दौसा शिक्षक दिवस विशेष.... शिक्षक का जुनून: कर दी स्कूल की कायापलट

विद्यालय में कराए काम, जलाई नई मिशाल

By: Rajendra Jain

Published: 05 Sep 2020, 11:11 AM IST

लवाण.
जोश, जुनून और जज्बे के साथ कर्म को ही इबादत मानने वाले सरकारी स्कूल के शिक्षक विष्णु त्रिवेदी ने एक साल में ही राजकीय सीनियर उच्च माध्यमिक विघालय की काया पलट दी। 1 अक्टूबर 2019 को प्रधानाचार्य ने विद्यालय में कार्यभार सम्भाला तो विद्यालय की स्थिति देखकर मन में एक मिशाल जला ली कि चाहे कुछ भी करना पड़े, लेकिन में इस विघालय की सुन्दरता को पुन:जीवित करके रहेंगे। शिक्षक दिवस पर वे संदेश देना चाहते हैं कि शिक्षक एक कलम है जिसकी टहनियां पढऩे वाले बच्चे हैं। जिस प्रकार पेड़ में दम होगा तो कोई रोग नहीं होगा। इसी प्रकार शिक्षक में गुणवता है ज्ञान का सागर है तो वह टहनी रूपी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में कोई कमी नहीं होगी। शिक्षक शिक्षा का मन्दिर है, जो शिक्षा के ज्ञान से अंधकार में अलख जगाने का काम करता है। उन्होंने बताया कि मन्दिर में सब भगवान से मांगने जाते है, उसी प्रकार शिक्षक के पास भी ज्ञान लेने के लिए बालक आते हं।ै शिक्षक को कभी गलत नजर से न देखना और न ही किसी को गलत समझना चाहिए।
इसी विद्यालय में 1999 में की शिक्षा ग्रहण
त्रिवेदी ने कस्बे के इसी विघालय में 1999 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। उसके बाद वे शिक्षा के लिए अन्यत्र चले गए। 20 वर्ष बाद फिर इसी विघालय में प्रधानाचार्य बन कर आए, लेकिन इतने वर्षों बाद भी विद्यालय की वहीं स्थिति नजर आई। उन्होंने सबसे पहले शिक्षक के रूप में विद्यालय, परीक्षा परिणाम को सही करने की ठानी। इसी का नतीजा यह निकला कि इस वर्ष वाणिज्य का 100 प्रतिशत, कला 98.50 और 10वीं बोर्ड का 82.50 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा। विद्यालय में नामांकन बढ़ाने पर विशेष अभियान चलाया। स्वयं भी स्टाफ के साथ जाकर ग्रामीणों को समझाया। इसके अलावा साफ-सफाई और सैकडों पेड़ लगाकर विद्यालय में हरित क्रांति ला दी। स्टाफ के साथ छुट्टी के दिनों में भी विद्यालय आते और विद्यालय विकास की ही चर्चा करते। ग्रामीणों से घर-घर जाकर सम्पर्क कर विद्यालय की स्थिति के सुधारने के बारे में चर्चा करते थे। उन्होंने धूप व बारिश के पानी से बचाव के लिए 18 कक्षा-कक्षों के आगे बरमादे का निर्माण कराया। साथ ही सरस्वती मन्दिर के दोनों तरफ सभागार का निर्माण और सम्पूर्ण विद्यालय में बिजली फिटिंग का काम चल रहा है। उनका राज्य का पहला मॉडल विद्यालय बनाने का प्रयास है।
मुहिम से 11 लाख का चंदा
त्रिवेदी ने स्टाफ के साथ कोरोना महामारी के काल में भी ग्रामीणों से सहयोग लेकर विद्यालय विकास के नाम पर एक मुहिम चलाई। जिसका नाम अपना विद्यालय अपना गौरव रखा और 11 लाख रुपए का चंदा एकत्र करलिया। उन्होंने बताया कि 16 लाख रुपए का लक्ष्य है, अभी उगाई चालू है।

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