के लिए नहीं कर सकता बाध्यअब वायरल फ्लू का रूप लेने लगा कोरोना, रिकवरी के दिन भी घटेइन 12 जिलों में पड़ने वाल...कोहरा, जारी हुआ यलो अलर्ट2022 का पहला ग्रहण 4 राशि वालों की जिंदगी में लाएगा बड़े बदलाव
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.