सर्दी में भी नहीं मिल रहा नीर, रातजगा करने को मजबूर हैं लोग

Drinking Water crisis also in winter: पानी की समस्या बनी कोढ़ में खाज, 5 से 6 दिन में एक बार हो रही है सप्लाई

By: gaurav khandelwal

Published: 08 Dec 2019, 08:45 AM IST

बांदीकुई. सर्दी की ठिठुरन शुरू होने पर पानी की खपत भले ही कम हो गई हो, लेकिन अभी भी लोगों को 6 से 7 दिन में एक बार ही पानी मिल रहा है। ऐसे में माह में पांच दिन पानी मिल रहा है। इसका भी कोई निर्धारित समय नहीं है। ऐसे में शहर के लोगों के लिए पानी की समस्या कोढ़ में खाज का काम कर रही है।

Drinking Water crisis also in winter

जलदाय विभाग की ओर से पौन घण्टे पानी सप्लाई का समय तय है, लेकिन मात्र आधा घण्टे पानी मिल रहा है। कॉलोनियों के अंतिम छोर पर स्थित मकानों के नलों में तो पानी टपके एक वर्ष तक हो गया। ऐसे में प्रत्येक सप्ताह लोगों को तीन सौ से साढ़े तीन सौ रुपए खर्च करके टैंकर मंगवाकर घरेलू काम निपटाने पड़ रहे हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए टैंकर मंगवाना मुश्किल हो रहा है। लोगों को रातजगा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

निजी नलकूपों पर कई घण्टों तक कतार में लगकर कण्ठ तर करने के लिए पानी ले जाना पड़ता है। कई जगह तो हालात ये हो गए हैं कि लोगों को दूसरे मोहल्लों में जाकर पानी लाना पड़ रहा है। नलों में पानी नहीं आने के कारण कईउपभोक् तओं ने बिल जमा कराना ही बंद कर दिया है। ऐसे में विभाग के करीब 8 से 10 लाख रुपए उपभोक्ताओं पर बकाया हो गया है। जो अब वसूलना जलदाय विभाग के लिए मुश्किल बना हुआ है। शहर में करीब साढ़े 6 हजार उपभोक्ता हैं। लोगों का कहना है कि जलदाय विभाग प्रतिमाह बिल तो वसूल रहा है, लेकिन पानी की समस्या के समाधान की ओर कोई ध्यान नहीं है।


जरुरत 65 लाख की, उत्पादन 20 लाख


जलदाय विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक बांदीकुई शहर की आबादी 44 हजार 644 है। जबकि वर्तमान जनसंख्या 65 हजार है के करीब। शहरी जल योजना में वर्तमान में 20 नलकूप चालू हैं। इन नलकूपों से प्रतिदिन 15 लाख लीटर पानी का उत्पादन होता है। इसके अतिरिक्त टैंकरों से भी जल परिवहन किया जाता है। ऐसे में कुल 20 लाख लीटर पानी का उत्पादन हो रहा है। जबकि नियमानुसार 65 लाख लीटर पानी की प्रतिदिन मांग है।

ऐसे में 45 लाख लाख लीटर प्रतिदिन पानी की ओर आवश्यकता है, लेकिन पानी की कमी के चलते शहर की पानी सप्लाई को सुचारू बनाए रखना जलदाय विभाग के लिए मुश्किल होता दिखाई दे रहा है। जबकि जलदाय विभाग की ओर से आमजन को राहत दिए जाने के लिए मीठे पानी वाले कुएं से किराए पर पानी खरीदा जा रहा है। इसके बाद भी पानी सप्लाई में कोई सुधार नहीं हो रहा है।


नलकूप फेंकने लगे पानी की जगह हवा


पानी की समस्या से परेशान होकर लोगों ने घर-घर में नलकूप करवा लिए, लेकिन ये नलकूप भी अब जलस्तर गिर जाने के कारण पानी की जगह हवा फेंकने लगे हैं। जिन नलकूपों में एक से दो घण्टे तक पानी आता था, वह अब घटकर मात्र 5 से 10 मिनट रह गया है। गौरतलब है कि गत एक वर्ष में शहर में करीब एक हजार से अधिक नलकूपों का निर्माण हो चुका है, लेकिन गिरते भूजल स्तर के कारण अब लोग घरों में नलकूप कराने में भी डरने लगे है।


शीघ्र मिलेगी समस्या से निजात


टोल टैक्स से बांदीकुई तक पाइप लाइन बिछाए जाने का कार्य तेज गति से चल रहा है। हाल ही में 9 नलकूपों का निर्माण कराया गया है। बिजली कनेक्शन के लिए फाइल लगा दी है। डिमाण्ड नोटिस आने पर बिजली कनेक्शन होने के बाद काफी हद तक पानी सप्लाई में सुधार होगा। अवरुद्ध पाइप लाइनों को बदलने का कार्य भी किया जा रहा है। इससे अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके। जलदाय विभाग 4 से 5 दिन में लोगों को पानी मुहैया कराने के लिए प्रयासरत है। पानी सप्लाई में सुधार के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है और किराए पर नलकूप लेकर पानी सप्लाई में सुधार किया जाएगा।
-राजेश शर्मा, सहायक अभियंता बांदीकुई

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