दौसा से ... शिक्षक दिवस विशेष... जनसहयोग से बदली विद्यालय की तस्वीर,

- प्रधानाचार्य के नवाचार से ग्रामीण हुए प्रभावित, - लाखों रुपए के विकास कार्य कराए गए

By: Rajendra Jain

Published: 05 Sep 2020, 10:58 AM IST

मानपुर. कहते हैं कि जिंदगी में यदि अच्छा गुरु मिल जाए तो इंसान को किसी और चीज की जरूरत नहीं होती। एक अच्छा गुरु ही समाज की तस्वीर और तकदीर बदल सकता है। ऐसा कर दिखाया है सिकराय ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मरियाडा़ के प्रधानाचार्य कमलेशकुमार शर्मा ने। प्रधानाचार्य ने बदहाल स्कूल की सूरत ही बदल दी है। आज गांव का सरकारी स्कूल किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है।
कान्वेंट से कम नहीं विद्यालय
इस स्कूल के बच्चों के पास आई कार्ड हैं। सभी बच्चे स्कूल में ड्रेस में आते हैं। तरह तरह के गेम्स भी बच्चों को सिखाए जाते है। खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाया जाता है। विद्यालय में प्रवेश करते ही लगता ही नहीं कि हम किसी सरकारी स्कूल में आ गए हैं। विद्यालय का अनुशासन और रख-रखाव किसी कॉन्वेंट स्कूल जैसा ही नजर आएगा। अपनी तैनाती के कमलेश शर्मा ने विद्यालय की बदहाली देखी तो विभाग से बजट मिलने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद निजी सहयोग और भामाशाहों के सहयोग से करीब चालीस लाख रुपये खर्च करके कई कार्य कराए। पूरे परिसर में इंटरलॉकिंग कराई। स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर लगाया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से चारदीवारी को ऊंचा कराने का प्रयास कर रहे हैं।
जिस विद्यालय में पढ़ा, उसी में प्रधानाचार्य बनकर दे रहें शिक्षा
प्रधानाचार्य कमलेशकुमार शर्मा मरियाड़ा पंचायत के लीखली गांव के निवासी हैं। उन्होंने मरियाड़ा विद्यालय में कक्षा 1 से कक्षा 6 तक पढ़ाई की है। 27 जनवरी 2004 को केंद्रीय विद्यालय न्यू भुज में प्रथम ज्वाइनिंग दी गई। उसके बाद में रैणी नांदरी में व्याख्याता के रूप में बच्चों को शिक्षा प्रदान की और अब पंचायत के सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य के रूप में गांव के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। प्रधानाचार्य ने एक पुस्तक भी लिखी है जिसका नाम शारदा दिग्दर्शिका है। जिसको द्वितीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा के लिए विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
आधुनिक विद्यालय बनाया
विद्यालय के लिए राज्यसभा सांसद, विधायक व भामाशाहों के द्वारा करीब चालीस लाख रुपए से अधिक खर्च करके जीर्ण शीर्ण भवन की मरम्मत का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही भव्य प्रवेश द्वार, मिड डे मील टीन शैड, सरस्वती मंदिर, गणेश मंदिर, मंच शेड और रंग रोगन, वाटर कूलर, सुलभ शौचालय का कार्य हो चुका है। विद्यालय में सभी छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लासेज शुरू की जा रही है। इसके अलावा कक्षा कक्षों और खेल मैदान विकसित करने के लिए भी भामाशाहों ने सहयोग दिया है।
तीसरी नजर की सुरक्षा में होगी पढ़ाई
विद्यालय के सभी कक्षा कक्षों व विद्यालय परिसर में कैमरे लगाए गए हैं। जिससे प्रत्येक छात्र पर बारिकी से नजर रखी जा रही है। सभी कक्षा कक्षों में फर्नीचर लगाया गया है। आधुनिक लाईब्रेरी में बच्चों को सभी प्रकार की पुस्तकों से शिक्षा लेने का अनुभव मिलेगा।खो खो, वॉलीबॉल, कबड्डी, रनिंग ट्रेक सहित अन्य प्रतियोगिताओं का खेल मैदान बनाकर शेष बचे परिसर में सब्जियां उगाई गई है। इसके साथ ही परिसर में मौसम अनुसार 240 छायादार पर फलदार पौधे लगाए गए हैं। जिनमें अशोक पाम सहित 40 प्रकार के फलदार पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
परीक्षा परिणाम में भी वृद्धि
विद्यालय में भौतिक सुविधाओं के बाद नए सत्र में नामांकन वृद्धि, स्पोट्र्स और एक्टिविटी बेस्ट क्वालिटी एजुकेशन के लिए कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष विद्यालय ने सैकंडरी परीक्षा परिणाम में गत वर्ष 48 प्रतिशत से बढ़ाकर 94 प्रतिशत परिणाम दिया है। आगे आने वाले समय में विद्यालय का परिणाम इससे भी अच्छा रहेगा- कमलेश कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य राजकीय आर्दश उच्च माध्यमिक विद्यालय, मरियाडा़।

Rajendra Jain
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