प्रदर्शन कर जताया विरोध

Demonstrated protest.... अब होगा उग्र आन्दोलन

कुण्डल. भेड़ोली गांव को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर ठाकुरजी मन्दिर पर चल रहा धरना मंगलवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाकर अद्र्धनग्न प्रदर्शन भी किया।साथ ही मांग नहीं मानने पर बुधवार से आन्दोलन उग्र करने की चेतावनी दी है।
उपसरपंच कालूराम पटेल ने बताया कि पंचायत परिसीमन के तहत निर्धारित मापदण्डों को पूरा करने पर प्रशासन द्वारा भेड़ोली को पंचायत का दर्जा दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों के दबाव के चलते संशोधित परिसीमन आदेशों के तहत निर्धारित मापदण्डों को पूरा नहीं करने के बाद भी भेड़ोली के स्थान पर निमाली को पंचायत मुख्यालय का दर्जा देकर जामा, खड़का और भेड़ोली गांव के ग्रामीणों के साथ कुठाराघात किया है।
ग्रामीण राधेश्याम, विजय कुमार ने कहना है कि उनके द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते उन्हें मजबूर होकर उग्र आन्दोलन करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बुधवार को दौसा-बांदीकुई वाया कुण्डल एमडीआर-48 को जाम करने का निर्णय किया है।

ग्रामीणों ने सद्बुद्धि यज्ञ कर किया धरना समाप्त
गुढ़लिया-अरनिया. गादरवाड़ा ब्राह्मणान गांव को गुढ़लिया पंचायत में यथावत रखने की मांग को लेकर जारी आन्दोलन सातवें दिन मंगलवार को सदबुद्धि यज्ञ के साथ खत्म कर दिया गया है। दोपहर को कांग्रेस जिला महासचिव शेषावतार शर्मा ने मौकेे पर पहुंच ग्रामीणों को समझाइश की और दूरभाष पर एसडीओ पिंकी मीणा से बात कर ग्रामीणों की मांग को आगे पहुंचाने की मांग की। इस पर एसडीओ द्वारा अपेक्षित कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाने पर विद्यालय का ताला खोला गया।
ग्रामीणों ने बताया कि गादरवाड़ा ब्राह्मणान गांव को पंचायत परिसीमन में गुढ़लिया पंचायत से हटाकर कोलवा पंचायत में जोड़ दिया गया। जबकि गुढ़लिया ग्राम पंचायत मुख्यालय गादरवाड़ा ब्राह्मणान की सीमा से सटा हुआ है। गुढ़लिया गादरवाड़ा ब्राह्मणान के नजदीक है और कोलवा काफी दूर पड़ता है। ऐसे में उन्हें कोलवा से हटाकर वापस गुढ़लिया में जोड़ा जाए। इसको लेकर दोपहर को ग्रामीणों ने सद्बुद्धि यज्ञ किया और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। कांग्रेस जिला महासचिव शेषावतार शर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चौथमल मीणा व एसीबीईओ महेशचंद शर्मा भी धरनास्थल पहुंच गया। करीब दो घंटे तक ग्रामीणों को समझाइश की गई और इसके बाद उपखण्ड अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता करने पर ग्रामीण धरना खत्म करने पर सहमत हो गए।

Rajendra Jain Desk
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