बेटियों को दिवाली से पहले नहीं मिलेगा साइकिल का सरकारी उपहार

Free bicycle delivery scheme in Rajasthan: शिक्षा विभाग की लेटलतीफी, अभी तक बेटियों को सरकार ने साइकिल उपलब्ध नहीं कराई।

दौसा. उच्च प्राथमिक स्तर के बाद पढऩे वाली छात्राओं की राह सुगम बनाने की मंशा को लेकर शुरू की गई नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना अभी तक परवान नहीं चढ़ी है। ग्रीष्मावकाश के बाद शिक्षण सत्र शुरू हुए चार माह पूरे होने को हैं, लेकिन अभी तक बेटियों को सरकार ने साइकिल उपलब्ध नहीं कराई। इससे उन्हें स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। अब दीपावली का अवकाश शुरू हो गया है। ऐसे में छात्राओं को सरकार का उपहार अब छुट्टियां खत्म होने के बाद ही मिलने की उम्मीद है।

Free bicycle delivery scheme in Rajasthan


राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत करीब सवा तीन लाख बेटियों को साइकिलों का वितरण किया जाना है। दौसा जिले में 10 हजार 689 साइकिल वितरित की जानी हैं। हालांकि साइकिल असेम्बलिंग का काम अंतिम चरण में है। अधिकतर साइकिलें तैयार हैं, लेकिन वितरण का काम अभी अटका हुआ है। गौरतलब है कि इस बार भगवा की जगह काले रंग की साइकिलों का वितरण किया जाएगा।


...ना हो कोई असुविधा


पहले आवागमन की असुविधा के चलते आठवीं कक्षा के बाद बड़ी संख्या में बेटियोंं की पढ़ाई बंद करा दी जाती थी। इस पर राजस्थान सरकार ने बेटियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को मुफ्त में साइकिल बांटने का निर्णय किया। ताकि छात्राओं को घर से विद्यालय जाने-आने में कोईअसुविधा ना हो। इस कवायद के सकारात्मक परिणाम आए। नवीं कक्षा में बेटियों के दाखिले में औसतन बढ़ोतरी देखी गई।


छह जगह की जा रही हैं तैयार


जिले के 6 नोडल केन्द्र विद्यालयों पर छात्राओं के लिए साइकिलों को ठेकेदार के कर्मचारी तैयार कर रहे हैं। साइकिलों के अलग-अलग पाटर््स लाकर एक निजी कम्पनी के कारीगर करीब एक माह से स्कूलों में असेम्बलिंग के कार्य में जुटे हैं। अधिकतर जगह साइकिलें तैयार हो गईहैं।

अभी तो जांच भी नहीं हुई


नि:शुल्क साइकिलों के वितरण के लिए राज्य स्तरीय क्रय कमेटी सैम्पल की गुणवत्ता का निर्धारण कर साइकिल फाइनल करती है। सभी जिलों को एक साइकिल देकर उसी तरह का माल कंपनी से लेने के आदेश दिए गए हैं। जिला स्तर पर प्रत्येक नोडल पर साइकिलों की गुणवत्ता की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी निरीक्षण कर साइकिल वितरण को हरी झंडी देती है।

दौसा जिले में अभी तक साइकिलों की जांच भी नहीं हुईहै। कमेटी में डीईओ, एडीईओ, लेखाधिकारी, नोडल प्रधानाचार्यव सरकारी मेकेनिकल ट्रेड का अधिकारी शामिल होता है। सूत्रों के अनुसार मेकेनिकल ट्रेड का किसी भी विभाग से कोईअधिकारी आने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस वजह से जांच का काम अटका पड़ा था। मामला जिला कलक्टर तक पहुंचा तो उन्होंने दखल देकर अधिकारी उपलब्ध कराया है।


हर बार देरी, फिर भी नहीं सुधार


हर साल साइकिल वितरण में देरी होती है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया है। अधिकारियों की माने तो नामांकन का कार्य सितम्बर तक पूरा होता है। ऐसे में छात्राओं की वास्तविक संख्या सामने आने के बाद साइकिल वितरण की प्रक्रिया चालू होने के कारण देरी होती है। वहीं जानकारों का कहना हैकि पिछले नामांकन के अनुसार शिक्षा विभाग को प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए। कम पडऩे पर और तैयार कराईजा सकती हैं।

इतनी बंटेंगी साइकिल


महुवा 1334
बांदीकुई 1939
लालसोट 2508
दौसा 1511
सिकराय 1999
लवाण 1398
कुल 10689


इनका कहना है...


भौतिक सत्यापन कमेटी मंगलवार से निरीक्षण करेगी। इसके बाद दिवाली अवकाश में विद्यालयों तक साइकिलें पहुंचा दी जाएगी। अवकाश के बाद जनप्रतिनिधियों को बुलाकर स्कूलों में वितरण का कार्य शुरू हो जाएगा।
- घनश्याम मीना, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक दौसा

gaurav khandelwal
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