यहां मिलता है गरीबों का काजू, जिसकी मिठास है पहचान

Mahesh Bihari Sharma

Publish: Oct, 13 2017 08:01:00 (IST)

Dausa, Rajasthan, India
यहां मिलता है गरीबों का काजू, जिसकी मिठास है पहचान

लालसोट मंडी में 2700 बोरी मूंगफली तक पहुंची एक दिन की आवक

लालसोट. गरीबों का काजू माने जानी मंूगफली की फसल की बंपर आवक ने लालसोट कृषि उपज मंडी को कई माह बाद दोबारा आबाद कर दिया है। मंडी में इस माह की शुरुआत के साथ ही मंूगफली की आवक शुरू हुई थी और कुुछ ही दिनों में यह आवक करीब तीन हजार बोरी तक पहुंच चुकी है। फिलहाल ग्रामीण इलाकों में मूंगफली की कटाई का क्रम जोर शोर से जारी है और आने वाले दिनों में यह आवक बढ़कर पांच हजार तक पहुंचने अनुमान है।

 

मंूगफली की आवक के चलते इन दिनों मंडी में सुबह से ही जुगाड़ व ट्रैक्टर ट्रॉलियों की कतारें लग जाती है और दिन भर मंडी में दुकानों के आगे व प्लेटफार्म पर मूंगफली के ढेर जगह जगह लगे रहते हैं। जहां आढ़तिए नीलाम कर मूंगफली को बेच रहे हैं।

 


कई प्रदेशों में जाती है मूंगफली


लालसोट कृषि मंडी में हर वर्ष अक्टूबर व नवम्बर माह में मंूगफली की आवक के दौरान रौनक रहती है। इस दौरान कई प्रदेशों के बड़़े खरीददार तो लालसोट मंडी तक पहुंच जाते हैं। वे स्थानीय आढ़तियों के माध्यम ये खरीद करते हैं। इसके अलावा लालसोट मंडी से सीजन के दौरान मंूगफली प्रतिदिन गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, पं. बगंाल, हरियाणा व पंजाब प्रांतों तक ट्रकों में लोड होकर पहुंच रही है।

 

दो तीन साल पूर्व तक लालसोट मंडी से कांडला बंदरगाह के जरिए मंूगफली की सप्लाई पड़ौसी देश पाकिस्तान व खाड़ी देशों तक भी होती थी, लेकिन अब इस कार्य में भाड़ा व लागत अधिक बढऩे से आढ़तियों ने बंद कर दिया।

 


किसानों को मिल रहे कम दाम


लालसोट क्षेत्र में मूंगफली की फसल की हर बार अच्छी पैदावार होती है, लेकिन इस बार बारिश कम होने से मंूगफली की कम पैदावार हुई है। कम पैदावार होने के बाद भी किसानों को गत साल के मुकाबले इस साल काफी दाम मिल रहे हैं। मंडी में गत वर्ष 4000 रुपए से 4500 रुपए क्विंटल भाव तक मंूगफली बेची गई थी, लेकिन इस बार अब तक 3200 रुपए से 3700 रुपए तक के भाव पर ही मूंगफली बेची जा रही है। किसानों ने बताया कि मेहनत की कमाई का उचित भाव नही मिलने से निराश हैं।

 

बाजरे की आवक भी जारी


लालसोट व उपखण्ड की मंडावरी कृषि मंडी में इन दिनों बाजरे की आवक भी खूब हो रही है। दोनों मंडियों प्रतिदिन एक हजार बोरी बाजरे की आवक हो रही है। जिन्हें 1100 से 1200 रुपए प्रति क्विटंल के भाव तक बेचा जा रहा है। मंडावरी मंडी के अध्यक्ष रामजीलाल गांधी ने बताया कि मंडावरी मंडी में इन दिनों तिल की आवक भी खूब हो रही है। मंडी में प्रतिदिन 500 बोरी तिल की आवक बनी हुई है। जिन्हें 7000 से 7200 रुपए प्रति क्विटंल के भाव से बेचा जा रहा है।

 

लालसोट की मंूगफली प्रसिद्ध


ग्रेन मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल व महामंत्री दिनेश कालूवास ने बताया कि लालसोट की मूंगफली अपनी मिठास के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसी स्वाद केे चलते यहां की मूंगफली की हमेशा डिमांड भी बनी रहती है। इसके अलावा यहां की मूंगफली में तेल की मात्रा भी अधिक रहने से मिल मालिक भी लालसोट मंडी की मूंगफली को ही प्राथमिकता देते है। सीजन के दौरान तो क्षेत्र के लोग अपने रिश्तेदारों के यहां मूंगफली को सौगात के रुप में भी भेजते है।(नि.प्र.)

 

मंडी में मंूगफली की आवक


1 अक्टूबर 18
2 अक्टूबर 920
3 अक्टूबर 1499
4 अक्टूबर 1593
5 अक्टूबर 1474
6 अक्टूबर 1333
7 अक्टूबर 1527
8 अक्टूबर 72
9 अक्टूबर 2169
10 अक्टूबर 2660
11 अक्टूबर 2696 बोरी

 

वर्ष 2016


सितम्बर 2716
अक्टूबर 19695
नवम्बर 9194 क्वि.

 

वर्ष 2015


सितम्बर 1304
अक्टूबर 22318
नवम्बर 8538 क्वि.

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