निर्धारित समय बिजली आपूर्ति में कंजूसी बरत रहा डिस्कॉम

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By: gaurav khandelwal

Published: 19 Jan 2019, 08:29 AM IST

दौसा. डिस्कॉम ने कहने को तो किसानों के लिए साढ़े 6 घंटे थ्री फेज व आमजन के लिए गांवों में 24 घंटे सिंगल फेज बिजली आपूर्ति सप्लाई का समय निर्धारित कर रखा है, लेकिन हकीकत यह है कि डिस्कॉम ना किसानों को साढ़े छह घंटे बिजली आपूर्ति कर रहा है और ना ही गांवों में आमजन को 24 घंटे बिजली मिल पा रही है।

 


इससे किसानों की फसल सूखने के कगार पर है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। सिंगल फेज की न केवल रात में बल्कि दिन में भी जमकर कटौती की जा रही है वह भी अघौषित।

 


सूखने के कगार पर रबी की फसल


जिले में इस वर्ष रबी की गेहूं, जौ, चने एवं सरसों की फसलों में दूसरा पानी दिया जा रहा है। सरकार किसानों को साढ़े छह घंटे बिजली दे रही है, लेकिन किसान रानीवास निवासी लक्ष्मीनारायण मीणा का कहना है कि घोषणा के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। ऐसे में फसलें सूखने के कगार पर है। उन्होंने बताया कि डिस्कॉम चार-साढ़े चार घंटे से अधिक समय बिजली आपूर्ति नहीं कर रहा है।सांवलराम मानपुरिया ने बताया कि डिस्कॉम रात के समय बिजली सप्लाई कर रहा है, जबकि इस समय कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है। कड़ाके की सर्दी में किसानों को पानी भराना पड़ रहा है।

 

 

ट्रिपिंग का भी झेलना पड़ रहा है दंश


किसान गिर्राज प्रसाद ने बताया कि विद्युत निगम द्वारा जो बिजली सप्लाई की जा रही है, उसमें भी कई बार ट्रिपिंग आती है। हालत यह है कि कई बार तो खेत में पानी जाकर पहुंचता है तब बिजली ट्रिप हो जाती है।

 


दो महीने बाद विद्यार्थियों की परीक्षा


डिस्कॉम न केवल थ्री फेज बल्कि सिंगल फेज बिजली आपूर्ति में भी जमकर कटौती कर रहा है। जबकि मार्च में 10वीं व 12 वीं बोर्ड परीक्षाएं हैं। रात में साढ़े 10 बजे ही बिजली की कटौती कर दी जाती है जो सुबह 5 बजे सुचारू की जाती है। जबकि कई विद्यार्थी आधी रात तक पढ़ाई करते हैं।

 


ठेकेदार के कर्मचारी भी कर रहे हैं गड़बड़ी


ग्रामीणों ने बताया कि डिस्कॉम बिजली की जो सप्लाई कर रहा है उसमें भी ठेकेदार के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। ग्रामीण लक्ष्मीनारायण ने बताया कि सरकार को फिर से जीएसएस से ठेका प्रणाली को खत्म कर उन पर सरकारी कर्मचारी लगाए जाए। ठेकेदार के कर्मचारी अपनी मनमर्जी से बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं। वे ग्रामीणों के मोबाइल फोन पर सभी संतुष्टीपूर्वक जवाब नहीं देते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले जब सरकारी कर्मचारी काम करते थे, तब बिजली आपूर्ति समय पर हो जाती थी।

 


नहीं मिलता है केरोसिन


ग्रामीण इलाकों में रात को सिंगल फेज की बिजली कटौती होने पर विद्यार्थियों एवं लोगों को रात अंधेरे में ही काटनी पड़ रही है। पहले तो लोगों को राशन डीलरों के यहां से केरोसिन मिल जाया करता था, जिससे लैम्प या लालटेन जला कर रोशनी कर लेते थे, लेकिन अब तो वह भी नहीं मिलता है।

 

 

बिजली कटौती तो हो ही नहीं रही


बिजली कटौती नहीं की जा रही है। निर्धारित समयानुसार बिजली सप्लाई की जा रही है।
वीके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता डिस्कॉम

gaurav khandelwal Desk
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